LJP-R विधायक के भाई सोनू सिंह की गिरफ्तारी पर रोक:बेल अर्जी ADJ-17 के कोर्ट में ट्रांसफर, पुलिस से मांगी गई घटना की सीसीटीवी फुटेज; जमीन हड़पने का मामला

LJP-R विधायक के भाई सोनू सिंह की गिरफ्तारी पर रोक:बेल अर्जी ADJ-17 के कोर्ट में ट्रांसफर, पुलिस से मांगी गई घटना की सीसीटीवी फुटेज; जमीन हड़पने का मामला

बेलसंड विधानसभा सीट से लोजपा-रामविलास के विधायक अमित कुमार रानू के भाई अभिनव कुमार उर्फ सोनू सिंह की गिरफ्तारी पर रोक लग गई है, जबकि उनके दो समर्थकों को जमानत मिल गई है। सोमवार को प्रधान जिला व सत्र न्यायालय ने अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई की। आगे की सुनवाई के लिए ADJ-17 के कोर्ट में ट्रांसफर किया गया है। दस सितंबर को सुनवाई होगी। इसके साथ ही, विधायक के दो समर्थकों ब्रह्मपुरा के राहुल कुमार और भिखनपुर के रमेश कुमार वर्मा को सोमवार को सीजीएम कोर्ट से नियमित जमानत मिल गई है। मामला मुजफ्फरपुर के अहियापुर के झपहां उदनडीह में जमीन पर कब्जा की नीयत से जेसीबी से घर और बाउंड्री को तोड़े जाने से जुड़ा है। पुलिस सूत्रों की माने तो अबतक एक दर्जन से अधिक स्थानों पर पुलिस ने छापेमारी की है। साथ ही पुलिस ने विधायक के मुजफ्फरपुर स्थित आवास और सीतामढ़ी के बेलसंड स्थित कार्यालय में भी सर्च ऑपरेशन चल चुकी है । वहीं, विधायक से जुड़ी एक एफआईआर में नामजद मोतीपुर के नरियार के रहने वाले सुमित श्रीवास्तव को तीन अन्य मामलों में भी न्यायिक हिरासत लिया जाएगा। इस संबंध में अहियापुर पुलिस ने विशेष एमपी एमएलए कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी। गिरफ्तार सुमित श्रीवास्तव को 20 अगस्त को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया था। उसे अहियापुर में दर्ज तीन अलग- अलग मामलों में न्यायिक हिरासत में लिया जाएगा। इस तीनों मामले में सुमित के अलावा विधायक भी नामजद हैं। 9 सितंबर को सेंट्रल जेल से सुमित श्रीवास्तव को प्रोडक्शन वारंट पर विशेष कोर्ट में पेश किया जाएगा। इससे वह कुल चार मामलों में न्यायिक हिरासत में बंद माना जाएगा। वहीं, विधायक के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट के लिए अबतक पुलिस अदालत में अर्जी दाखिल नहीं की है। अन्य आरोपितों के खिलाफ विशेष कोर्ट में अर्जी दाखिल जांच अधिकारी ने अन्य आरोपितों को अलग-अलग मामलों में प्रोडक्शन वारंट जारी कर न्यायिक हिरासत में लेने के लिए विशेष कोर्ट में अर्जी दाखिल की है। अर्जी पर सुनवाई करते हुए विशेष कोर्ट ने घटना को सीसीटीवी फुटेज अहियापुर पुलिस से तलब की है। उधर, विधायक के समर्थक ब्रह्मपुरा के सरस्वतीनगर निवासी राहुल कुमार व भिखनपुर वर्मा कॉम्पलेक्स निवासी रमेश कुमार वर्मा को सोमवार को सीजेएम कोर्ट से बेल मिल गई है। विधायक पर दर्ज कुल दस एफआईआर विशेष एमपी/एमएलए कोर्ट में दाखिल हो चुकी है। एमपी/एमएलए विशेष कोर्ट के जज सह एसीजेएम प्रथम पूर्वी पंकज कुमार तिवारी के आदेश पर विधायक पर दर्ज तीन अलग-अलग मामलों में चार गवाहों का बयान दर्ज किया जा चुका है। मामला हाईप्रोफाइल होने के कारण पुलिस अदालत में शिकातकर्ताओं के साथ गवाहों का बयान दर्ज करा रही है। महज 15 दिन में खुला राज, दर्ज हुए 28 मामले जानकारी के अनुसार 18 अगस्त से चल रहा था विवाद इसके बाद 20 अगस्त को अहियापुर थाना क्षेत्र के उदनडीह में 25 गाड़ियों से विधायक रानू के लोग जेसीबी बुलडोजर लेकर पहुंचे और बाउंड्री तोड़ने लगे इसकी सूचना पुलिस को मिली और घटनास्थल पर पुलिस पहुंची तो सभी भाग निकले थे। इस दौरान दो लोगों की गिरफ्तारी हुई थी, जिसका वीडियो प्रमाण भी पुलिस को हाथ लगा था। 