अमेरिका की चिप बनाने वाली कंपनी मार्वेल टेक्नोलॉजी ने गूगल के साथ एक बड़े व्यावसायिक समझौते की जानकारी दी है। 29 जुलाई 2026 को हुए इस समझौते के तहत दोनों कंपनियां एआई और डेटा सेंटर से जुड़ी जरूरतों के लिए खास तरह के सेमीकंडक्टर उत्पाद विकसित करेंगी। इस सहयोग में एआई के लिए अनुमान लगाने वाले एक्सीलेटर, भंडारण कंट्रोलर, नेटवर्क संपर्क कंट्रोलर, मेमोरी संपर्क कंट्रोलर और मेमोरी के पास गणना करने वाली तकनीक शामिल हैं।
मौजूद जानकारी के अनुसार, इस समझौते के तहत गूगल को मार्वेल के सामान्य शेयर खरीदने का विशेष अधिकार भी दिया गया है। मार्वेल ने गूगल को कुल 5,89,70,907 शेयर खरीदने का अधिकार देने वाला वारंट जारी किया है। इन शेयरों को 206.58 डॉलर प्रति शेयर की कीमत पर खरीदा जा सकेगा। यह अधिकार 18 अगस्त 2033 तक लागू रहेगा, हालांकि शेयरों पर अधिकार मिलने के लिए तय शर्तों को पूरा करना जरूरी होगा।
समझौते के तहत 13,60,867 शेयर पहले साल के दौरान हर तीन महीने में बराबर हिस्सों में गूगल को उपलब्ध होंगे। बाकी शेयरों का अधिकार गूगल और उससे जुड़ी कंपनियों द्वारा मार्वेल के खास उत्पादों की खरीद से होने वाली आमदनी के आधार पर तय होगा। वित्त वर्ष 2027 की तीसरी तिमाही से वित्त वर्ष 2033 के अंत तक हर 50 करोड़ डॉलर की खरीद पर शेयरों का एक हिस्सा उपलब्ध होगा। इस तरह गूगल की ओर से मार्वेल के उत्पादों की मांग बढ़ने पर उसे अधिक शेयर हासिल करने का मौका मिलेगा।
गौरतलब है कि एआई के बढ़ते इस्तेमाल के साथ बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियां अपने लिए खास चिप और कंप्यूटिंग ढांचा तैयार करने पर तेजी से खर्च कर रही हैं। ऐसे में मार्वेल और गूगल का यह समझौता दोनों कंपनियों के लिए अहम माना जा रहा है। खास तौर पर आंकड़ा केंद्रों में एआई से जुड़े काम के लिए तेज और ऊर्जा-कुशल चिप की मांग लगातार बढ़ रही है।
मार्वेल के मुताबिक, वारंट और उसके तहत जारी होने वाले शेयर अमेरिकी प्रतिभूति कानून की कुछ निर्धारित छूट के तहत पंजीकरण से मुक्त रहने की उम्मीद है। गूगल इन शेयरों को अपनी नियंत्रित कंपनियों को छोड़कर सामान्य तौर पर दूसरी जगह हस्तांतरित नहीं कर सकेगा, जब तक मार्वेल की मंजूरी न हो।
कंपनी के कारोबार की बात करें तो पिछले एक साल में मार्वेल की आमदनी में 34 प्रतिशत की तेजी दर्ज हुई है। विश्लेषकों की नजर भी कंपनी के आंकड़ा केंद्र कारोबार पर बनी हुई है। स्टिफेल ने मार्वेल के लिए खरीदारी की सलाह बरकरार रखते हुए 350 डॉलर का लक्ष्य दिया है। वहीं टीडी कोवेन ने लक्ष्य बढ़ाकर 225 डॉलर और गोल्डमैन सैक्स ने 195 डॉलर किया है। हालांकि, एर्स्टे समूह ने ऊंचे मूल्यांकन का हवाला देते हुए अपनी राय खरीदारी से घटाकर रखने की कर दी है।
बता दें कि मार्वेल ने जुलाई तिमाही में करीब 270 करोड़ डॉलर की आमदनी का अनुमान जताया है। कंपनी के आंकड़ा केंद्र कारोबार में मजबूती को देखते हुए निवेशकों की नजर अब इस समझौते से मिलने वाले लंबे समय के कारोबारी लाभ पर टिकी हुई हैं।

