Maharashtra PSC Exam Scam: महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग की ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक होने के मामले में मुंबई पुलिस की अपराध शाखा ने नंदुरबार से रुतुजा पाटील को गिरफ्तार किया है। रुतुजा परीक्षा की अस्थाई मेरिट सूची में सातवें स्थान पर थी और उस पर परीक्षा में जानबूझकर गलत जवाब देने के साथ अनियमितताओं को छिपाने की साजिश में शामिल होने का आरोप है। महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग ने कुछ दिन पहले ही ड्रग इंस्पेक्टर समूह-बी के पदों पर भर्ती प्रक्रिया रद्द कर दी थी।
अब तक सात गिरफ्तार
इस मामले में पुलिस अब तक छह लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें आयोग के तीन अधिकारी भी शामिल हैं। मंगलवार को हुई रुतुजा की गिरफ्तारी इस मामले में सातवीं गिरफ्तारी है। यह परीक्षा खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग में ड्रग इंस्पेक्टर पदों पर भर्ती के लिए 22 मार्च को हुई थी। परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप सामने आने के बाद आयोग ने प्रारंभिक जांच कराई। जांच में प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले एक अभ्यर्थी तक पहुंचने की बात सामने आई। इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरी भर्ती प्रक्रिया रद्द कर दी गई।
रुतुजा को पहले ही मिला पेपर
पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि कुछ अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र उपलब्ध करा दिए गए थे। इसके लिए इंटरनेट, सोशल मीडिया और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों का इस्तेमाल किया गया और प्रश्नपत्र संभावित खरीदारों तक पहुंचाए गए। पुलिस जांच में सामने आया कि 25 वर्षीय रुतुजा पाटील को भी परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र मिला था। रुतुजा ने हाल में पत्रकारों से बातचीत में कथित तौर पर परीक्षा में गड़बड़ी को छिपाने की योजना के बारे में जानकारी दी थी। उसका कहना था कि उसे ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा के 100 सवालों में से 10 के गलत जवाब देने के लिए कहा गया था।
विवाद से खुला मामला
उसे बताया गया था कि सभी सवालों के सही जवाब देने पर संदेह हो सकता है। रुतुजा ने परीक्षा में सातवां स्थान हासिल किया था। पुलिस के अनुसार लीक हुआ प्रश्नपत्र कथित तौर पर उसके पिता के माध्यम से उसके पास पहुंचा था। इसके बाद उसने 20 मार्च को परीक्षा से दो दिन पहले प्रश्नपत्र अपने प्रेमी गौरव पाटील को दिया था। मामले का खुलासा दोनों के बीच विवाद के बाद हुआ। विवाद के बाद गौरव ने पुलिस से संपर्क किया और रुतुजा की ओर से भेजे गए प्रश्नों से जुड़े डिजिटल साक्ष्य पुलिस को सौंपे। इसके आधार पर पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई और कथित प्रश्नपत्र लीक की पूरी कड़ी सामने आने लगी।

