बेगूसराय के साहेबपुर कमाल थाना क्षेत्र के रघुनाथपुर गांव में 5 सितंबर 2019 को पवन राय की हत्या हुई थी। इस मामले में आरोपी प्रकाश राय को कोर्ट ने आज आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। मृतक की बेटी सहित पीड़ित परिवार ने इसके लिए कोर्ट का आभार जताते हुए कहा है कि न्याय की जीत हुई है। वकील मंसूर आलम ने बताया कि प्रकाश राय को धारा-302 में आजीवन कारावास और 20 हजार रूपये जुर्माना की सजा सुनाई गई है। जुर्माना नहीं देने पर 9 महीने का अतिरिक्त कारावास होगा। धारा-307 में 10 साल की सजा और 20 हजार जुर्माना की सजा सुनाई गई है। धारा- 27 में 3 साल की सजा और 5 हजार जुर्माना किया गया है। 5 सितंबर 2019 को सियाराम राय के बेटे पवन राय की दिनदहाड़े उसके दरवाजे पर सोए हालत में गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस घटना में पवन राय के पास बैठी उसकी करीब 7 साल की बेटी दीपिका कुमारी को गोली मारी गई थी। जिसका इलाज लंबे समय तक पीएमसीएच पटना में चला। घात लगाए बदमाशों ने दागी थी बुलेट दीपिका ने बताया कि पिता रोज वेली पब्लिक स्कूल के बच्चों को लाने-पहुंचाने के लिए भाड़े पर अपनी मैजिक सवारी गाड़ी चलाते थे। जिससे उनके परिवार का गुजर-बसर होता था। 5 सितंबर को मैजिक गाड़ी से स्कूली बच्चों को घर छोड़कर करीब एक बजे अपने घर पहुंचे थे। वह अपने दरवाजे पर बिछे चौकी पर आराम करने के लेट गए। मैं उसी चौंकी पर हम भी थे। इसी दौरान पहले से घात लगाए प्रकाश राय ने दिन के करीब दो बजे दरवाजे पर चढ़कर गोली मार दी। इस दौरान मेरे पीठ में गोली लग गई। गोली की आवाज़ सुनकर परिवार के सदस्य दौड़कर दरवाजे पर आए और उठाया। इलाज के लिए ले जाने के दौरान रास्ते में पिता की मौत हो गई। जबकि गंभीर हालत देखकर हमको बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया। इस घटना को लेकर मृतक की पत्नी गुंजन कुमारी ने साहेबपुर कमाल थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। ट्रायल के दौरान मृतक के बेटी की सबसे अहम गवाही हुई और आज एडीजे-11 ने सजा सुनाई है। बेगूसराय के साहेबपुर कमाल थाना क्षेत्र के रघुनाथपुर गांव में 5 सितंबर 2019 को पवन राय की हत्या हुई थी। इस मामले में आरोपी प्रकाश राय को कोर्ट ने आज आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। मृतक की बेटी सहित पीड़ित परिवार ने इसके लिए कोर्ट का आभार जताते हुए कहा है कि न्याय की जीत हुई है। वकील मंसूर आलम ने बताया कि प्रकाश राय को धारा-302 में आजीवन कारावास और 20 हजार रूपये जुर्माना की सजा सुनाई गई है। जुर्माना नहीं देने पर 9 महीने का अतिरिक्त कारावास होगा। धारा-307 में 10 साल की सजा और 20 हजार जुर्माना की सजा सुनाई गई है। धारा- 27 में 3 साल की सजा और 5 हजार जुर्माना किया गया है। 5 सितंबर 2019 को सियाराम राय के बेटे पवन राय की दिनदहाड़े उसके दरवाजे पर सोए हालत में गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस घटना में पवन राय के पास बैठी उसकी करीब 7 साल की बेटी दीपिका कुमारी को गोली मारी गई थी। जिसका इलाज लंबे समय तक पीएमसीएच पटना में चला। घात लगाए बदमाशों ने दागी थी बुलेट दीपिका ने बताया कि पिता रोज वेली पब्लिक स्कूल के बच्चों को लाने-पहुंचाने के लिए भाड़े पर अपनी मैजिक सवारी गाड़ी चलाते थे। जिससे उनके परिवार का गुजर-बसर होता था। 5 सितंबर को मैजिक गाड़ी से स्कूली बच्चों को घर छोड़कर करीब एक बजे अपने घर पहुंचे थे। वह अपने दरवाजे पर बिछे चौकी पर आराम करने के लेट गए। मैं उसी चौंकी पर हम भी थे। इसी दौरान पहले से घात लगाए प्रकाश राय ने दिन के करीब दो बजे दरवाजे पर चढ़कर गोली मार दी। इस दौरान मेरे पीठ में गोली लग गई। गोली की आवाज़ सुनकर परिवार के सदस्य दौड़कर दरवाजे पर आए और उठाया। इलाज के लिए ले जाने के दौरान रास्ते में पिता की मौत हो गई। जबकि गंभीर हालत देखकर हमको बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया। इस घटना को लेकर मृतक की पत्नी गुंजन कुमारी ने साहेबपुर कमाल थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। ट्रायल के दौरान मृतक के बेटी की सबसे अहम गवाही हुई और आज एडीजे-11 ने सजा सुनाई है।


