16 साल में शादी…दो प्रेमी और लग्जरी लाइफ:बॉयफ्रेंड को मरवाने वाली महिला की कहानी; शव फेंककर दूसरे प्रेमी संग उज्जैन-मुंबई घूमी

16 साल में शादी…दो प्रेमी और लग्जरी लाइफ:बॉयफ्रेंड को मरवाने वाली महिला की कहानी; शव फेंककर दूसरे प्रेमी संग उज्जैन-मुंबई घूमी

बचपन में मां-बाप खोए, 16 साल में शादी हुई… फिर जीवन में बचपन का प्यार लौटा तो उसने करोड़ रुपए की एफडी करा दी। आधा किलो सोना, 50 लाख रुपए का मकान दिलाया और भरपूर ऐशो-आराम दिए। करोड़ों की लग्जरी लाइफ मिली तो सोशल मीडिया के जरिए दूसरा प्रेमी जिंदगी में आया। आखिरकार प्यार, पैसा और धोखे की कहानी रायसेन जिले के नागिन मोड़ ब्रिज के नीचे मिली सड़ी लाश पर खत्म हुई। यह कहानी है उस महिला की, जिसने गरीबी और अकेलेपन से निकलकर लग्जरी जिंदगी का स्वाद चखा… और फिर उसी चमक-दमक को बचाने के लिए हत्या की साजिश रच डाली। राजस्थान के भीलवाड़ा निवासी वीरू उर्फ पप्पू जाट को शायद अंदाजा भी नहीं था कि जिस महिला के बुलावे पर वह 900 किलोमीटर दूर नरसिंहपुर पहुंच रहा है, वही उसकी मौत का जाल बिछा चुकी है। बचपन के प्रेमी और उसके दोस्त के साथ मिलकर उसने हत्या की। बॉडी फेंककर उज्जैन-मुंबई घूमे। एक नोटबुक पर मिले टीचर के साइन से पुलिस ने आरोपियों को पकड़ा। दैनिक भास्कर ने इस पूरे मामले को विस्तार से जाना। पढ़िए रिपोर्ट… पहले पूरा मामला समझिए 7 मई को रायसेन जिले के नागिन मोड़ सिरवारा ब्रिज के नीचे सड़ी-गली लाश मिली थी। शव की हालत इतनी बुरी थी कि उसका चेहरा पहचानना तक मुश्किल हो गया। उसके हाथ-पैर बंधे हुए थे। मुंह पर टेप लगी थी। जांच पड़ताल में मामला प्रेम संबंध से जुड़ा निकला। एसपी आशुतोष गुप्ता ने रविवार को इस हत्याकांड का खुलासा किया। उन्होंने बताया नरसिंहपुर जिले में महिला ने अपने बचपन के प्रेमी और उसके दोस्त के साथ मिलकर दूसरे प्रेमी की हत्या कर दी। महिला ने पहले उसे 900 किलोमीटर दूर बुलाया, यहीं मारा। आरोपियों ने घर में फैला खून साफ किया। शव के हाथ-पैर बांधकर मुंह पर टेप लगाया। बोरी में पैक कर करीब 200 किमी दूर रायसेन जिले में 40 फीट गहरी खाई में फेंक दिया। पुलिस के मुताबिक, मृतक की पहचान राजस्थान के भीलवाड़ा निवासी वीरू उर्फ पप्पू जाट (32) के रूप में हुई। तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। अब पूरी कहानी जान लीजिए आरोपी रीना पटेल मूल रूप से नरसिंहपुर जिले की साईंखेड़ा तहसील के पास एक गांव की रहने वाली है। जब वो मां के गर्भ में थी, उसी दौरान उसके पिता की सड़क हादसे में मौत हो गई। पति की मौत के बाद रीना की मां अकेली पड़ गई। रीना के जन्म के करीब 5 से 6 महीने बाद ही उसकी मां उसे छोड़कर राजस्थान में दूसरी शादी कर ली। उसका एक बेटा भी हुआ। कुछ सालों बाद उसकी मां ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। रीना बचपन से ही मां-बाप के प्यार से वंचित हो गई। उसकी परवरिश उसकी मौसी ने की। मौसी ने ही उसे संभाला, पढ़ाया और बड़ा किया। बदनामी से बचने 16 साल की उम्र में शादी
