भोजशाला में स्थापित करने लंदन से वापस लाई जाएगी मां वाग्देवी प्रतिमा, सीएम मोहन दे दिए संकेत

भोजशाला में स्थापित करने लंदन से वापस लाई जाएगी मां वाग्देवी प्रतिमा, सीएम मोहन दे दिए संकेत

Maa Vagdevi Idol Bhojshala : मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला के मामले में सामने आए इंदौर हाईकोर्ट के फैसले के बाद अब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की प्रतिक्रिया भी सामने आ गई है। उन्होंने हाईकोर्ट के फैसले पर खुशी जाहिर करते हुए न सिर्फ भोजशाला को वाग्देवी मंदिर के रूप में मान्यता दी। साथ ही, उन्होंने ब्रिटेन से मां वाग्देवी की प्रतिमा लाने की कवायद शुरु करने के भी संकेत दिए हैं।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उच्च न्यायालय के फैसले पर खुशी जताते हुए एक बयान में कहा कि, ये सांस्कृतिक विरासत और इतिहास के सम्मान का अहम पल है। वहीं, हिन्दू पक्ष ने आतिशबाजी और अबीर-गुलाल उड़ाकर खुशियां मनाईं। मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि राज्य सरकार भोजशाला की गरिमा के साथ-साथ राज्य में आपसी सौहार्द और सामाजिक सद्भावना को और मजबूत करेगी। उन्होंने कहा कि, एएसआई के संरक्षण और प्रबंधन में भोजशाला की गरिमा और मजबूत होगी। भक्तों के पूजा करने के अधिकार को सुनिश्चित किया जाएगा। केंद्र सरकार को मां वाग्देवी की प्रतिमा को ब्रिटेन से वापस भारत लाने पर विचार करने का निर्देश सराहनीय है। राज्य सरकार भी इस दिशा में जरूरी प्रयास करेगी।

सीएम ने X पर किया पोस्ट

इसके बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा- ‘माननीय उच्च न्यायालय द्वारा धार की ऐतिहासिक भोजशाला को संरक्षित स्मारक एवं मां वाग्देवी की आराधना स्थली मानते हुए दिया गया निर्णय हमारी सांस्कृतिक विरासत, आस्था और इतिहास के सम्मान का महत्वपूर्ण क्षण है। ASI के संरक्षण एवं प्रबंधन में भोजशाला की गरिमा और अधिक सुदृढ़ होगी तथा श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना का अधिकार सुनिश्चित होगा। मां वाग्देवी की प्रतिमा को UK से भारत वापस लाने के संबंध में केंद्र सरकार को विचार करने का निर्देश स्वागत योग्य है। इस दिशा में राज्य सरकार भी आवश्यक प्रयास करेगी।

हमारी संस्कृति सदैव ‘सर्वधर्म समभाव’, सामाजिक समरसता और भाईचारे की वाहक रही है। हम न्यायालय के निर्णय का पूर्ण सम्मान करते हैं और प्रदेश में सौहार्द, सांस्कृतिक गौरव एवं सामाजिक सद्भाव को और अधिक सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। माननीय न्यायालय का ये फैसला स्वागत योग्य है। राज्य सरकार इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जरूरी व्यवस्थाएं करने में पूरा सहयोग करेगी।

उमा भारती ने जताई खुशी

वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने कहा कि, वो इस फैसला से बेहद खुश हैं। उन्होंने एक्स पर लिखा, ‘माननीय हाईकोर्ट ने धार भोजशाला को वाग्देवी मंदिर के रूप में मान्यता दी है। धार भोजशाला एक मंदिर है, इसे साबित करने वाले सभी तथ्य पहले से ही साफ थे।’

हिन्दू पक्ष में उत्सव का माहौल

उधर, अदालत के फैसले के बाद हिन्दू पक्ष में उत्सव का माहौल है। भोजशाला परिसर के बाहर ज्योति मंदिर के पास हिन्दू समुदाय के लोगों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर बधाई दी। कुछ उत्साहित कार्यकर्ताओं ने नाच-गाने के साथ सड़कों पर आतिशबाजी भी की। भोज उत्सव समिति के उपाध्यक्ष सुमित चौधरी ने कहा कि, हिन्दू पक्ष का दशकों लंबा संघर्ष आज खत्म हो गया है। उन्होंने ये भी कहा कि, ये जीत उन कार्यकर्ताओं को समर्पित है, जिन्होंने 1935 में समिति की नींव रखी थी।

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