दरभंगा के बहेड़ी थाना क्षेत्र में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। मृतका के मायके वालों ने इसे दहेज हत्या बताया है और ससुराल पक्ष पर मर्डर कर सबूत मिटाने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर ससुराल पक्ष का दावा है कि विवाहिता ने दवा खाकर आत्महत्या की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मृतका की पहचान बहेड़ी थाना क्षेत्र के कुशियाम गांव निवासी रौशनी देवी (22) के रूप में हुई है। इस मामले को लेकर मृतका के दादा बहेड़ा थाना क्षेत्र के कोठबन्ना गांव निवासी मंगल तांती ने बहेड़ी थाना में आवेदन देकर पति समेत सात लोगों को नामजद आरोपी बनाया है। परिजनों के अनुसार रौशनी देवी ने लगभग तीन साल पहले दिल्ली में रमण दास नाम के युवक से प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद दोनों पति-पत्नी कुशियाम गांव में रहने लगे। इस दौरान रौशनी देवी को दो बेटियां हुईं, जिनकी उम्र करीब एक साल और दो साल है। आरोप है कि दो बेटियों के जन्म के बाद ससुराल पक्ष का व्यवहार बदल गया और दहेज की मांग को लेकर उसे लगातार प्रताड़ित किया जाने लगा। दो लाख रुपये कैश मांगने का आरोप आवेदन में कहा गया है कि ससुराल वाले दो लाख रुपये कैश, दो भरी सोना, बुलेट मोटरसाइकिल, फर्नीचर और वाशिंग मशीन की मांग कर रहे थे। मांग पूरी नहीं होने पर रौशनी देवी के साथ मारपीट और मानसिक प्रताड़ना की जाती थी। परिजनों ने आरोप लगाया कि 27 मई की रात मृतका की ननद झूना देवी, जो अपने ससुराल से आई हुई थी, ने अन्य परिजनों के साथ मिलकर रौशनी देवी के साथ मारपीट की। इसके बाद 28 मई की सुबह मायके पक्ष को सूचना मिली कि रौशनी देवी की मौत हो गई है। परिजनों ने आशंका जताई है कि रौशनी देवी की हत्या गला दबाकर और मारपीट कर की गई है। साथ ही डीएमसीएच में हो रहे पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी कराने की भी मांग उठाई है, ताकि जांच निष्पक्ष तरीके से हो सके। गुरुवार सुबह डीएमसीएच में पोस्टमार्टम प्रक्रिया के दौरान मृतका के पति, सास और कुछ पड़ोसी मौजूद थे। बेंता थाना पुलिस स्वजनों का बयान दर्ज करने की तैयारी कर रही थी। इसी दौरान बहेड़ी पुलिस की ओर से जानकारी दी गई कि मृतका के मायके पक्ष के लोगों ने दिल्ली से फोन पर पति पर हत्या का आरोप लगाया है। इसके बाद बेंता पुलिस ने पति रमण दास को हिरासत में ले लिया और मृतका के पिता व भाई के आने का इंतजार करने लगी। मायके पक्ष के लोग दिल्ली से दरभंगा के लिए रवाना हो चुके हैं। ससुराल पक्ष ने खुद को निर्दोष बताया है। मृतका की सास गीता देवी ने कहा कि उनका बेटा रमण दास निर्दोष है और रौशनी देवी ने गुस्से में आकर जूं मारने वाली दवा खा ली थी। बेटा पटना के एक टेंट हाउस में मजदूरी करता है और मंगलवार रात ही घर लौटा था। बुधवार को बहू और बेटे के बीच मायके जाने की बात को लेकर हल्की कहासुनी हुई थी, जिसके बाद रौशनी देवी ने जहरीला पदार्थ खा लिया। घटना के बाद घर में मातम पसरा हुआ है। मृतका की दो मासूम बेटियां अपनी दादी से लिपटकर रोती-बिलखती नजर आईं। बहेड़ी थाना अध्यक्ष सूरज कुमार गुप्ता ने बताया कि मृतका के दादा के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। एफएसएल टीम को बुलाकर सबूत जुटाए जा रहे हैं और पुलिस मामले की सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। दरभंगा