जोधपुर। महात्मा गांधी नरेगा योजना के तहत जिले में पड़ रही भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए कार्य समय में बदलाव किया गया है। जिला प्रशासन का कहना है कि श्रमिकों को तेज गर्मी से राहत देने और सुरक्षित वातावरण में काम सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। आयुक्त जयपुर के 15 मई 2026 के आदेश के अनुसार जिले में मनरेगा कार्यों का समय सुबह 5.30 बजे से दोपहर 12.30 बजे तक निर्धारित किया गया है। इस दौरान अलग से विश्राम काल नहीं रहेगा।
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जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीष कुमार मिश्रा की ओर से जारी आदेश के अनुसार महात्मा गांधी नरेगा अधिनियम 2005 की अनुसूची-1 के पैरा 19 के तहत श्रमिकों के लिए 8 घंटे की कार्य अवधि तय है, जिसमें 1 घंटे का विश्राम शामिल होता है।
30 जून 2026 तक लागू रहेगी व्यवस्था
आदेश में कहा गया है कि यदि कोई श्रमिक समूह तय टास्क समय से पहले पूरा कर लेता है तो वह कार्य की माप मेट के पास उपलब्ध मस्टरोल में दर्ज करवाकर तथा समूह मुखिया के हस्ताक्षर के बाद सुबह 11 बजे के पश्चात एनएमएमएस प्रक्रिया के अनुसार दूसरी पारी की हाजिरी दर्ज कर कार्यस्थल छोड़ सकेगा। यह व्यवस्था 30 जून 2026 तक लागू रहेगी। इसके बाद कार्य समय स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार जिला कलक्टर और जिला कार्यक्रम समन्वयक ईजीएस तय करेंगे।
नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित
वहीं दूसरी तरफ जिला कलक्टर आलोक रंजन के निर्देश पर जिले में पेयजल प्रबंधन और ग्रामीण क्षेत्रों में सुचारू जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अनुसार ग्राम जेठूसिंह नगर विभागीय सतही जल योजना आरडी-134 देवानिया-नाथडाऊ-शेरगढ़-चाबा योजना से जुड़ा हुआ है।
गांव में बने वीटीसी तक केतु मदा उच्च जलाशय से हर सप्ताह नियमित जलापूर्ति की जा रही है। वर्तमान में ग्राम जेठूसिंह नगर की आबादी 958 है तथा कुल 66 केएल जल मांग के अनुसार 25 एलपीसीडी मानक से पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा तेजसिंह अमानसिंह की ढाणी, जेठूसिंह नगर में जल जीवन मिशन के तहत स्थापित नलकूप भी सुचारू रूप से संचालित है। जिला प्रशासन की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा रही है तथा आमजन को बिना बाधा पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।


