Mithi River Scam: मुंबई पुलिस आयुक्त कार्यालय पहुंचे Dino Morea, ईओडब्ल्यू की जांच में हुए शामिल

Mithi River Scam: मुंबई पुलिस आयुक्त कार्यालय पहुंचे Dino Morea, ईओडब्ल्यू की जांच में हुए शामिल

मुंबई की मीठी नदी से गाद निकालने के कथित घोटाले की जांच के बीच अभिनेता डिनो मोरिया मुंबई पुलिस आयुक्त के कार्यालय पहुंचे हैं। वह मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) की जांच में शामिल होने के लिए यहां पहुंचे हैं। ईओडब्ल्यू इस मामले में डिनो मोरिया की कथित कड़ियों को लेकर उनसे पूछताछ कर रही है।

जांच के दौरान डिनो मोरिया का नाम सामने आया था। इससे पहले भी ईओडब्ल्यू उनसे पूछताछ कर चुकी है। जांच एजेंसी ने उनके कुछ कथित वित्तीय लेन-देन को इस मामले में गिरफ्तार आरोपी केतन कदम से जोड़ा था। मई 2025 में ईओडब्ल्यू ने डिनो मोरिया और उनके भाई सैंटिनो मोरिया से पूछताछ की थी।

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क्या है मीठी नदी गाद निकालने का मामला?

मुंबई की मीठी नदी की सफाई और उससे गाद निकालने के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की ओर से अलग-अलग ठेके दिए गए थे। ईओडब्ल्यू की जांच में 2021-22 और 2022-23 के गाद निकालने के ठेकों में कथित वित्तीय अनियमितताओं की बात सामने आई।

जांच एजेंसी ने आरोप लगाया कि कुछ ठेकों में फर्जी दस्तावेज और गलत बिलिंग की गई। इसके अलावा गाद को दूसरी जगह ले जाकर डालने से जुड़े रिकॉर्ड में भी कथित तौर पर गड़बड़ी की गई।

ईओडब्ल्यू ने इस मामले में 13 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। इनमें बीएमसी के अधिकारी, ठेकेदार और कथित बिचौलिए शामिल थे। एजेंसी के मुताबिक, बीएमसी को 65.54 करोड़ रुपये से ज्यादा के कथित नुकसान की जांच की जा रही है।

जांच के दौरान कुछ ऐसे समझौता ज्ञापन भी सामने आए, जिनमें गाद डालने की जगहों का जिक्र था। ईओडब्ल्यू ने आरोप लगाया कि कुछ दस्तावेज फर्जी थे। एक मामले में ऐसी जमीन के मालिक के नाम का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई, जिसकी करीब दो दशक पहले मौत हो चुकी थी।

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डिनो मोरिया से क्यों हो रही पूछताछ?

जांच के दौरान ईओडब्ल्यू को डिनो मोरिया और गिरफ्तार आरोपी केतन कदम के बीच कथित वित्तीय लेन-देन की जानकारी मिली थी। रिपोर्टों के मुताबिक, जांच एजेंसी ने इन लेन-देन और दोनों के बीच संबंधों को लेकर मोरिया से पूछताछ की थी।

अब डिनो मोरिया मुंबई पुलिस आयुक्त के कार्यालय पहुंचे हैं और इस मामले की जांच में शामिल हो रहे हैं। ईओडब्ल्यू उनसे कथित वित्तीय लेन-देन और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं को लेकर सवाल-जवाब कर सकती है।

हालांकि, किसी व्यक्ति से पूछताछ होना अपने आप में अपराध साबित नहीं करता। डिनो मोरिया के खिलाफ आरोपों का अंतिम निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही होगा।

फर्जी फोटो-वीडियो जमा करने के आरोप में गिरफ्तारी

मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ ईओडब्ल्यू अलग-अलग आरोपियों, ठेकेदारों और उनसे जुड़े वित्तीय लेन-देन की पड़ताल कर रही है।

अगस्त 2025 में ईओडब्ल्यू ने एक ठेकेदार को कथित तौर पर गाद निकालने के काम के फर्जी फोटो और वीडियो जमा करने के आरोप में गिरफ्तार किया था।

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