L&T का बड़ा ऐलान: Middle East संकट से Growth पर लगेगा ब्रेक, आय का अनुमान घटाया

L&T का बड़ा ऐलान: Middle East संकट से Growth पर लगेगा ब्रेक, आय का अनुमान घटाया
देश की बड़ी निर्माण कंपनियों में शामिल लार्सन एंड टुब्रो ने चालू वित्त वर्ष को लेकर अपना अनुमान जारी किया है, जिसमें विकास की रफ्तार कुछ धीमी रहने की बात कही गई है। मौजूद जानकारी के अनुसार, कंपनी ने कहा है कि इस वर्ष उसकी आय में लगभग 10 से 12 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है, जो पहले के मुकाबले थोड़ी कम है।
बता दें कि इस सुस्ती की मुख्य वजह मध्य पूर्व में जारी तनाव को माना जा रहा है। अमेरिका-इजरायल और ईरान संघर्ष के चलते वहां परियोजनाओं के कामकाज पर असर पड़ा है। इससे काम पूरा होने में देरी, भुगतान में रुकावट और कच्चे माल तथा परिवहन की लागत बढ़ने जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं।
कंपनी के वित्त प्रमुख आर शंकर रमन ने बताया कि आने वाली दो तिमाहियों में इन चुनौतियों का असर और साफ दिखाई दे सकता है। उनके अनुसार, शुरुआती छह महीनों में ही आपूर्ति में देरी का असर दिखने लगेगा, जिससे परियोजनाओं की गति प्रभावित हो सकती है।
गौरतलब है कि पिछले वित्त वर्ष में कंपनी ने 12 प्रतिशत की आय वृद्धि दर्ज की थी, लेकिन हाल के घटनाक्रम के बाद बाजार में कंपनी के मूल्य में बड़ी गिरावट देखी गई है। बताया जा रहा है कि युद्ध शुरू होने के बाद कंपनी के बाजार मूल्य में करीब 1.1 लाख करोड़ रुपये की कमी आई है। हालांकि कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट जरूरत से ज्यादा हो सकती है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, कंपनी के कुल ऑर्डर बुक का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा मध्य पूर्व से आता है, जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर के ऑर्डर कुल का 52 प्रतिशत हैं। ऐसे में उस क्षेत्र में किसी भी तरह की अस्थिरता का सीधा असर कंपनी के कारोबार पर पड़ता है।
कंपनी ने यह भी कहा है कि वह वर्ष 2027 तक अपने लाभ मार्जिन को करीब 8.3 प्रतिशत के आसपास बनाए रखने की कोशिश करेगी और ऑर्डर बुक में 10 से 12 प्रतिशत की वृद्धि का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि कंपनी का मानना है कि विशेष परिस्थितियों में लागत की भरपाई और समय विस्तार मिल सकता है, लेकिन भुगतान मिलने में देरी हो सकती है।
विश्लेषकों का कहना है कि यदि क्षेत्रीय तनाव लंबे समय तक जारी रहता है, तो परियोजनाओं में देरी और लागत बढ़ने का जोखिम बना रहेगा। हालांकि कंपनी के पास विविध ऑर्डर बुक और देश के भीतर मजबूत परियोजनाएं हैं, जो इस असर को कुछ हद तक संतुलित कर सकती हैं।
इस बीच, कंपनी ने नेतृत्व स्तर पर भी बदलाव की घोषणा की है। मौजूद जानकारी के अनुसार, पी रामकृष्णन को नया वित्त प्रमुख नियुक्त किया गया है, जो जून के अंत में पद छोड़ने वाले आर शंकर रमन की जगह लेंगे।
गौरतलब है कि वर्ष 2026 के लिए कंपनी का शुद्ध लाभ 7 प्रतिशत बढ़ा है, जबकि खर्च में करीब 12 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। कुल मिलाकर, कंपनी को आने वाले समय में वैश्विक परिस्थितियों के अनुसार अपनी रणनीति को संतुलित करते हुए आगे बढ़ना होगा, ताकि विकास की रफ्तार को बनाए रखा जा सके हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *