Rajasthan Petrol-Diesel Crisis : राजस्थान में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की उपलब्धता को लेकर राज्य सरकार ने हर जिले में ईंधन स्टॉक और वितरण का दैनिक डेटा जारी करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने बुधवार को सचिवालय में हुई उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में कहा कि राज्य में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है तथा आमजन को घबराने या अतिरिक्त खरीदारी करने की जरूरत नहीं है। मुख्य सचिव ने भारत गैस के उपभोक्ताओं को 8 दिन में सिलेंडर की डिलीवरी होने व तेल कंपनी नायरा के प्रतिनिधियों के बैठक में नहीं होने पर पर नाराजगी जताई।
बैठक में तेल एवं गैस कंपनियों को निर्देश दिए गए कि वे जिला-वार ईंधन उपलब्धता और वितरण का डेटा प्रतिदिन सार्वजनिक करें। इसके साथ ही जिला स्तर पर स्टॉक और सप्लाई की दैनिक समीक्षा भी की जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह, कृत्रिम कमी या जमाखोरी की स्थिति पैदा न हो सके।
प्रदेश में ईंधन आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सामान्य और नियंत्रण में
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि प्रदेश में ईंधन आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सामान्य और नियंत्रण में है। राजस्थान देश के प्रमुख पाइपलाइन नेटवर्क से जुड़ा हुआ है, जिससे पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की नियमित सप्लाई लगातार जारी है। केंद्र सरकार ने भी भविष्य में आपूर्ति बाधित नहीं होने का आश्वासन दिया है।
पेट्रोल-डीजल के ड्रमों में खुली बिक्री पर सख्त निगरानी आदेश
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने पेट्रोल और डीजल के ड्रमों में खुली बिक्री पर सख्त निगरानी रखने के निर्देश देते हुए कहा कि अवैध बिक्री, जमाखोरी और संभावित लीकेज रोकने के लिए निगरानी तंत्र को और मजबूत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और नियमों के उल्लंघन पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में तीनों गैस व तेल कंपनियों के समन्वयक थे मौजूद
बैठक में तीनों गैस व तेल कंपनियों के समन्वयक मनोज गुप्ता, एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स फेडरेशन ऑफ राजस्थान के अध्यक्ष दीपक सिंह गहलोत, उपाध्यक्ष देवेन्द्र सिंह राठौड मौजूद थे।
तेल कंपनियों की मौखिक राशनिंग पर सोमवार को होगी सुनवाई
जोधपुर. अमरीका-ईरान युद्ध के चलते आपूर्ति संकट की आशंका के बीच तेल विपणन कंपनियों की ओर से राजस्थान में पेट्रोल-डीजल की बिक्री पर लगाई जा रही मौखिक पाबंदियों का मामला अब राजस्थान हाईकोर्ट पहुंच गया है। पेट्रोलियम डीलर्स डिस्ट्रीब्यूटर ट्रांसपोटर्स वैलफेयर एसोसिएशन की ओर से दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के न्यायाधीश मुकेश राजपुरोहित की एकल पीठ ने मामले की प्रतिलिपियां केंद्र सरकार के प्रतिनिधि अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल और तेल कंपनियों के अधिवक्ताओं को सौंपने के निर्देश दिए हैं। पीठ ने मामले की सुनवाई सोमवार को मुकर्रर की है।
याचिकाकर्ता एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष राजेन्द्र सिंह भाटी की ओर से दायर याचिका में कहा गया कि पिछले कुछ समय से हिंदुस्तान पेट्रोलियम, भारत पेट्रोलियम और इंडियन ऑयल के स्थानीय अधिकारियों की ओर से डीलर्स को व्हाट्सएप ग्रुप्स और मौखिक निर्देशों के जरिए ईंधन बिक्री सीमित करने के कड़े निर्देश दिए जा रहे हैं।
कंपनियों ने मौखिक तौर पर गाइडलाइंस जारी की हैं कि एक ट्रांजेक्शन में किसी भी सिंगल नोजल से 200 से 250 लीटर से अधिक डीजल न दिया जाए और एक ग्राहक को 5 हजार से अधिक की तेल बिक्री न की जाए।


