नालंदा जिला मुख्यालय के बिहार थाना क्षेत्र अंतर्गत सूफी नगर मोहल्ले में आज बदमाशों ने सरेआम गोलीबारी कर बाप-बेटे को गंभीर रूप से जख्मी कर दिया। घायलों की पहचान मोहम्मद मोहन और उनके बेटे अली फरहान के रूप में हुई है। हमलावरों ने मोहम्मद मोहन के चेहरे पर निशाना साधा, जबकि उनके बेटे अली फरहान के सीने में गोली लगी है। घटना के तुरंत बाद परिजनों ने आनन-फानन में दोनों को इलाज के लिए स्थानीय मॉडल अस्पताल में भर्ती कराया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों मो.मोहन को बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया है। जख्मी अली फरहान के भाई ने बताया कि उसके पिता और भाई घर के पास खड़े थे, तभी मोहल्ले का ही ‘बेचू’ नाम का युवक अपने साथियों के साथ वहां पहुंचा। स्थानीय लोगों ने नहीं की मदद पीड़ित पक्ष का दावा है कि बिना किसी विवाद या पूछताछ के अचानक गोली चला दी गई। हमलावर मन्नू नाम के युवक के साथ सामान लेकर पहुंचा था और अचानक हिंसक हो गया। हैरानी की बात यह है कि घटना के वक्त वहां कई अन्य लोग भी मौजूद थे, लेकिन हमलावर के खौफ के कारण कोई बीच-बचाव करने नहीं आया। पीड़ित परिवार का कहना है कि उनकी किसी से कोई पुरानी रंजिश या दुश्मनी नहीं थी और हमला पूरी तरह अचानक किया गया। मोहम्मद मोहन की पत्नी तमन्ना ने रोते हुए बताया कि उनके पति नमाज पढ़कर लौटे थे और दूध लेकर घर के बाहर ही थे, तभी अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट और शोर सुनाई दिया। इस हमले में उनके मासूम बेटे को भी निशाना बनाया गया है, जिससे परिवार पूरी तरह सदमे में है। पुलिस ने सबूत को इकट्ठा किया इधर, सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और सदर डीएसपी वन नुरुल हक मौके पर पहुंचे और मामले की छानबीन शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल से सबूत इकट्ठा किए हैं और हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है। नालंदा जिला मुख्यालय के बिहार थाना क्षेत्र अंतर्गत सूफी नगर मोहल्ले में आज बदमाशों ने सरेआम गोलीबारी कर बाप-बेटे को गंभीर रूप से जख्मी कर दिया। घायलों की पहचान मोहम्मद मोहन और उनके बेटे अली फरहान के रूप में हुई है। हमलावरों ने मोहम्मद मोहन के चेहरे पर निशाना साधा, जबकि उनके बेटे अली फरहान के सीने में गोली लगी है। घटना के तुरंत बाद परिजनों ने आनन-फानन में दोनों को इलाज के लिए स्थानीय मॉडल अस्पताल में भर्ती कराया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों मो.मोहन को बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया है। जख्मी अली फरहान के भाई ने बताया कि उसके पिता और भाई घर के पास खड़े थे, तभी मोहल्ले का ही ‘बेचू’ नाम का युवक अपने साथियों के साथ वहां पहुंचा। स्थानीय लोगों ने नहीं की मदद पीड़ित पक्ष का दावा है कि बिना किसी विवाद या पूछताछ के अचानक गोली चला दी गई। हमलावर मन्नू नाम के युवक के साथ सामान लेकर पहुंचा था और अचानक हिंसक हो गया। हैरानी की बात यह है कि घटना के वक्त वहां कई अन्य लोग भी मौजूद थे, लेकिन हमलावर के खौफ के कारण कोई बीच-बचाव करने नहीं आया। पीड़ित परिवार का कहना है कि उनकी किसी से कोई पुरानी रंजिश या दुश्मनी नहीं थी और हमला पूरी तरह अचानक किया गया। मोहम्मद मोहन की पत्नी तमन्ना ने रोते हुए बताया कि उनके पति नमाज पढ़कर लौटे थे और दूध लेकर घर के बाहर ही थे, तभी अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट और शोर सुनाई दिया। इस हमले में उनके मासूम बेटे को भी निशाना बनाया गया है, जिससे परिवार पूरी तरह सदमे में है। पुलिस ने सबूत को इकट्ठा किया इधर, सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और सदर डीएसपी वन नुरुल हक मौके पर पहुंचे और मामले की छानबीन शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल से सबूत इकट्ठा किए हैं और हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है।


