Nashik TCS case: टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के नासिक बीपीओ में धर्मांतरण और शोषण का जो काला खेल चल रहा था, उसकी परतें अब पूरी तरह खुल चुकी हैं। पुलिस ने इस मामले में दानिश शेख समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि दानिश ने खुद को अविवाहित बताकर एक हिंदू सहकर्मी को शादी का झांसा दिया और उसका शारीरिक शोषण किया, जबकि वह पहले से शादीशुदा है और दो बच्चों का पिता है।
आपको बता दें कि इस सनसनीखेज मामले की शुरुआत फरवरी में हुई, जब पुलिस को सूचना मिली कि टीसीएस में काम करने वाली एक हिंदू युवती रमजान के रोजे रख रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने ‘कोवर्ट ऑपरेशन’ चलाया। चार पुलिसकर्मी हाउसकीपिंग स्टाफ (सफाई कर्मचारी) बनकर ऑफिस में दाखिल हुए और दो हफ्ते तक कर्मचारियों की हर हरकत पर नजर रखी। इस दौरान व्हाट्सएप चैट्स और वीडियो कॉल के जरिए चौंकाने वाले सबूत मिले।
मलेशियाई कनेक्शन और फंडिंग की जांच
जांच में यह बेहद गंभीर तथ्य सामने आया है कि पीड़ितों का ब्रेनवॉश करने के लिए मलेशिया से जुड़े एक उपदेशक इरमान को वीडियो कॉल के जरिए जोड़ा जाता था। पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों को खंगाल रही है ताकि धर्मांतरण के बदले मिलने वाली संदिग्ध फंडिंग का पता लगाया जा सके। इस मामले में फरार एचआर मैनेजर निदा खान की भूमिका सबसे अहम मानी जा रही है, आरोप है कि एचआर मैनेजर निदा खान कर्मचारियों पर प्रेशर डालती थी कि वे इस ट्रैप में फंसकर अपना धर्म परिवर्तन कर लें।
एसआईटी (SIT) कर रही है जांच
एसीपी (क्राइम) संदीप मिटके के नेतृत्व में गठित एसआईटी अब तक 9 एफआईआर दर्ज कर चुकी है। शिकायत करने वाली ज्यादातर युवतियां 18 से 25 वर्ष की हैं। पीड़ितों का आरोप है कि जो लड़कियां आरोपियों की बात नहीं मानती थीं, उन पर काम का बोझ बढ़ाकर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था।
पुलिस ने सात को गिरफ्तार
वहीं, इस मामले में अब तक पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी आसिफ अंसारी, दानिश शेख, शफी शेख, शाहरुख कुरैशी, रजा मेमन, तौसीफ अत्तर और अश्विन चैनानी को गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल अभी भी पुलिस मामले के तह में पहुंचने के लिए गहराई से छानबीन कर रही है।


