प्रयागराज के मांडा में शनिवार शाम स्कूल से घर लौट रहे एलकेजी के छात्र को किडनैप कर लिया गया। उसे दो बदमाश कार के भीतर खींचकर भाग निकले। यह पूरी घटना बच्चे के दादा के सामने हुई जो उसे लेने पहुंचे थे और कुछ ही दूर पर खड़े थे। दिनदहाड़े हुई वारदात से गांव में सनसनी फैल गई। पुलिस की टीमें किडनैपर्स की तलाश में जुटी हैं। खबर लिखे जाने तक उनका कोई सुराग नहीं मिला था। शाम चार बजे की घटना
यह घटना शाम चार बजे के करीब मांडा के सराय कला गांव में हुई। यहां रहने वाले ओम प्रकाश शर्मा मुंबई में रहकर सिक्योरिटी गार्ड का काम करते हैं। गांव में उनकी पत्नी, दो बच्चों के अलावा पिता रहते हैं। उनके दो बच्चों में छह साल का प्रतीक बड़ा है। इससे छोटी एक बेटी है जो तीन साल की है। वैन से आता-जाता है स्कूल
मासूम प्रतीक मेजा के रामनगर में सोनार का तारा स्थित स्कूल में एलकेजी में पढ़ता है। स्कूल घर से करीब 15 किमी दूर है और वह वैन से आता जाता है। वैन घर से करीब 150 मीटर दूर उतार देती है और वहां से उसे उसके दादा लाते और ले जाते हैं। सफेद रंग की अल्टो कार से आए किडनैपर
दादा ने बताया, रोज शाम चार बजे के करीब प्रतीक लौटता है। शनिवार शाम भी इसी वक्त वह उसे लेने के लिए जा रहे थे। बच्चे को वैन जहां उतारती है, वहां से वह कुछ दूर पर ही थे तभी वहां सफेद रंग की अल्टो कार से दो लोग पहुंचे। इनमें से एक कार से बाहर आकर उनसे रास्ता पूछने लगा। वह उससे बात करने लगे और इतने में ही वैन आ गई।
उन्होंने बताया कि जैसे ही प्रतीक वैन से उतरा, उनसे बात कर रहा युवक तेजी से उसकी ओर दौड़ा। वह कुछ समझ पाते, तब तक उसके साथी ने कार आगे बढ़ा दी और अगले ही पल युवक प्रतीक को कार में खींचकर अपने साथी के साथ भाग निकला। वह पीछे दौड़े लेकिन कुछ ही देर में कार उनकी आंखों से ओझल हो गई।
दादा बोले-कार का नंबर नहीं देख पाया
सूचना पर पुलिस पहुंच गई। दादा ने पूछताछ में बताया कि सबकुछ इतना तेजी से हुआ कि वह कार का नंबर नहीं देख पाए। दोनों युवकों को उन्होंने पहले कभी नहीं देखा। पुलिस ने गांववालों से पूछताछ की तो पता चला कि कार औंता गांव की ओर गई है। पुलिस ने आसपास के सभी रास्तों पर नाकेबंदी कराई लेकिन खबर लिखे जाने तक किडनैपर्सऔर बच्चे का कोई सुराग नहीं मिल सका था। डीसीपी बोले
डीसीपी यमुनानगर विवेक चंद्र यादव ने बताया, अब तक कि पूछताछ में परिवार ने किसी रंजिश की बात नहीं बताई है। परिवार की माली हालत बहुत अच्छी नहीं है। अब तक किसी तरह की कॉल भी घरवालों के पास नहीं आई है। हर बिंदु पर छानबीन की जा रही है।


