Max Verstappen की जीत से Red Bull की वापसी, Formula 1 में मुकाबला हुआ कड़ा

Max Verstappen की जीत से Red Bull की वापसी, Formula 1 में मुकाबला हुआ कड़ा

फॉर्मूला 1 के मौजूदा सीजन में आगे की लड़ाई अब पहले से ज्यादा दिलचस्प होती दिख रही है। मैकलारेन के चालक ऑस्कर पियास्त्री का मानना है कि रेड बुल ने हाल की कुछ रेस में जिस तरह प्रदर्शन किया है, उससे टीम फिर से सबसे आगे रहने वाली टीमों के करीब पहुंच गई है। खास तौर पर मलेशिया में मैक्स वर्स्टापेन की जीत ने रेड बुल की वापसी को साफ तौर पर सामने रखा है।फॉर्मूला 1 के मौजूदा सीजन  में आगे की लड़ाई अब पहले से ज्यादा दिलचस्प होती दिख रही है। मैकलारेन के चालक ऑस्कर पियास्त्री का मानना है कि रेड बुल ने हाल की कुछ रेस में जिस तरह प्रदर्शन किया है, उससे टीम फिर से सबसे आगे रहने वाली टीमों के करीब पहुंच गई है। खास तौर पर मलेशिया में मैक्स वर्स्टापेन की जीत ने रेड बुल की वापसी को साफ तौर पर सामने रखा है।मलेशिया में वर्स्टापेन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इस सीजन  में रेड बुल को पहली जीत दिलाई। यह उनके फॉर्मूला 1 करियर की 72वीं जीत भी थी। रेस के दौरान रेड बुल की गति इतनी मजबूत रही कि पियास्त्री को लगा कि टीम ने सिर्फ एक रेस में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया, बल्कि पिछले कुछ मुकाबलों में लगातार सुधार किया है।बता दें कि सीजन की शुरुआत में मर्सिडीज सबसे मजबूत टीम के रूप में नजर आ रही थी। फेरारी उसके सबसे करीब थी, जबकि बाद में मैकलारेन ने भी शीर्ष की लड़ाई में अपनी जगह बनाई। अब सीजन के अंतिम हिस्से में रेड बुल की वापसी ने इस मुकाबले को और कड़ा कर दिया है।पियास्त्री के मुताबिक, रेड बुल का असली सुधार अजरबैजान ग्रां प्री से ही दिखाई देने लगा था। उनका मानना है कि बाकू में रेड बुल के बेहतर प्रदर्शन पर उतना ध्यान नहीं गया, क्योंकि वर्स्टापेन आगे की कतार से शुरुआत नहीं कर सके थे और बाद में उनकी कार में इंजन से जुड़ी समस्या भी आई थी।पियास्त्री ने कहा कि अगर वर्स्टापेन ने बाकू में आगे से शुरुआत की होती तो वह मर्सिडीज के जॉर्ज रसेल को पूरे मुकाबले के दौरान कड़ी चुनौती दे सकते थे। रेस के अंतिम हिस्से में भी वर्स्टापेन ने रसेल पर काफी दबाव बनाया था। उनके मुताबिक, अजरबैजान में रेड बुल की कार में किए गए बदलाव बड़े थे, लेकिन उनका असर उस समय पूरी तरह सामने नहीं आ सका।मलेशिया में हालांकि स्थिति अलग रही। वहां वर्स्टापेन और रेड बुल का प्रदर्शन इतना मजबूत था कि पियास्त्री ने उन्हें रेस की सबसे तेज कार और चालक का संयोजन बताया। यह प्रदर्शन ऐसे समय आया है जब सीजन  अपने अंतिम चरण में पहुंच रहा है और शीर्ष टीमों के बीच अंतर कम होता जा रहा है।पियास्त्री ने यह भी माना कि मैकलारेन और फेरारी के प्रदर्शन में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। कभी एक टीम मजबूत दिखती है तो कभी दूसरी आगे निकल जाती है। वहीं, लंबे समय से मर्सिडीज को सबसे मजबूत टीम माना जाता रहा है। लेकिन पियास्त्री का कहना है कि पिछले कुछ हफ्तों में रेड बुल भी अब मर्सिडीज के स्तर के करीब पहुंच गई है।गौरतलब है कि रेड बुल की यह वापसी मैक्स वर्स्टापेन के लिए भी अहम है। लंबे समय तक जीत से दूर रहने के बाद मलेशिया में मिली सफलता ने टीम का आत्मविश्वास बढ़ाया है। मौजूद जानकारी के अनुसार, अगर रेड बुल इसी रफ्तार से सुधार जारी रखती है तो सीजन  के बचे मुकाबलों में मर्सिडीज, मैकलारेन, फेरारी और रेड बुल के बीच मुकाबला काफी कड़ा हो सकता है और फॉर्मूला 1 के प्रशंसकों को आगे कई रोमांचक रेस देखने को मिल सकती हैं। 

