गोंडा शहर में भीषण गर्मी के बीच पेयजल संकट गहरा गया है यहां लगे अधिकतर सार्वजनिक वाटर कूलर खराब पड़े हैं, जिससे राहगीरों को पानी पीने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई वाटर कूलर से टोटियां भी गायब हैं। एक विभागीय जांच में शहर में लगे कुल 20 वाटर कूलरों में से 7 खराब पाए गए हैं। इनमें से पांच वाटर कूलर नए लगवाए जा रहे हैं, जबकि दो वाटर कूलर किस विभाग से संबंधित हैं, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। लेकिन अगर जमीनी हकीकत की बात करें तो कई वाटर कूलर खराब है लेकिन विभागीय रिपोर्ट में सिर्फ 7 ही दिखाया गया है। गोंडा मेडिकल कॉलेज के बाहर लगा वाटर कूलर पूरी तरह से खराब है और उसकी टोटी भी चोरी हो चुकी है। यहां पर प्रतिदिन हजारों की संख्या में मरीज उनके तीमारदार आते हैं और इस रास्ते से काफी संख्या में राहगीर भी जाते हैं जिन्हें दुकानों से पानी खरीद करके पीना पड़ रहा है। लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा इसी तरह गोंडा रोडवेज डिपो के पास लगे दोनों वाटर कूलर भी निष्क्रिय पड़े हैं और उनमें भी टोटियां गायब हैं। इन प्रमुख स्थानों पर वाटर कूलर खराब होने के कारण प्रतिदिन हजारों की संख्या में आने वाले यात्रियों और आम लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। उन्हें भीषण गर्मी में प्यास बुझाने में काफी परेशानी हो रही है। महंगे दामों में यहां पर राहगीर और यात्री पानी खरीद करके पी रहे हैं और किसी तरीके से इस भीषण गर्मी के बीच अपनी प्यास बुझा रहे हैं। गोंडा सिटी मजिस्ट्रेट पंकज कुमार वर्मा ने बताया कि गोंडा जलकल विभाग के माध्यम से जांच कराई गई थी। उन्होंने पुष्टि की कि 20 में से 7 वाटर कूलर खराब मिले हैं, जिनमें से पांच को बदलने का काम जारी है। उन्होंने यह भी बताया कि गोंडा नगर पालिका और स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा भी जगह-जगह पेयजल की व्यवस्था की गई है ताकि लोगों को गर्मी से परेशानी न हो।


