भोजपुर में अनियंत्रित ऑटो ने साइकिल में टक्कर मार दी। हादसे में साइकिल सवार दूध कारोबारी की मौत हो गई। मृतक की पहचान नावां गांव निवासी लाल मोहर सिंह(65) के तौर पर हुई है। खेती करने के साथ-साथ दूध बेचने का काम करते थे। घटना नावां-रजमलडीह गांव स्थित पुल के पास की है। मृतक के बेटे बीरेंद्र ने बताया कि पिताजी रोज की तरह साइकिल से दूध लेकर डेयरी पर देने जा रहे थे। रास्ते में ओवर स्पीड ऑटो ने रौंद दिया। स्थानीय लोगों की सूचना पर मौके पर पहुंचा। खून से लथपथ पड़े हुए थे। आनन-फानन में इलाज के लिए अनुमंडलीय अस्पताल लेकर गए। जहां से डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद आरा सदर अस्पताल रेफर कर दिया। कुछ देर बाद इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घर में मचा कोहराम हादसे की सूचना पर स्थानीय पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। परिवार में पत्नी असरफी देवी, दो बेटे बीरेंद्र, विवेक और तीन बेटी ललिता कुमारी, आशा और धर्मशिला कुमारी है। पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। भोजपुर में अनियंत्रित ऑटो ने साइकिल में टक्कर मार दी। हादसे में साइकिल सवार दूध कारोबारी की मौत हो गई। मृतक की पहचान नावां गांव निवासी लाल मोहर सिंह(65) के तौर पर हुई है। खेती करने के साथ-साथ दूध बेचने का काम करते थे। घटना नावां-रजमलडीह गांव स्थित पुल के पास की है। मृतक के बेटे बीरेंद्र ने बताया कि पिताजी रोज की तरह साइकिल से दूध लेकर डेयरी पर देने जा रहे थे। रास्ते में ओवर स्पीड ऑटो ने रौंद दिया। स्थानीय लोगों की सूचना पर मौके पर पहुंचा। खून से लथपथ पड़े हुए थे। आनन-फानन में इलाज के लिए अनुमंडलीय अस्पताल लेकर गए। जहां से डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद आरा सदर अस्पताल रेफर कर दिया। कुछ देर बाद इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घर में मचा कोहराम हादसे की सूचना पर स्थानीय पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। परिवार में पत्नी असरफी देवी, दो बेटे बीरेंद्र, विवेक और तीन बेटी ललिता कुमारी, आशा और धर्मशिला कुमारी है। पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।