के बहेड़ी थाना क्षेत्र में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। मृतका के मायके वालों ने इसे दहेज हत्या बताया है और ससुराल पक्ष पर मर्डर कर सबूत मिटाने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर ससुराल पक्ष का दावा है कि विवाहिता ने दवा खाकर आत्महत्या की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मृतका की पहचान बहेड़ी थाना क्षेत्र के कुशियाम गांव निवासी रौशनी देवी (22) के रूप में हुई है। इस मामले को लेकर मृतका के दादा बहेड़ा थाना क्षेत्र के कोठबन्ना गांव निवासी मंगल तांती ने बहेड़ी थाना में आवेदन देकर पति समेत सात लोगों को नामजद आरोपी बनाया है। परिजनों के अनुसार रौशनी देवी ने लगभग तीन साल पहले दिल्ली में रमण दास नाम के युवक से प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद दोनों पति-पत्नी कुशियाम गांव में रहने लगे। इस दौरान रौशनी देवी को दो बेटियां हुईं, जिनकी उम्र करीब एक साल और दो साल है। आरोप है कि दो बेटियों के जन्म के बाद ससुराल पक्ष का व्यवहार बदल गया और दहेज की मांग को लेकर उसे लगातार प्रताड़ित किया जाने लगा। दो लाख रुपये कैश मांगने का आरोप आवेदन में कहा गया है कि ससुराल वाले दो लाख रुपये कैश, दो भरी सोना, बुलेट मोटरसाइकिल, फर्नीचर और वाशिंग मशीन की मांग कर रहे थे। मांग पूरी नहीं होने पर रौशनी देवी के साथ मारपीट और मानसिक प्रताड़ना की जाती थी। परिजनों ने आरोप लगाया कि 27 मई की रात मृतका की ननद झूना देवी, जो अपने ससुराल से आई हुई थी, ने अन्य परिजनों के साथ मिलकर रौशनी देवी के साथ मारपीट की। इसके बाद 28 मई की सुबह मायके पक्ष को सूचना मिली कि रौशनी देवी की मौत हो गई है। परिजनों ने आशंका जताई है कि रौशनी देवी की हत्या गला दबाकर और मारपीट कर की गई है। साथ ही डीएमसीएच में हो रहे पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी कराने की भी मांग उठाई है, ताकि जांच निष्पक्ष तरीके से हो सके। गुरुवार सुबह डीएमसीएच में पोस्टमार्टम प्रक्रिया के दौरान मृतका के पति, सास और कुछ पड़ोसी मौजूद थे। बेंता थाना पुलिस स्वजनों का बयान दर्ज करने की तैयारी कर रही थी। इसी दौरान बहेड़ी पुलिस की ओर से जानकारी दी गई कि मृतका के मायके पक्ष के लोगों ने दिल्ली से फोन पर पति पर हत्या का आरोप लगाया है। इसके बाद बेंता पुलिस ने पति रमण दास को हिरासत में ले लिया और मृतका के पिता व भाई के आने का इंतजार करने लगी। मायके पक्ष के लोग दिल्ली से दरभंगा के लिए रवाना हो चुके हैं। ससुराल पक्ष ने खुद को निर्दोष बताया है। मृतका की सास गीता देवी ने कहा कि उनका बेटा रमण दास निर्दोष है और रौशनी देवी ने गुस्से में आकर जूं मारने वाली दवा खा ली थी। बेटा पटना के एक टेंट हाउस में मजदूरी करता है और मंगलवार रात ही घर लौटा था। बुधवार को बहू और बेटे के बीच मायके जाने की बात को लेकर हल्की कहासुनी हुई थी, जिसके बाद रौशनी देवी ने जहरीला पदार्थ खा लिया। घटना के बाद घर में मातम पसरा हुआ है। मृतका की दो मासूम बेटियां अपनी दादी से लिपटकर रोती-बिलखती नजर आईं। बहेड़ी थाना अध्यक्ष सूरज कुमार गुप्ता ने बताया कि मृतका के दादा के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। एफएसएल टीम को बुलाकर सबूत जुटाए जा रहे हैं और पुलिस मामले की सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।