गांव में रीना बड़ी हो रही थी। इसी दौरान उसकी जिंदगी में अरुण पटेल आया। वह दोनों एक-दूसरे को जानते थे। धीरे-धीरे दोनों के बीच आकर्षण बढ़ने लगा और फिर दोनों के प्रेम संबंध बन गए। बताया जाता है कि एक दिन परिवार वालों ने दोनों को आपत्तिजनक हालत में देख लिया था। घटना के बाद रीना की मौसी और अन्य परिजनों को डर था कि कहीं गांव में बदनामी न हो जाए। उन्होंने जल्दबाजी में सिर्फ 16 साल की उम्र में ही रीना की शादी कमलेश नाम के युवक से करवा दी।शादी के बाद रीना करीब 13 साल तक अपने पति के साथ रही। दोनों का एक 10 साल साल का बेटा भी है। शादी के बाद भी रीना और अरुण का रिश्ता पूरी तरह खत्म नहीं हुआ। समय बीतने के साथ रीना अपने पति से अलग रहने लगी और साईंखेड़ा में किराए के मकान में शिफ्ट हो गई। यहीं से उसकी जिंदगी ने नया मोड़ लिया। 1 करोड़ की एफडी, 50 लाख का घर और आधा किलो साेना दिलाया
जब रीना साईंखेड़ा में अकेले रहने लगी तो अरुण पटेल का उसके घर लगातार आना-जाना शुरू हो गया। अरुण उस पर पूरी तरह फिदा था। वह अक्सर रीना के घर रुकता था। दोनों के रिश्ते की चर्चा पूरे इलाके में होने लगी। अरुण शादीशुदा था, लेकिन उसकी पत्नी को शुरुआत में इस रिश्ते की जानकारी नहीं थी। जब अरुण रात-रातभर घर नहीं लौटता था तो उसकी पत्नी को शक होने लगा। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद बढ़ने लगे। कुछ समय बाद अरुण की पत्नी उसे छोड़कर चली गई और दोनों का तलाक हो गया। अरुण की दो बेटियां थीं। एक बेटी मां के साथ चली गई, जबकि दूसरी बेटी अरुण के पास ही रहती थी। तलाक के बाद अरुण पूरी तरह अकेला हो गया और फिर उसने रीना पर जमकर पैसा लुटाना शुरू कर दिया। सोशल मीडिया पर बनाती थी रील्स
अरुण के पैसों और ऐशो-आराम की जिंदगी ने रीना को पूरी तरह बदल दिया। अब उसे महंगे कपड़े, गहने, लग्जरी कार और ब्रांडेड चीजों का शौक लग चुका था। पुलिस जांच में पता चला कि अरुण ने उसे आईफोन भी गिफ्ट किया था। घर के हर कमरे में अलग-अलग रंगों की थीम और लग्जरी फर्नीचर लगवाया गया था। महंगी कार भी उसे दी गई थी। रीना सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहने लगी। वह सोने के गहने पहनकर इंस्टाग्राम और फेसबुक पर लगातार रील्स बनाती थी। कभी कार के साथ वीडियो, कभी घर के अंदर लग्जरी लाइफ की झलक और कभी महंगे कपड़ों में शूट किए गए वीडियो वह सोशल मीडिया पर अपलोड करती रहती थी। धीरे-धीरे उसे लग्जरी लाइफ जीने की आदत पड़ गई थी। उसे अब हर हाल में वही चमक-दमक वाली जिंदगी चाहिए थी। युवक से दोस्ती और फिर प्रेम में बदली कहानी
