मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शनिवार को 2,387.60 करोड़ रुपये की नर्मदा-झाबुआ-पेटलावद-थांदला-सरदारपुर सूक्ष्म उद्वहन सिंचाई परियोजना का उद्घाटन किया। इस परियोजना से धार व झाबुआ जिलों के 260 गांवों में 57,422 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई होगी और करीब 72,000 किसानों को लाभ मिलेगा। अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने इस दौरान 188 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया।
उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 317.86 करोड़ रुपये की राशि हितग्राहियों के खातों में अंतरित भी की। यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में सरदार सरोवर बांध के बाद विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से धार-झाबुआ क्षेत्र को नर्मदा नदी का पानी मिल रहा है। उन्होंने कहा कि करीब 2,388 करोड़ रुपये की यह सूक्ष्म उद्वहन सिंचाई परियोजना क्षेत्र के किसानों के लिए बड़ी सौगात है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2002-03 तक प्रदेश में केवल 7.5 लाख हेक्टेयर भूमि पर सिंचाई होती थी लेकिन राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार बनने के बाद वर्ष 2023 तक सिंचाई का रकबा बढ़कर 40 लाख हेक्टेयर हो गया। उन्होंने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़ाकर 60 लाख हेक्टेयर किया गया है और सरकार का लक्ष्य इसे 100 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सड़क, रेल और हवाई सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है।
यादव ने कहा कि धार जिले को करीब 2,400 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात मिली है, इनमें सूक्ष्म उद्वहन सिंचाई परियोजना, 25 करोड़ रुपये की लागत से बने चार पुल, 15 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित स्कूल भवन, 50 बिस्तरों वाला अस्पताल और अन्य विकास कार्य शामिल हैं। उन्होंने बताया कि 188 करोड़ रुपये की लागत वाली 35 नई परियोजनाओं का भूमिपूजन भी किया जा रहा है। यादव ने कहा कि धार में जल्द ही मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल शुरू किया जाएगा।
प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री तथा धार जिले के प्रभारी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मुख्यमंत्री ने प्रदेश में 100 लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचित करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि सूक्ष्म उद्वहन सिंचाई परियोजना से क्षेत्र के 72,000 किसानों को लाभ मिलेगा। विजयवर्गीय ने दावा किया कि कांग्रेस के तत्कालीन मुख्यमंत्री ने इस परियोजना को असंभव बताया था।

