एमपी बोर्ड की 10वीं और 12वीं का रिजल्ट की तारीख तय, सीएम हाउस से जारी होंगे परीक्षा परिणाम

एमपी बोर्ड की 10वीं और 12वीं का रिजल्ट की तारीख तय, सीएम हाउस से जारी होंगे परीक्षा परिणाम

MP Board Result- माध्यमिक शिक्षा मंडल एमपी बोर्ड की कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षा देनेवाले परीक्षार्थियों का इंतजार खत्म होने वाला है। इन बोर्ड परीक्षाओं के परीक्षा परिणाम कल यानि 15 अप्रेल को घोषित किए जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार बुधवार सुबह 11 बजे बोर्ड परीक्षा परिणाम जारी किए जाएंगे। मुख्यमंत्री मोहन यादव भोपाल में सीएम हाउस से ये परिणाम जारी करेंगे। विद्यार्थी अपना रिजल्ट ऑनलाइन देख सकेंगे। मध्यप्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह के मुताबिक बोर्ड के परीक्षा परिणामों की हर स्तर पर जांच की जा चुकी है।

इस वर्ष प्रदेशभर से लगभग 16 लाख विद्यार्थी बोर्ड परीक्षाओं में शामिल हुए थे। इनमें 10वीं की परीक्षा में नौ लाख और 12वीं की परीक्षा में लगभग सात लाख विद्यार्थी थे। एमपी बोर्ड की दसवीं क्लास की परीक्षा 11 फरवरी से शुरु होकर 6 मार्च तक चली थी जबकि 12वीं क्लास की परीक्षा 10 फरवरी से 7 मार्च तक हुई थी।

यहां देख सकते हैं परिणाम

mpbse.nic.in
mpresults.nic.in
mpbse.mponline.gov.in
mpbse मोबाइल ऐप या mpmobile ऐप के जरिए भी रिजल्ट देखा जा सकता है।

स्कूलों ने सिलेबस में एनसीईआरटी को छोड़ा, विभाग ने दी मंजूरी:

एक ओर शिक्षा विभाग परीक्षा परिणामों में व्यस्त है दूसरी ओर राजधानी में किताबों की मनमानी रोकने विभाग की कार्रवाई कागजों तक ही सीमित है। एनसीआरटी की किताबें सिलेबस में शामिल करने पर नोटिस तो जारी हुए, लेकिन इस पर कार्रवाई नहीं की जा सकी है। इस दौरान बच्चों के बस्ते में निजी किताबें बढऩे में शिक्षा विभाग की भूमिका सामने आई। विभाग ने हर स्कूल से कक्षावार सिलेबस का जो ब्योरा मांगा उससे निजी किताबें नहीं हटाई गई। स्कूलों ने इसे मंजूरी की मुहर मानते हुए इन्हें अभिभावकों को थमा दिया।

बता दें, राजधानी में डेढ़ सौ सीबीएसई सहित 1200 प्राइवेट स्कूल हैं। एक अप्रेल से कक्षाओं की शुरुआत हो चुकी है। कलेक्टर के आदेश के आधार पर एनसीईआरटी किताबों पर जोर देेने और मनमानी करने पर कार्रवाई हुई। शिक्षा विभाग इस संबंध में 55 नोटिस जारी कर चुका है। इनमें ज्यादातर अभिभावकों की शिकायत के आधार पर दिए गए हैं।

स्कूल शिक्षा विभाग के संभागीय संचालक अरविद चौरगढ़े बताते हैं कि स्कूलों और किताबों की जांच के लिए जिला स्तर पर अधिकारी काम कर रहे हैं। इसके निर्देश हैं। जिला स्तर पर कार्रवाई जिला शिक्षा विभाग प्रशासन के निर्देशों पर काम रहा है। एनसीईआरटी किताबों की अनिवार्य के मापदंड के रिपोर्ट जमा कर रहे हैं। इसके साफ होते ही नए सिरे से कार्रवाई की जानी है।

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