20 अगस्त से लेकर करीब 5 सितंबर के बीच तक विभिन्न लोगों के साथ-साथ पुलिस की ओर से सरकारी कार्य में बाधा डालने समेत कई गंभीर आरोपों में कल 28 मामले दर्ज किए गए, जिसमें 10 कांड में विधायक अमित रानू नाम नामजद है। विधायक पर दर्ज 10 मामलों में से 3 अलग-अलग मामलों में चार गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। वहीं, अन्य केस में पांच गवाही कोर्ट में पुलिस द्वारा कराई जा चुकी है। दो जिला के चार थाना में दर्ज हुआ 28 केस पुलिस की कार्रवाई 20 अगस्त से ही शुरू हो गई थी। 23 अगस्त को पुलिस ने सुबह-सुबह सर्च वारंट लेकर विधायक के मुजफ्फरपुर के बैरिया स्थित आवास पहुंच गई, जहां से कई कागजात बरामद किए गए थे। इसके बाद पुलिस की टीम में 23 तारीख को ही दोपहर के बाद सीतामढ़ी जिले के बेलसंड स्थित विधायक रानू के कार्यालय पहुंची, जहां से दो अपराधी को अवैध हथियार समेत गिरफ्तार किया था। कुल मिलाकर सीतामढ़ी के बेलसंड थाना से लेकर मुजफ्फरपुर के अहियापुर थाना, ब्रह्मपुरा थाना, कच्ची पक्की थाना में अब तक 28 कांड दर्ज किए जा चुके हैं। कांड में अबतक पुलिस टीम द्वारा जप्ती जानकारी के अनुसार पुलिस ने अब तक मुजफ्फरपुर के समाचार सीतामढ़ी के बेलसंड स्थित विधायक के कार्यालय से दो अपराधी के पास एक पिस्तौल दो मैगजीन और 9 कारतूस बरामद किया था। वहीं, विधायक के मुजफ्फरपुर स्थित आवास से पुलिस ने खाली स्टांप पेपर 2017 का था, के साथ-साथ गई कागजात भी जप्त की है। वही कार्रवाई करते हुए आंतरी दौड़ने में प्रयुक्त जेसीबी को भी पुलिस में जप्त कर लिया है। कांड में हुई है अबतक सात गिरफ्तारी मुजफ्फरपुर पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई में सीतामढ़ी और मुजफ्फरपुर से कुल मिलाकर सात की गिरफ्तारी की गई है। जिसमें सुमित श्रीवास्तव, तुषार उर्फ सनी सिंह,नन्हे सिंह, छोटू यादव, आनंद कुमार,विकास राठौड़ और सुबोध राय शामिल हैं। EOU और विधानसभा अध्यक्ष को पुलिस ने भेजा पत्र इस घटना के बाद लोजपा रामविलास के विधायक अमित कुमार रानू और उनके गुर्गों की काली करतूत का डिटेल और 28 दर्ज FIR की जानकारी से मुजफ्फरपुर पुलिस ने बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार को अवगत कराया है। वहीं, दूसरी ओर EOU की एंट्री के लिए भी पुलिस से पत्राचार किया जा चुका है। आर्थिक अपराधिकारी की टीम से पूरे सिंडिकेट का संपत्ति की जांच करने के साथ-साथ केस में आगे कैसी जांच पड़ताल होनी चाहिए इस पर भी पुलिस टीम ने मनतव्य मांगा है। इस सप्ताह EOU की होगी एंट्री, वारंट की भी अब तैयारी पुलिस सूत्रों की माने तो विधायक अमित रानू और उनके गुर्गों के खिलाफ कार्रवाई में अब आर्थिक अपराध इकाई की टीम इंट्री होगी। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस सप्ताह लगभग शुक्रवार तक आर्थिक अपराध इकाई की टीम अपने हिसाब से अलग से केस दर्ज करेगी और विभिन्न थाना दर्ज केस का अवलोकन और समीक्षा भी करेगी। वहीं, दूसरी और अब पुलिस की टीम विधायक के साथ-साथ अन्य चिन्हित किए गए लोगों के खिलाफ कोर्ट में गिरफ्तारी वारंट की अर्जी देगी। दर्ज कांड के खिलाफ हाई कोर्ट में विधायक के तरफ से अर्जी दाखिल बेलसंड विधायक अमित कुमार रानू के तरफ से हाई कोर्ट में अर्जी लगाई गई है। ऐसा विधायक के गरीबी सूत्रों की ओर से जानकारी मिली कि अब तक दर्ज किए गए विभिन्न थाना में 28 कांडों को एक जगह पर कर दी जाए ताकि पुलिस की टीम अलग-अलग केस में अलग-अलग कार्रवाई न करें। कानून के जानकार अधिवक्ता कुंदन कुमार और विनोद ठाकुर बताते हैं कि ऐसा होता है कि अगर कई कांड दर्ज होता है, एक ही अपराध से जुड़े मामले के लिए तो ऐसी स्थिति में एक कोर्ट में सुनवाई माननीय उच्च न्यायालय के निर्देश मिलने के बाद कराई जा सकती है। बड़े बेटे की हत्या, छोटा जेल में… सदमे में पिता की ब्रेन हेमरेज से गई जान झपहां में चहारदीवारी ध्वस्त करने और तोड़‌फोड़ के आरोप में जेल में बंद नन्हे सिंह के पिता रामशंकर सिंह की सोमवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। 4 सितंबर की देर रात ब्रेन हेमरेज होने के बाद एसकेएमसीएच में भर्ती कराया गया था। परिजनों के अनुसार, बड़े बेटे रवि सिंह की विधानसभा चुनाव के दौरान गोली मारकर हत्या और छोटे बेटे नन्हे सिंह के आर्म्स एक्ट के केस में जेल में बंद होने से रामशंकर सिंह काफी तनाव में रहते थे। पिता के अंतिम संस्कार में शामिल कराने के लिए परिजनों की ओर से कोर्ट में पैरोल की अर्जी दाखिल की अब जानिए आखिर क्या है पूरा मामला अहियापुर थाना क्षेत्र के झपहां डीह में 20 अगस्त को 70-80 ‎की संख्या में पहुंचे हथियारबंद बदमाशों ने निजी जमीन पर ‎कब्जा करने की नीयत से जमकर उत्पात मचाया था। कई वाहनों‎ और जेसीबी के साथ पहुंचे असामाजिक तत्वों ने पहले गेट‎ का ताला तोड़ा, फिर जेसीबी से चहारदीवारी ध्वस्त कर दी थी।‎ पूरे मामले को लेकर जमीन मालिक प्रहलाद कुमार ने 20 अगस्त को थाने में आवेदन दिया था, जिसमें लिखा- ‘20.08.2026 को समय लगभग 11 बजे सूचना मिली कि सुमित श्रीवास्तव कुछ लोगों के साथ JCB (रजिस्ट्रेशन BR-060E7193) थार (BR-01JK 7700) और मोटर साइकिल से पहुंचे थे। आवेदन में लिखा था कि गाड़ी में लोजपा (राम विलास) प्रधान महासचिव का बोर्ड लगा था। लगभग 50 अज्ञात लोगों के साथ मेरी जमीन और अन्य मकान में तोड़फोड़ करने लगे। मैं और अन्य जमीन के मालिक लगभग 12:00 बजे पहुंचे तो मेरी बाउंड़ी को तोड़ा जा चुका था, जबकि प्रेमचन्द्र मिश्रा के मकान को तोड़ जा रहा था। हमने मना किया, मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू किया तो मेरा मोबाइल छीन कर तोड़ दिया और मारपीट की। साथ ही गले में पहली सोने की चैन भी छीन ली। विवादित जमीन का जायजा लेने पहुंचे SSP मामले की जांच के लिए एसएसपी कांतेश मिश्रा 23 अगस्त की सुबह विवादित जमीन पर पहुंचे थे और हालात का जायजा लिया था। यहां 52 प्लॉट की बाऊंड़्री को तोड़ा गया था। 