करीब 4 साल पहले राजस्थान के भीलवाड़ा निवासी वीरू जाट की एंट्री रीना की जिंदगी में हुई। वीरू जाट का मध्यप्रदेश में रेत खदान से जुड़ा काम था, जिसके चलते उसका नरसिंहपुर और आसपास के इलाकों में लगातार आना-जाना रहता था। इसी दौरान उसने सोशल मीडिया पर रीना की फोटो और रील्स देखीं। उसने रीना की पोस्ट पर लाइक और कमेंट करना शुरू किया। धीरे-धीरे दोनों की बातचीत शुरू हुई और फिर फ्रेंड रिक्वेस्ट एक्सेप्ट हुई। इसके बाद दोनों ने मोबाइल नंबर एक्सचेंज किए। बताया जाता है कि दोनों घंटों फोन पर बातें करते थे। जब भी वीरू मध्यप्रदेश आता, रीना उसे अपने घर बुला लेती थी। करीब 3 साल तक यह रिश्ता चलता रहा। लेकिन इस दौरान रीना, अरुण के साथ भी रिश्ते में थी। यहीं से शुरू खूनी संघर्ष हुआ। प्रेमियों के बीच झगड़े के बाद मार डाला
एक दिन अरुण पटेल को रीना और वीरू जाट के रिश्ते की जानकारी मिल गई। इसके बाद दोनों प्रेमियों के बीच विवाद बढ़ने लगे। करीब 2 साल पहले वीरू जाट और अरुण के बीच जमकर मारपीट हुई थी। इस लड़ाई में अरुण के कान का पर्दा फट गया था, जिसके बाद उसे एक कान से सुनाई देना बंद हो गया। मामला थाने तक पहुंचा था और दोनों पक्षों के बीच तनाव लगातार बना हुआ था। पुलिस के अनुसार, इसी घटना के बाद अरुण ने वीरू जाट को रास्ते से हटाने का मन बना लिया था।
उसने रीना के साथ मिलकर हत्या की पूरी साजिश तैयार की। प्लान यह था कि रीना वीरू को मिलने के बहाने घर बुलाएगी और फिर उस पर हमला किया जाएगा। लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह हमला सीधे मौत में बदल जाएगा। दरअसल रीना ने जब वीरू को घर बुलाया उसके पहले से ही वहां पर बचपन का प्रेमी अरुण पटेल और हरनाम किरार मौजूद थे। वीरू के पहुंचते ही तीनों ने बेसबॉल बैट से उसके सिर पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। 7 दिन ब्रिज के नीचे पड़ रहा शव
29 अप्रैल की रात हत्या करने के बाद आरोपियों ने वीरू जाट की लाश को प्लास्टिक और कंबल में पैक किया। उसके हाथ-पैर बांधे गए और मुंह पर टेप चिपकाई गई। इसके बाद शव को कार में रखकर रायसेन जिले के बाड़ी थाना क्षेत्र स्थित भोपाल-जबलपुर नेशनल हाईवे-45 के नागिन मोड़ ब्रिज तक लाया गया। यहां करीब 40 फीट नीचे पुल के पास शव को फेंक दिया गया। हत्या के बाद करीब 7 दिन तक शव वहीं पड़ा रहा। भीषण गर्मी और पानी में पड़े रहने की वजह से शव पूरी तरह सड़ चुका था। पूरे इलाके में बदबू फैलने लगी थी और शव में कीड़े पड़ चुके थे। 7 मई को वहां से गुजर रहे फॉरेस्ट गार्ड ने पुल के नीचे संदिग्ध हालत में शव देखा और इसकी सूचना बाड़ी थाना पुलिस को दी। एसडीओपी नीलम चौधरी, थाना प्रभारी राजेश तिवारी और आरक्षक देवेंद्र राजपूत सहित पुलिस बल पहुंचा। पुलिस ने नगर पालिका कर्मचारियों की मदद से शव को बाहर निकलवाया और कंबल खुलवाया तो वहां मौजूद हर व्यक्ति सन्न रह गया। पुलिस के सामने चुनौती : चेहरा पहचानने लायक नहीं था
