मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड ने अपने चुनिंदा कार मॉडलों की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। कंपनी के मुताबिक सितंबर 2026 से लागू होने वाली इस बढ़ोतरी के तहत कुछ मॉडलों की कीमत अधिकतम 20 हजार रुपये तक बढ़ सकती है। हालांकि, सभी कारों पर इतनी ही बढ़ोतरी लागू नहीं होगी और वास्तविक बढ़त मॉडल तथा उसके संस्करण के आधार पर अलग-अलग होगी।
मौजूदा जानकारी के अनुसार, मारुति सुजुकी ने कीमतों में बदलाव के पीछे लगातार बढ़ रही उत्पादन लागत को प्रमुख कारण बताया है। कंपनी का कहना है कि पिछले कुछ समय से कच्चे माल और अन्य जरूरी खर्चों में लगातार दबाव बना हुआ है। इसके साथ ही महंगाई से जुड़ी परिस्थितियों ने भी वाहन निर्माण की कुल लागत को प्रभावित किया है।
कंपनी ने नियामकीय जानकारी में बताया है कि बढ़ती लागत के असर को कम करने के लिए पिछले कई महीनों से खर्च घटाने के उपाय किए जा रहे हैं। इसके बावजूद लागत में लगातार हो रही बढ़ोतरी को पूरी तरह अपने स्तर पर संभालना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में अतिरिक्त खर्च का एक हिस्सा ग्राहकों पर डालने का निर्णय लिया गया है।
गौरतलब है कि यह मारुति सुजुकी की वित्त वर्ष 2026-27 में कीमतों में तीसरी बढ़ोतरी है। इससे पहले जून में कंपनी ने कुछ मॉडलों की कीमतों में अधिकतम 30 हजार रुपये तक की वृद्धि की थी। इसके बाद अगस्त में भी अधिकतम 30 हजार रुपये तक की एक और बढ़ोतरी की गई थी। हालांकि, इसका यह मतलब नहीं है कि किसी एक कार की कीमत तीनों बढ़ोतरी को जोड़कर उतनी ही बढ़ गई है। हर बार कीमत में बदलाव अलग-अलग मॉडल और संस्करण के हिसाब से किया जाता है।
बता दें कि मारुति सुजुकी देश के यात्री वाहन बाजार में सबसे बड़ा और व्यापक उत्पाद समूह रखने वाली कंपनियों में शामिल है। इसके वाहन छोटे शुरुआती श्रेणी के मॉडलों से लेकर बहुउद्देश्यीय वाहनों और खेल उपयोगिता वाहनों तक फैले हुए हैं। इसलिए सितंबर की नई बढ़ोतरी का असर अलग-अलग ग्राहकों पर अलग-अलग हो सकता है।
फिलहाल कंपनी ने प्रत्येक मॉडल और संस्करण की संशोधित कीमतों का पूरा ब्योरा सार्वजनिक नहीं किया है। नई कीमतें सामने आने के बाद यह साफ होगा कि किस वाहन की कीमत कितनी बढ़ी है। लगातार होने वाली ऐसी बढ़ोतरी का सीधा असर नई कार खरीदने वाले ग्राहकों के बजट पर पड़ सकता है। खासकर वे लोग जो पहले से तय बजट के साथ वाहन खरीदने की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें नई कीमतों के बाद अपनी योजना में बदलाव करना पड़ सकता है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, वाहन कंपनियां बढ़ती लागत के बीच कीमतों को चरणबद्ध तरीके से बढ़ाने की रणनीति अपना रही हैं। इससे एक साथ बड़ी वृद्धि करने के बजाय लागत का कुछ हिस्सा अलग-अलग समय पर ग्राहकों तक पहुंचाया जाता है। मारुति सुजुकी का कहना है कि वह लागत को नियंत्रित करने के प्रयास जारी रखेगी और ग्राहकों पर बढ़ते खर्च का असर कम से कम रखने की कोशिश करती रहेगी।

