Mahanadi water dispute: ओडिशा और Chhattisgarh समाधान के करीब पहुंचे, बोले Mohan Charan Majhi

Mahanadi water dispute: ओडिशा और Chhattisgarh समाधान के करीब पहुंचे, बोले Mohan Charan Majhi

भुवनेश्वर, एक अक्टूबर ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बृहस्पतिवार को कहा कि सरकार पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ के साथ लंबे समय से जारी महानदी जल बंटवारे के विवाद के समाधान के करीब पहुंच रही है और यह अन्य राज्यों के लिए ‘विवाद समाधान का एक मॉडल’ होगा। माझी ने यह बात केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में शामिल होने के बाद कही। बैठक में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल भी शामिल हुए।

विपक्षी बीजू जनता दल (बीजद) ने मांग की कि बैठक में लिये गए फैसलों को सार्वजनिक किया जाए। बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, दोनों राज्यों के मुख्य सचिव और तकनीकी विशेषज्ञ भी मौजूद थे। दोनों राज्यों के बीच महानदी के जल के बंटवारे को लेकर लंबे समय से विवाद है।

महानदी का उद्गम मध्य प्रदेश में होता है और यह छत्तीसगढ़ से होकर बहने के बाद समुद्र में मिलती है। माझी ने पत्रकारों से कहा, ‘‘आज की बैठक बहुत सकारात्मक रही और बेहद सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई। हम समाधान के करीब पहुंच रहे हैं और जल्द ही एक अंतिम रूपरेखा की घोषणा किए जाने की उम्मीद है।’’
उन्होंने कहा कि ओडिशा और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों ने विवाद के समाधान के लिए केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) द्वारा लिए जाने वाले किसी भी फैसले का पालन करने पर सहमति जताई है।

ओडिशा के मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) द्वारा जारी एक बयान में माझी ने उम्मीद जताई कि दोनों राज्यों के हितों को ध्यान में रखते हुए समाधान निकाला जायेगा। माझी ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में ‘डबल इंजन’ सरकार न केवल देश और राज्य के विकास में तेजी ला रही है, बल्कि अंतरराज्यीय विवादों के समाधान का रास्ता भी तैयार कर रही है। मुझे उम्मीद है कि यह समाधान अन्य राज्यों के लिए विवाद समाधान का एक मॉडल बनेगा।’’
महानदी को ओडिशा की जीवनरेखा बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस नदी का पानी राज्य में करोड़ों लोगों की आजीविका का आधार है।

माझी ने कहा, ‘‘बैठक में मैंने सिंचाई, बाढ़ नियंत्रण, जलविद्युत उत्पादन, पेयजल आपूर्ति और पर्यावरण संबंधी चिंताओं समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए और ओडिशा के लिए पर्याप्त जल की उपलब्धता सुनिश्चित करने की वकालत की।’’
उन्होंने दावा किया कि 2024 में ओडिशा और 2023 में छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सत्ता में आने के बाद दोनों राज्यों में महानदी विवाद के समाधान की प्रक्रिया तेज हुई है। उन्होंने कहा कि कानूनी कार्यवाही के साथ-साथ प्रशासनिक और राजनीतिक समाधान के रास्ते भी व्यापक हुए हैं। इस संबंध में किए गए प्रयासों का ब्योरा देते हुए माझी ने बताया कि जुलाई-अगस्त 2025 में दोनों मुख्यमंत्रियों के बीच चर्चा हुई थी और इस दौरान दोनों राज्यों के मुख्य सचिवों और जल संसाधन सचिवों के स्तर पर कई बैठकें हुई हैं।

इस बीच, भुवनेश्वर में विपक्षी बीजद ने संवाददाता सम्मेलन में मांग की कि दिल्ली में हुई बैठक में लिये गए फैसलों को सार्वजनिक किया जाये। बीजद विधायक अरुण कुमार साहू ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘बैठक महज दिखावा नहीं होनी चाहिए। केंद्र, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में ‘ट्रिपल इंजन’ की सरकार होने के बावजूद ढाई साल बाद भी विवाद वहीं का वहीं है।

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