Maharashtra Ladli Behna Yojana : महाराष्ट्र की लाखों महिलाओं के लिए खुशखबरी है। ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना’ (Majhi Ladki Bahin Yojana) के तहत जुलाई महीने की 1,500 रुपये की किस्त पात्र लाभार्थी महिलाओं के बैंक खातों में जमा होनी शुरू हो गई है। लंबे समय से जुलाई की किस्त का इंतजार कर रही महिलाओं को रक्षाबंधन से पहले यह राशि मिलने से बड़ी राहत मिली है। फिलहाल राज्य में 1 करोड़ 65 लाख पात्र महिलाएं इस योजना का लाभ ले रही हैं।
यह योजना महाराष्ट्र सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से संचालित की जाती है। जुलाई की किस्त के लिए सरकार की ओर से फंड उपलब्ध कराए जाने के बाद अब लाभार्थी महिलाओं के खातों में पैसे ट्रांसफर किए जा रहे हैं।
रक्षाबंधन से पहले खातों में पहुंच रहे 1500 रुपये
लाडकी बहिन योजना की लाभार्थी महिलाओं को जुलाई महीने की किस्त का बेसब्री से इंतजार था। अब ₹1,500 की राशि खातों में जमा होना शुरू हो गई है। रक्षाबंधन से पहले पैसे मिलने से लाभार्थी महिलाओं में खुशी का माहौल है।
जानकारी के मुताबिक, सामाजिक न्याय विभाग की ओर से ₹344 करोड़ का फंड महिला एवं बाल विकास विभाग को वितरित किए जाने के बाद जुलाई की किस्त के वितरण की प्रक्रिया शुरू हुई है।
हालांकि, सभी पात्र महिलाओं के खातों में राशि एक ही समय पर जमा होना जरूरी नहीं है। बैंकिंग प्रक्रिया के अनुसार अलग-अलग लाभार्थियों के खातों में राशि पहुंच सकती है।
क्या है लाडकी बहिन योजना?
महाराष्ट्र सरकार ने महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत करने और उन्हें आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लाडकी बहीन योजना (Mukhyamantri Ladki Bahin Yojana) शुरू की थी। इस योजना की शुरुआत जुलाई 2024 में की गई थी। योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है।
e-KYC प्रक्रिया के बाद 92 लाख लाभार्थी घटे
हाल के महीनों में लाडकी बहिन योजना के लाभार्थियों की संख्या में भी बड़ी गिरावट आई है। योजना शुरू होने के समय करीब 2 करोड़ 47 लाख महिलाएं इसकी लाभार्थी थीं। इसके बाद सरकार ने लाभार्थियों के लिए ई-केवाईसी प्रक्रिया अनिवार्य की।
ई-केवाईसी पूरी नहीं करने के कारण करीब 62 लाख महिलाओं के नाम योजना से हटा दिए गए। इसके अलावा पात्रता से जुड़े अन्य कारणों के चलते भी लाभार्थियों की संख्या में कमी आई है।
ई-केवाईसी और अन्य प्रक्रियाओं के बाद अब योजना के लाभार्थियों की संख्या करीब 1 करोड़ 65 लाख रह गई है। यानी योजना शुरू होने के मुकाबले लाभार्थियों की संख्या में करीब 92 लाख की कमी हुई है।
इस बीच, जुलाई महीने की किस्त का भुगतान शुरू होने से अब उन पात्र महिलाओं को राहत मिली है, जो लंबे समय से राशि का इंतजार कर रही थीं।

