China Marine Research Vessel: चीन के पहले प्राइवेट तौर पर फंड किए गए वैज्ञानिक रिसर्च जहाज ने समुद्री ट्रायल शुरू कर दिया है। इसे चीन में 37 स्थानीय मछुआरों ने मिलकर 150 मिलियन युआन यानी करीब 2.14 बिलियन रुपये की क्राउडफंडिंग करके तैयार किया है। इसका नाम ‘हाईयिंग जियाके’ (Haiying Jiake) रखा गया है। इसका नाम समुद्र के ऊपर उड़ते समुद्री बाज (सी ईगल) की को दर्शाता है। इस जहाज ने पूर्वी चीन के झेजियांग प्रांत के वेनलिंग में पहली समुद्री परीक्षण यात्रा शुरू कर दी है। इसे चीन का पहला निजी तौर पर वित्त पोषित वैज्ञानिक रिसर्च जहाज बताया जा रहा है।
2024 में हुई थी शुरूआत
इस जहाज को बनाने के लिए 150 मिलियन युआन यानी करीब 22.4 मिलियन डॉलर खर्च हुए हैं। यह पूरी रकम वेनलिंग के 37 स्थानीय मछुआरों ने मिलकर जुटाई। इस प्रोजेक्ट की शुरुआत 2024 की शुरुआत में वेनलिंग के मछुआरे और एक शिपिंग कंपनी के प्रमुख काई युनजी ने की थी। जब उन्हें पता चला कि जहाजों की कमी चीन की गहरे समुद्र के अंदर रिसर्च में बाधा डाल रही है। तो उनकी इस पहल पर, 36 अन्य स्थानीय मछुआरों ने अपने पैसे मिलाए।
समुद्री रिसर्च के लिए स्पेशल डिजाइन
‘हाईयिंग जियाके’ की लंबाई 82 मीटर और चौड़ाई 15.2 मीटर है। पूरी क्षमता के साथ इसका वजन 3,500 मीट्रिक टन है। जहाज की अधिकतम रफ्तार 14 नॉट है और यह 10,000 नॉटिकल मील तक जा सकता है। यह 60 दिनों से ज्यादा समय तक समुद्र में रह सकता है। इसकी खास बात ये है कि यह ध्रुवीय इलाकों में भी रिसर्च करेगा। इसे मुख्य रूप से खुले समुद्र और ध्रुवीय क्षेत्रों में समुद्री रिसर्च के लिए तैयार किया गया है। यह पतली बर्फ को पार करने में भी सक्षम है। इसे अंतरराष्ट्रीय मानकों के मुताबिक समुद्री रिसर्च के लिए डिजाइन किया गया है।
रिसर्च के साथ कारोबार में भी इस्तेमाल
इसका निर्माण मार्च 2025 में शुरू हुआ था और मई 2026 में जहाज को समुद्र में उतारा गया। परीक्षण सफल रहने पर इसे अक्टूबर के मध्य तक संचालन प्रमाणपत्र मिल सकता है। इसके बाद इसे विश्वविद्यालयों और रिसर्च संस्थानों को किराये पर दिया जाएगा। इसका इस्तेमाल समुद्री संसाधनों के सर्वे, समुद्र की गहराई का नक्शा बनाने और समुद्री जीवों के अध्ययन में होगा। साथ ही ऑफशोर विंड फार्म और समुद्र के नीचे इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जाएगा।


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