बेगूसराय में सड़क पर मिली शराब की बोतले:आरोपी पुलिस के पकड़ से बाहर, तलाश में जुटी

बेगूसराय में सड़क पर मिली शराब की बोतले:आरोपी पुलिस के पकड़ से बाहर, तलाश में जुटी

बेगूसराय के वीरपुर थाना क्षेत्र स्थित नौला पुलिस पिकेट के नव पदस्थापित प्रभारी के सामने अवैध शराब निर्माण और तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना एक बड़ी चुनौती बन गया है। हाल ही में नौला चौक पर मोटरसाइकिल से ले जाई जा रही अवैध शराब की खेप से बोतलें सड़क पर गिरने की घटना ने शराबबंदी कानून की स्थिति पर सवाल खड़े किए थे। इस घटना के बाद क्षेत्र में अफरातफरी का माहौल रहा और यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि, चिन्हित तस्कर अभी तक पुलिस की पकड़ से बाहर है, लेकिन उसके संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। नौला पिकेट के अधीन आने वाले कई गांवों में लंबे समय से अवैध शराब कारोबार और असामाजिक तत्वों की गतिविधियां पुलिस के लिए चिंता का विषय रही हैं। पूर्व पिकेट प्रभारी अकरम खान ने अपने कार्यकाल में लगातार छापेमारी और सघन गश्ती के माध्यम से इन गतिविधियों पर काफी हद तक अंकुश लगाया था, जिससे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था में सुधार हुआ था। स्थानीय लोगों का कहना है कि नए प्रभारी से उन्हें काफी उम्मीदें हैं। लोगों का मानना है कि नियमित गश्ती, खुफिया तंत्र की मजबूती और त्वरित कार्रवाई से ही अवैध शराब कारोबार पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है। फिलहाल, क्षेत्र की निगाहें नए प्रभारी की कार्यशैली पर टिकी हुई हैं। बेगूसराय के वीरपुर थाना क्षेत्र स्थित नौला पुलिस पिकेट के नव पदस्थापित प्रभारी के सामने अवैध शराब निर्माण और तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना एक बड़ी चुनौती बन गया है। हाल ही में नौला चौक पर मोटरसाइकिल से ले जाई जा रही अवैध शराब की खेप से बोतलें सड़क पर गिरने की घटना ने शराबबंदी कानून की स्थिति पर सवाल खड़े किए थे। इस घटना के बाद क्षेत्र में अफरातफरी का माहौल रहा और यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि, चिन्हित तस्कर अभी तक पुलिस की पकड़ से बाहर है, लेकिन उसके संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। नौला पिकेट के अधीन आने वाले कई गांवों में लंबे समय से अवैध शराब कारोबार और असामाजिक तत्वों की गतिविधियां पुलिस के लिए चिंता का विषय रही हैं। पूर्व पिकेट प्रभारी अकरम खान ने अपने कार्यकाल में लगातार छापेमारी और सघन गश्ती के माध्यम से इन गतिविधियों पर काफी हद तक अंकुश लगाया था, जिससे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था में सुधार हुआ था। स्थानीय लोगों का कहना है कि नए प्रभारी से उन्हें काफी उम्मीदें हैं। लोगों का मानना है कि नियमित गश्ती, खुफिया तंत्र की मजबूती और त्वरित कार्रवाई से ही अवैध शराब कारोबार पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है। फिलहाल, क्षेत्र की निगाहें नए प्रभारी की कार्यशैली पर टिकी हुई हैं।  

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