20 अगस्त को हुई तोड़फोड़ का वीडियो भी सामने आया है। जिसमें कुछ लोग बुलडोजर से बाउंड्री तोड़ते दिखाई दे रहे हैं। बेलसंड विधानसभा सीट से लोजपा-रामविलास के विधायक अमित कुमार रानू के भाई अभिनव कुमार उर्फ सोनू सिंह की गिरफ्तारी पर रोक लग गई है, जबकि उनके दो समर्थकों को जमानत मिल गई है। सोमवार को प्रधान जिला व सत्र न्यायालय ने अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई की। आगे की सुनवाई के लिए ADJ-17 के कोर्ट में ट्रांसफर किया गया है। दस सितंबर को सुनवाई होगी। इसके साथ ही, विधायक के दो समर्थकों ब्रह्मपुरा के राहुल कुमार और भिखनपुर के रमेश कुमार वर्मा को सोमवार को सीजीएम कोर्ट से नियमित जमानत मिल गई है। मामला मुजफ्फरपुर के अहियापुर के झपहां उदनडीह में जमीन पर कब्जा की नीयत से जेसीबी से घर और बाउंड्री को तोड़े जाने से जुड़ा है। पुलिस सूत्रों की माने तो अबतक एक दर्जन से अधिक स्थानों पर पुलिस ने छापेमारी की है। साथ ही पुलिस ने विधायक के मुजफ्फरपुर स्थित आवास और सीतामढ़ी के बेलसंड स्थित कार्यालय में भी सर्च ऑपरेशन चल चुकी है । वहीं, विधायक से जुड़ी एक एफआईआर में नामजद मोतीपुर के नरियार के रहने वाले सुमित श्रीवास्तव को तीन अन्य मामलों में भी न्यायिक हिरासत लिया जाएगा। इस संबंध में अहियापुर पुलिस ने विशेष एमपी एमएलए कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी। गिरफ्तार सुमित श्रीवास्तव को 20 अगस्त को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया था। उसे अहियापुर में दर्ज तीन अलग- अलग मामलों में न्यायिक हिरासत में लिया जाएगा। इस तीनों मामले में सुमित के अलावा विधायक भी नामजद हैं। 9 सितंबर को सेंट्रल जेल से सुमित श्रीवास्तव को प्रोडक्शन वारंट पर विशेष कोर्ट में पेश किया जाएगा। इससे वह कुल चार मामलों में न्यायिक हिरासत में बंद माना जाएगा। वहीं, विधायक के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट के लिए अबतक पुलिस अदालत में अर्जी दाखिल नहीं की है। अन्य आरोपितों के खिलाफ विशेष कोर्ट में अर्जी दाखिल जांच अधिकारी ने अन्य आरोपितों को अलग-अलग मामलों में प्रोडक्शन वारंट जारी कर न्यायिक हिरासत में लेने के लिए विशेष कोर्ट में अर्जी दाखिल की है। अर्जी पर सुनवाई करते हुए विशेष कोर्ट ने घटना को सीसीटीवी फुटेज अहियापुर पुलिस से तलब की है। उधर, विधायक के समर्थक ब्रह्मपुरा के सरस्वतीनगर निवासी राहुल कुमार व भिखनपुर वर्मा कॉम्पलेक्स निवासी रमेश कुमार वर्मा को सोमवार को सीजेएम कोर्ट से बेल मिल गई है। विधायक पर दर्ज कुल दस एफआईआर विशेष एमपी/एमएलए कोर्ट में दाखिल हो चुकी है। एमपी/एमएलए विशेष कोर्ट के जज सह एसीजेएम प्रथम पूर्वी पंकज कुमार तिवारी के आदेश पर विधायक पर दर्ज तीन अलग-अलग मामलों में चार गवाहों का बयान दर्ज किया जा चुका है। मामला हाईप्रोफाइल होने के कारण पुलिस अदालत में शिकातकर्ताओं के साथ गवाहों का बयान दर्ज करा रही है। महज 15 दिन में खुला राज, दर्ज हुए 28 मामले जानकारी के अनुसार 18 अगस्त से चल रहा था विवाद इसके बाद 20 अगस्त को अहियापुर थाना क्षेत्र के उदनडीह में 25 गाड़ियों से विधायक रानू के लोग जेसीबी बुलडोजर लेकर पहुंचे और बाउंड्री तोड़ने लगे इसकी सूचना पुलिस को मिली और घटनास्थल पर पुलिस पहुंची तो सभी भाग निकले थे। इस दौरान दो लोगों की गिरफ्तारी हुई थी, जिसका वीडियो प्रमाण भी पुलिस को हाथ लगा था। 