शव इतनी बुरी हालत में था कि चेहरा पहचानना मुश्किल हो चुका था। लेकिन शव के हाथ-पैर बंधे हुए थे और मुंह पर टेप लगी थी। यही देखकर एसडीओपी नीलम चौधरी को शुरुआत से ही हत्या की आशंका हो गई थी। मामला पूरी तरह ब्लाइंड मर्डर का था। कोई पहचान नहीं, कोई मोबाइल नहीं और चेहरा भी पहचानने लायक नहीं बचा था। इसके बाद एसडीओपी नीलम चौधरी ने थाना प्रभारी राजेश तिवारी को आसपास के जिलों और थानों में शव की फोटो सर्कुलेट कर पहचान कराने के निर्देश दिए। नोटबुक में मिली हैंडराइटिंग से आरोपी पकड़ाए
घटनास्थल की बारीकी से जांच के दौरान पुलिस को शव के पास एक बैग मिला। जब बैग खोला गया तो उसमें एक नोटबुक रखी हुई थी। पहली नजर में यह सामान्य कॉपी लग रही थी, लेकिन यही नोटबुक बाद में पूरे केस की सबसे बड़ी कड़ी साबित हुई। नोटबुक में एक टीचर की हैंडराइटिंग और साइन मिले थे। पुलिस टीम नरसिंहपुर जिले के साईंखेड़ा पहुंची। सैकड़ों लोगों को नोटबुक दिखाकर हैंडराइटिंग पहचानने की कोशिश की, लेकिन शुरुआत में सफलता नहीं मिली। जांच चलती रही। आखिरकार एक व्यक्ति ने उस हैंडराइटिंग को पहचान लिया और पुलिस को एक स्कूल टीचर के बारे में जानकारी दी। पुलिस तत्काल टीचर के पास पहुंची और नोटबुक दिखाई। टीचर ने अपनी हैंडराइटिंग पहचान ली और बताया कि यह कॉपी उनके एक छात्र की है। बस यहीं से पुलिस की जांच सीधे रीना पटेल तक पहुंच गई। जब पुलिस रीना के घर पहुंची तो वहां ताला लगा हुआ था। इसके बाद पड़ोसियों से पूछताछ की गई। पड़ोसियों ने रीना, अरुण और वीरू जाट के रिश्तों के बारे में पुलिस को विस्तार से बताया। यहीं से पुलिस का शक गहराता चला गया। ट्रैवल पर निकले, उज्जैन में पकड़ाए
रीना के घर पर ताला मिलने और सभी मोबाइल बंद होने के बाद पुलिस का शक पूरी तरह पक्का हो गया था। एसडीओपी नीलम चौधरी ने अलग-अलग टीमें बनाकर आरोपियों की तलाश शुरू करवाई।तकनीकी साक्ष्य, लगातार ट्रैकिंग के आधार पर पुलिस को आरोपियों की लोकेशन उज्जैन में मिली। इसके बाद पुलिस टीम उज्जैन पहुंची और एक होटल में दबिश दी। यहां से पुलिस ने आरोपी महिला रीना पटेल, उसके बचपन के प्रेमी अरुण पटेल और उनके एक साथी को गिरफ्तार कर लिया। हत्या की यह खबर भी पढ़िए राजस्थान से 900KM नरसिंहपुर बुलाकर बॉयफ्रेंड की हत्या
मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में महिला ने अपने बचपन के प्रेमी और उसके दोस्त के साथ मिलकर दूसरे प्रेमी की हत्या कर दी। आरोपियों ने घर में फैला खून साफ किया। शव के हाथ-पैर बांधकर मुंह पर टेप लगाया। बोरी में पैक कर करीब 200 किमी दूर रायसेन जिले में 40 फीट गहरी खाई में फेंक दिया। रायसेन पुलिस ने रविवार को खुलासा किया है। पूरी खबर पढ़ें…

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