Maharashtra सरकार मनोज जरांगे से मिलने से डर रही: Vijay Wadettiwar

Maharashtra सरकार मनोज जरांगे से मिलने से डर रही: Vijay Wadettiwar

नागपुर, नौ सितंबर कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार ने बुधवार को आरोप लगाया कि राज्य सरकार मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे से मिलने के लिए प्रतिनिधिमंडल नहीं भेजना चाहती क्योंकि उसे अपनी और किरकिरी होने का डर है। अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समुदाय के प्रमुख नेता वडेट्टीवार ने यह भी कहा कि मराठा समुदाय की शिक्षा और नौकरियों में आरक्षण की मांग को संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप होना चाहिए। मराठा समुदाय को आरक्षण देने समेत अन्य मांगों को लेकर जरांगे पिछले 11 दिनों से अनशन पर हैं।

वडेट्टीवार ने दावा किया, ‘‘सरकार पहले कई बार जरांगे के सामने झुक चुकी है और अब वह उनसे मिलने के लिए प्रतिनिधिमंडल भेजने से बच रही है क्योंकि उसे आगे और अधिक किरकिरी होने का डर है।’’
यह पूछे जाने पर कि क्या मराठा समुदाय को आरक्षण मिलना चाहिए, कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘हमारे देश का संविधान सर्वोच्च है। अगर कोई ऐसी मांग कर रहा है जो संविधान की सीमा से बाहर है, तो सरकार को यह तय करना है कि वह उसे मंजूर करे या संवैधानिक सीमाओं को पार करे।’’
गौरतलब है कि राज्य के ओबीसी नेता मराठा समुदाय को कुनबी जाति प्रमाणपत्र देने का विरोध कर रहे हैं। कुनबी प्रमाणपत्र मिलने से मराठा समुदाय के लोगों को ओबीसी कोटे के तहत आरक्षण का लाभ मिल सकता है।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस के इस बयान पर कि त्योहार सभी को जोड़ने वाले होते हैं और किसी मुस्लिम व्यक्ति के उनके समारोहों में शामिल होने में कोई गलत बात नहीं है, वडेट्टीवार ने कहा कि उनका रुख स्वागत योग्य है। कांग्रेस नेता ने तंज कसते हुए कहा, ‘‘लेकिन उनके बयान का महत्व तब बढ़ेगा जब वह देवेंद्र फडणवीस को नितेश राणे को मंत्रिमंडल से बाहर रखने के लिए मना लेंगी।’’
राज्य सरकार में मंत्री नितेश राणे ने सोमवार को विश्व हिंदू परिषद (विहिप) का समर्थन करते हुए आरोप लगाया था कि ऐसे त्योहारों के दौरान ‘लव जिहाद’ के मामले बढ़ जाते हैं। राणे ने यह भी कहा था कि मूर्ति पूजा में विश्वास नहीं रखने वालों को हिंदू धार्मिक आयोजनों में शामिल नहीं होना चाहिए।

महाराष्ट्र में बारिश की स्थिति पर वडेट्टीवार ने कहा कि राज्य के 19 जिलों में सूखे जैसी स्थिति है। कई तालुकों में पिछले 35 से 40 दिनों से बारिश नहीं हुई है और फसलें खतरे में हैं। उन्होंने कहा कि परभणी जिले में 44 दिनों से बारिश नहीं हुई है।

कांग्रेस नेता ने इस बात की आशंका जताई कि अगले दो से तीन महीनों में राज्य के आधे बांध सूख सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। वडेट्टीवार ने बताया कि कांग्रेस नेता सूखे की स्थिति के साथ-साथ आदिवासियों और ओबीसी से जुड़े मुद्दों को लेकर राज्यपाल से मुलाकात करेंगे।

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