मारुति सुजुकी इंडिया के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) हिसाशी ताकेउची ने सोमवार को कहा कि कंपनी ने क्षमता विस्तार, नए मॉडल और अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) समेत अन्य जरूरतों के लिए वित्त वर्ष 2030-31 तक पांच साल के लिए पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) बढ़ाकर 77,500 करोड़ रुपये कर दिया है।
देश की प्रमुख कार विनिर्माता कंपनी की वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में शेयरधारकों के सवालों का जवाब देते हुए ताकेउची ने आश्वासन दिया कि वर्ष 2008 से बनी सभी कार ई-20 ईंधन के अनुकूल हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘ वित्त वर्ष 2026-27 के लिए हमने एक साल में पूंजीगत व्यय करीब 40 प्रतिशत बढ़ाकर 14,000 करोड़ रुपये करने की योजना बनाई है, जो पिछले साल करीब 10,000 करोड़ रुपये था। वित्त वर्ष 2026-27 से वित्त वर्ष 2030-31 तक पूंजीगत व्यय 77,500 करोड़ रुपये करने की योजना है।’’
ताकेउची ने इस निवेश के इस्तेमाल के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा, ‘‘ पूंजीगत व्यय का इस्तेमाल क्षमता विस्तार, नए मॉडल के विकास, अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी), संयंत्र संबंधी सुधारों, विपणन तथा बिक्री बुनियादी ढांचे, कार्बन उत्सर्जन कम करने से जुड़े उपायों और लॉजिस्टिक्स आदि के लिए किया जाएगा।’’
मारुति सुजुकी इंडिया की मूल कंपनी सुजुकी मोटर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष तोशिहिरो सुजुकी ने भारत में कंपनी का कारोबार मजबूत करने के लिए अगले पांच से छह साल में 70,000 करोड़ रुपये निवेश करने की पिछले साल घोषणा की थी।
इस बीच, ई-20 ईंधन की अनुकूलता से जुड़े एक अन्य सवाल पर ताकेउची ने कहा, ‘‘ मैं आश्वस्त करना चाहता हूं कि हमारे सभी मौजूदा वाहन ई20 ईंधन के अनुकूल हैं। वास्तव में, हमने 2008 से ही एथनॉल के इस्तेमाल की अनुकूलता में सुधार किया है। इसलिए 2008 से हमारे सभी वाहन ई20 ईंधन के अनुकूल हैं।’’
ई-20 पेट्रोल वह ईंधन है जिसमें 80 प्रतिशत सामान्य पेट्रोल और 20 प्रतिशत एथनॉल का मिश्रण होता है।

