Suvendu Adhikari announcement: पश्चिम बंगाल के CM शुभेन्दु अधिकारी ने साफ किया है कि लक्ष्मी भंडार योजना बंद नहीं होगी। नई भाजपा सरकार ने आयुष्मान भारत और बॉर्डर सुरक्षा को लेकर भी बड़े फैसले लिए हैं।
Lakshmir Bhandar Scheme: पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की नई सरकार बनने के बाद लोगों के मन में अटकलें थी कि क्या सरकार बदलने के बाद ममता बनर्जी की लक्ष्मी भंडार योजना को रोक दिया जाएगा? ऐसे में सोमवार को अब मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी ने इन सभी अटकलों पर पूरी तरह विराम लगा दिया है। सोमवार को हुई पहली कैबिनेट बैठक के बाद उन्होंने साफ कहा कि बंगाल में चल रही कोई भी जनकल्याण योजना बंद नहीं होगी। उन्होंने बताया कि लक्ष्मी भंडार योजना पहले की तरह चलती रहेगी और महिलाओं को हर महीने मिलने वाली आर्थिक मदद भी जारी रहेगी।
लक्ष्मीर भंडार योजना रहेगी जारी
मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी ने साफ कर दिया है कि बंगाल में चल रही लक्ष्मी भंडार योजना बंद नहीं होगी। उन्होंने कहा कि राज्य की सभी लाभार्थी योजनाएं पहले की तरह जारी रहेंगी। यह योजना साल 2021 में शुरू हुई थी, जिसके तहत गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता दी जाती है। एससी-एसटी वर्ग की महिलाओं को 1200 रुपये और अन्य वर्ग की महिलाओं को 1000 रुपये दिए जाते हैं। माना जाता है कि यह योजना ममता बनर्जी सरकार की महिलाओं के बीच मजबूत पकड़ बनाने में सहायक रही है।
पहली कैबिनेट बैठक में लिए फैसले
पहली कैबिनेट बैठक में शुभेन्दु अधिकारी सरकार ने कई बड़े फैसले लिए। सरकार ने चुनाव आयोग को शांतिपूर्ण चुनाव के लिए धन्यवाद दिया और राजनीतिक हिंसा में मारे गए भाजपा कार्यकर्ताओं के परिवारों के प्रति दुख जताया। इसके अलावा बांग्लादेश सीमा पर घुसपैठ रोकने के लिए बीएसएफ को कांटेदार तार लगाने के लिए जमीन देने का फैसला भी लिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि 45 दिनों के अंदर जरूरी जमीन बीएसएफ को सौंप दी जाएगी, ताकि बॉर्डर पर सुरक्षा और मजबूत हो सके।
बंगाल में लागू होगी आयुष्मान भारत योजना
बीजेपी सरकार ने राज्य में आयुष्मान भारत योजना लागू करने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नाम वाली सभी योजनाएं अब पश्चिम बंगाल में शुरू की जाएंगी। इसके साथ ही नई सरकार भारतीय न्याय संहिता जैसे नए आपराधिक कानून भी लागू करेगी। पहले ममता बनर्जी सरकार ने इन कानूनों और कई केंद्रीय योजनाओं का विरोध किया था, लेकिन अब भाजपा सरकार ने अलग रुख अपनाया है।
15 साल बाद बंगाल में BJP की जीत
इस बार पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिला। भाजपा ने पहली बार अपने दम पर बहुमत हासिल करते हुए 294 में से 207 सीटें जीत लीं। लंबे समय से सत्ता में रही टीएमसी को इस चुनाव में बड़ा नुकसान हुआ। चुनाव के दौरान बीजेपी ने बॉर्डर सुरक्षा, घुसपैठ और वोटर लिस्ट जैसे मुद्दों को जोर-शोर से उठाया था, जिसका असर चुनाव नतीजों में साफ दिखाई दिया।