फॉर्मूला 1 के मौजूदा सीजन में आगे की लड़ाई अब पहले से ज्यादा दिलचस्प होती दिख रही है। मैकलारेन के चालक ऑस्कर पियास्त्री का मानना है कि रेड बुल ने हाल की कुछ रेस में जिस तरह प्रदर्शन किया है, उससे टीम फिर से सबसे आगे रहने वाली टीमों के करीब पहुंच गई है। खास तौर पर मलेशिया में मैक्स वर्स्टापेन की जीत ने रेड बुल की वापसी को साफ तौर पर सामने रखा है।

फॉर्मूला 1 के मौजूदा सीजन  में आगे की लड़ाई अब पहले से ज्यादा दिलचस्प होती दिख रही है। मैकलारेन के चालक ऑस्कर पियास्त्री का मानना है कि रेड बुल ने हाल की कुछ रेस में जिस तरह प्रदर्शन किया है, उससे टीम फिर से सबसे आगे रहने वाली टीमों के करीब पहुंच गई है। खास तौर पर मलेशिया में मैक्स वर्स्टापेन की जीत ने रेड बुल की वापसी को साफ तौर पर सामने रखा है।

मलेशिया में वर्स्टापेन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इस सीजन  में रेड बुल को पहली जीत दिलाई। यह उनके फॉर्मूला 1 करियर की 72वीं जीत भी थी। रेस के दौरान रेड बुल की गति इतनी मजबूत रही कि पियास्त्री को लगा कि टीम ने सिर्फ एक रेस में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया, बल्कि पिछले कुछ मुकाबलों में लगातार सुधार किया है।

बता दें कि सीजन की शुरुआत में मर्सिडीज सबसे मजबूत टीम के रूप में नजर आ रही थी। फेरारी उसके सबसे करीब थी, जबकि बाद में मैकलारेन ने भी शीर्ष की लड़ाई में अपनी जगह बनाई। अब सीजन के अंतिम हिस्से में रेड बुल की वापसी ने इस मुकाबले को और कड़ा कर दिया है।

पियास्त्री के मुताबिक, रेड बुल का असली सुधार अजरबैजान ग्रां प्री से ही दिखाई देने लगा था। उनका मानना है कि बाकू में रेड बुल के बेहतर प्रदर्शन पर उतना ध्यान नहीं गया, क्योंकि वर्स्टापेन आगे की कतार से शुरुआत नहीं कर सके थे और बाद में उनकी कार में इंजन से जुड़ी समस्या भी आई थी।

पियास्त्री ने कहा कि अगर वर्स्टापेन ने बाकू में आगे से शुरुआत की होती तो वह मर्सिडीज के जॉर्ज रसेल को पूरे मुकाबले के दौरान कड़ी चुनौती दे सकते थे। रेस के अंतिम हिस्से में भी वर्स्टापेन ने रसेल पर काफी दबाव बनाया था। उनके मुताबिक, अजरबैजान में रेड बुल की कार में किए गए बदलाव बड़े थे, लेकिन उनका असर उस समय पूरी तरह सामने नहीं आ सका।

मलेशिया में हालांकि स्थिति अलग रही। वहां वर्स्टापेन और रेड बुल का प्रदर्शन इतना मजबूत था कि पियास्त्री ने उन्हें रेस की सबसे तेज कार और चालक का संयोजन बताया। यह प्रदर्शन ऐसे समय आया है जब सीजन  अपने अंतिम चरण में पहुंच रहा है और शीर्ष टीमों के बीच अंतर कम होता जा रहा है।

पियास्त्री ने यह भी माना कि मैकलारेन और फेरारी के प्रदर्शन में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। कभी एक टीम मजबूत दिखती है तो कभी दूसरी आगे निकल जाती है। वहीं, लंबे समय से मर्सिडीज को सबसे मजबूत टीम माना जाता रहा है। लेकिन पियास्त्री का कहना है कि पिछले कुछ हफ्तों में रेड बुल भी अब मर्सिडीज के स्तर के करीब पहुंच गई है।

गौरतलब है कि रेड बुल की यह वापसी मैक्स वर्स्टापेन के लिए भी अहम है। लंबे समय तक जीत से दूर रहने के बाद मलेशिया में मिली सफलता ने टीम का आत्मविश्वास बढ़ाया है। मौजूद जानकारी के अनुसार, अगर रेड बुल इसी रफ्तार से सुधार जारी रखती है तो सीजन  के बचे मुकाबलों में मर्सिडीज, मैकलारेन, फेरारी और रेड बुल के बीच मुकाबला काफी कड़ा हो सकता है और फॉर्मूला 1 के प्रशंसकों को आगे कई रोमांचक रेस देखने को मिल सकती हैं।

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