नरसिंहपुर जिले के ठेमी थानांतर्गत करकबेल में शराब कारोबारी प्रदीप कौरव के अपहरण और सामूहिक मारपीट के मामले में तीन आरोपियों की जमानतें रद्द कर दी गई हैं। न्यायालय ने इन तीनों आरोपियों को 19 मई तक कोर्ट में आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया है। यह आदेश गोटेगांव की न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी साक्षी शुक्ला ने जिला पुलिस की अर्जी पर सुनवाई करते हुए जारी किया। पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीणा के निर्देश पर जिला पुलिस ने कोर्ट में अर्जी दी थी। इसमें बताया गया कि आरोपियों पर आजीवन कारावास तक की सजा वाली धारा 140(2) बढ़ाई गई है, क्योंकि पीड़ित प्रदीप कौरव की मेडिकल रिपोर्ट में नाक में फ्रैक्चर प्रमाणित हुआ है। पुलिस ने यह भी तर्क दिया कि मामले में दो मुख्य आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए इन आरोपियों की जमानत निरस्त होना आवश्यक है। यह मामला अब सत्र न्यायालय द्वारा विचारणीय है। इनकी याचिका हुई रद्द कोर्ट द्वारा जारी आदेश के आधार पर प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट ने आरोपी सागर उर्फ सोनू, भरत पिता रोशन पटेल और अभिषेक पिता फूल सिंह को मिली जमानतों को निरस्त किया है। ये है पूरा मामला यह घटना 2 मई को करकबेल में हुई थी। शराब कारोबारी प्रदीप कौरव का अपहरण कर उनके साथ मारपीट की गई थी। आरोपियों ने इस वारदात का एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया था। अस्पताल में घायल प्रदीप कौरव ने इस घटना के लिए क्षेत्र के दीपक लोधी और उसके साथ आए अन्य लोगों को जिम्मेदार ठहराया था।


