Kritika Kamra On Casting Couch: अक्सर इंडस्ट्री के काले सच से पर्दा हटाकर अपने साथ हुए हादसों को लेकर स्टार्स बड़े-बड़े खुलासे करते रहते हैं। इस बार भी ऐसा ही हुआ। टीवी से लेकर ओटीटी की दुनिया तक अपनी पहचान बनाने वाली एक्ट्रेस कृतिका कामरा ने हाल ही में कुछ कड़वे सच से के बारे में बताया। उन्होंने अपने साथ हुआ भेदभाव और कास्टिंग काउच को पर बेबाकी से अपनी राय रखी। उनका यह इंटरव्यू सोशल मीडिया पर काफी चर्चा बटोर रहा है।
कास्टिंग काउच पर कृतिका कामरा का सच (Kritika Kamra On Casting Couch)
न्यूज18 के साथ एक खास बातचीत में कृतिका ने उन दिनों को याद किया जब उन्होंने बेहद कम उम्र में एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा था। उन्होंने बताया कि उस वक्त उनका परिवार अक्सर कास्टिंग काउच की खबरें पढ़कर उनकी सुरक्षा को लेकर डरता था। कृतिका ने खुलासा किया कि उनका सामना भी ऐसे हालातों से हुआ था, लेकिन वह वहां से सुरक्षित निकलने में सफल रहीं।
दिलचस्प बात यह है कि कृतिका इसका श्रेय अपनी बुद्धिमत्ता को नहीं, बल्कि किस्मत को देती हैं। उन्होंने कहा, “मैं उस समय बहुत छोटी थी और मुझे दुनिया की जरा भी समझ नहीं थी। यह मेरी किस्मत अच्छी थी कि मैं उन स्थितियों से बचकर निकल गई, वरना उस उम्र में मुझे कुछ पता नहीं था।”

टीवी कलाकारों को मिलता है ‘सौतेला’ व्यवहार (Kritika Kamra News)
टीवी इंडस्ट्री में अपनी एक खास पहचान बनाने के बावजूद कृतिका को बड़े पर्दे की ओर रुख करते समय भेदभाव का सामना करना पड़ा। उन्होंने महसूस किया कि फिल्म इंडस्ट्री में टीवी कलाकारों को ‘हीन भावना’ से देखा जाता है। कृतिका के अनुसार, छोटे शहर से आने के कारण उनके लिए यह समझना मुश्किल था कि एक ही पेशे में होने के बाद भी माध्यम (मीडियम) के आधार पर लोगों का व्यवहार क्यों बदल जाता है।

कृतिका ने दर्द साझा करते हुए कहा, “फिल्म बैकग्राउंड वाले लोगों को मौके आसानी से मिल जाते हैं, लेकिन टीवी से आए कलाकारों को खुद को साबित करने के लिए दोगुनी मेहनत करनी पड़ती है।” उन्होंने यह भी बताया कि कई लोग टीवी अभिनेत्रियों को सिर्फ एक चेहरे के रूप में देखते हैं और जब वह अपनी गंभीर सोच साझा करती हैं, तो लोग हैरान रह जाते हैं।

‘तांडव’ ने बदली किस्मत (Kritika Kamra married with Gaurav Kapur)
करियर के मोर्चे पर बात करते हुए कृतिका ने कहा कि वेब सीरीज ‘तांडव’ उनके लिए गेम चेंजर साबित हुई। इस शो के बाद उन्हें अच्छे ऑफर्स मिलने लगे। हालांकि, अब वह सिर्फ बड़े बैनर की वजह से कोई फिल्म साइन नहीं करतीं। उनका कहना है कि वह पर्दे पर सिर्फ ‘सशक्त महिलाओं’ के किरदार निभाना चाहती हैं, जो समाज में एक मजबूत संदेश दे सकें।