20 अगस्त से लेकर करीब 5 सितंबर के बीच तक विभिन्न लोगों के साथ-साथ पुलिस की ओर से सरकारी कार्य में बाधा डालने समेत कई गंभीर आरोपों में कल 28 मामले दर्ज किए गए, जिसमें 10 कांड में विधायक अमित रानू नाम नामजद है। विधायक पर दर्ज 10 मामलों में से 3 अलग-अलग मामलों में चार गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। वहीं, अन्य केस में पांच गवाही कोर्ट में पुलिस द्वारा कराई जा चुकी है। दो जिला के चार थाना में दर्ज हुआ 28 केस पुलिस की कार्रवाई 20 अगस्त से ही शुरू हो गई थी। 23 अगस्त को पुलिस ने सुबह-सुबह सर्च वारंट लेकर विधायक के मुजफ्फरपुर के बैरिया स्थित आवास पहुंच गई, जहां से कई कागजात बरामद किए गए थे। इसके बाद पुलिस की टीम में 23 तारीख को ही दोपहर के बाद सीतामढ़ी जिले के बेलसंड स्थित विधायक रानू के कार्यालय पहुंची, जहां से दो अपराधी को अवैध हथियार समेत गिरफ्तार किया था। कुल मिलाकर सीतामढ़ी के बेलसंड थाना से लेकर मुजफ्फरपुर के अहियापुर थाना, ब्रह्मपुरा थाना, कच्ची पक्की थाना में अब तक 28 कांड दर्ज किए जा चुके हैं। कांड में अबतक पुलिस टीम द्वारा जप्ती जानकारी के अनुसार पुलिस ने अब तक मुजफ्फरपुर के समाचार सीतामढ़ी के बेलसंड स्थित विधायक के कार्यालय से दो अपराधी के पास एक पिस्तौल दो मैगजीन और 9 कारतूस बरामद किया था। वहीं, विधायक के मुजफ्फरपुर स्थित आवास से पुलिस ने खाली स्टांप पेपर 2017 का था, के साथ-साथ गई कागजात भी जप्त की है। वही कार्रवाई करते हुए आंतरी दौड़ने में प्रयुक्त जेसीबी को भी पुलिस में जप्त कर लिया है। कांड में हुई है अबतक सात गिरफ्तारी मुजफ्फरपुर पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई में सीतामढ़ी और मुजफ्फरपुर से कुल मिलाकर सात की गिरफ्तारी की गई है। जिसमें सुमित श्रीवास्तव, तुषार उर्फ सनी सिंह,नन्हे सिंह, छोटू यादव, आनंद कुमार,विकास राठौड़ और सुबोध राय शामिल हैं। EOU और विधानसभा अध्यक्ष को पुलिस ने भेजा पत्र इस घटना के बाद लोजपा रामविलास के विधायक अमित कुमार रानू और उनके गुर्गों की काली करतूत का डिटेल और 28 दर्ज FIR की जानकारी से मुजफ्फरपुर पुलिस ने बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार को अवगत कराया है। वहीं, दूसरी ओर EOU की एंट्री के लिए भी पुलिस से पत्राचार किया जा चुका है। आर्थिक अपराधिकारी की टीम से पूरे सिंडिकेट का संपत्ति की जांच करने के साथ-साथ केस में आगे कैसी जांच पड़ताल होनी चाहिए इस पर भी पुलिस टीम ने मनतव्य मांगा है। इस सप्ताह EOU की होगी एंट्री, वारंट की भी अब तैयारी पुलिस सूत्रों की माने तो विधायक अमित रानू और उनके गुर्गों के खिलाफ कार्रवाई में अब आर्थिक अपराध इकाई की टीम इंट्री होगी। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस सप्ताह लगभग शुक्रवार तक आर्थिक अपराध इकाई की टीम अपने हिसाब से अलग से केस दर्ज करेगी और विभिन्न थाना दर्ज केस का अवलोकन और समीक्षा भी करेगी। वहीं, दूसरी और अब पुलिस की टीम विधायक के साथ-साथ अन्य चिन्हित किए गए लोगों के खिलाफ कोर्ट में गिरफ्तारी वारंट की अर्जी देगी। दर्ज कांड के खिलाफ हाई कोर्ट में विधायक के तरफ से अर्जी दाखिल बेलसंड विधायक अमित कुमार रानू के तरफ से हाई कोर्ट में अर्जी लगाई गई है। ऐसा विधायक के गरीबी सूत्रों की ओर से जानकारी मिली कि अब तक दर्ज किए गए विभिन्न थाना में 28 कांडों को एक जगह पर कर दी जाए ताकि पुलिस की टीम अलग-अलग केस में अलग-अलग कार्रवाई न करें। कानून के जानकार अधिवक्ता कुंदन कुमार और विनोद ठाकुर बताते हैं कि ऐसा होता है कि अगर कई कांड दर्ज होता है, एक ही अपराध से जुड़े मामले के लिए तो ऐसी स्थिति में एक कोर्ट में सुनवाई माननीय उच्च न्यायालय के निर्देश मिलने के बाद कराई जा सकती है। बड़े बेटे की हत्या, छोटा जेल में… सदमे में पिता की ब्रेन हेमरेज से गई जान झपहां में चहारदीवारी ध्वस्त करने और तोड़‌फोड़ के आरोप में जेल में बंद नन्हे सिंह के पिता रामशंकर सिंह की सोमवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। 4 सितंबर की देर रात ब्रेन हेमरेज होने के बाद एसकेएमसीएच में भर्ती कराया गया था। परिजनों के अनुसार, बड़े बेटे रवि सिंह की विधानसभा चुनाव के दौरान गोली मारकर हत्या और छोटे बेटे नन्हे सिंह के आर्म्स एक्ट के केस में जेल में बंद होने से रामशंकर सिंह काफी तनाव में रहते थे। पिता के अंतिम संस्कार में शामिल कराने के लिए परिजनों की ओर से कोर्ट में पैरोल की अर्जी दाखिल की अब जानिए आखिर क्या है पूरा मामला अहियापुर थाना क्षेत्र के झपहां डीह में 20 अगस्त को 70-80 ‎की संख्या में पहुंचे हथियारबंद बदमाशों ने निजी जमीन पर ‎कब्जा करने की नीयत से जमकर उत्पात मचाया था। कई वाहनों‎ और जेसीबी के साथ पहुंचे असामाजिक तत्वों ने पहले गेट‎ का ताला तोड़ा, फिर जेसीबी से चहारदीवारी ध्वस्त कर दी थी।‎ पूरे मामले को लेकर जमीन मालिक प्रहलाद कुमार ने 20 अगस्त को थाने में आवेदन दिया था, जिसमें लिखा- ‘20.08.2026 को समय लगभग 11 बजे सूचना मिली कि सुमित श्रीवास्तव कुछ लोगों के साथ JCB (रजिस्ट्रेशन BR-060E7193) थार (BR-01JK 7700) और मोटर साइकिल से पहुंचे थे। आवेदन में लिखा था कि गाड़ी में लोजपा (राम विलास) प्रधान महासचिव का बोर्ड लगा था। लगभग 50 अज्ञात लोगों के साथ मेरी जमीन और अन्य मकान में तोड़फोड़ करने लगे। मैं और अन्य जमीन के मालिक लगभग 12:00 बजे पहुंचे तो मेरी बाउंड़ी को तोड़ा जा चुका था, जबकि प्रेमचन्द्र मिश्रा के मकान को तोड़ जा रहा था। हमने मना किया, मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू किया तो मेरा मोबाइल छीन कर तोड़ दिया और मारपीट की। साथ ही गले में पहली सोने की चैन भी छीन ली। विवादित जमीन का जायजा लेने पहुंचे SSP मामले की जांच के लिए एसएसपी कांतेश मिश्रा 23 अगस्त की सुबह विवादित जमीन पर पहुंचे थे और हालात का जायजा लिया था। यहां 52 प्लॉट की बाऊंड़्री को तोड़ा गया था। 20 अगस्त को हुई तोड़फोड़ का वीडियो भी सामने आया है। जिसमें कुछ लोग बुलडोजर से बाउंड्री तोड़ते दिखाई दे रहे हैं।  

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