केरलम पुलिस की अपराध शाखा ने केरल लोक सेवा आयोग (केपीएससी) की ओर से आयोजित भर्ती परीक्षाओं और की गई नियुक्तियों में कथित अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में आयोग के अध्यक्ष एमआर बैजू को नोटिस जारी कर 28 अक्टूबर को पूछताछ के लिए पेश होने का निर्देश दिया है। सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि अपराध शाखा ने सोमवार को तिरुवनंतपुरम स्थित अपने कार्यालय में केपीएससी के तीन सदस्यों से पूछताछ भी की।
उन्होंने बताया कि आयोग के दो अन्य सदस्यों को भी नोटिस जारी किए गए हैं, जिनमें उनसे 27 अक्टूबर को पूछताछ के लिए पेश होने को कहा गया है। सूत्रों के मुताबिक, केरल उच्च न्यायालय ने जांच की धीमी गति को लेकर हाल में अपराध शाखा की आलोचना की थी, जिसके बाद इसमें तेजी लाने के लिए नोटिस भेजने का फैसला लिया गया। उन्होंने बताया कि आयोग के सभी सदस्यों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं और अपराध शाखा का लक्ष्य एक हफ्ते के भीतर पूछताछ पूरी करना है।
केरलम सरकार ने केरल राज्य योजना बोर्ड के पदों के लिए केपीएससी की ओर से आयोजित भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं की पड़ताल के लिए अपराध शाखा की एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की थी। जांच के दौरान पाया गया कि अर्थशास्त्र विषय के 10 वर्णनात्मक प्रश्न (जो कुल 58 अंकों के थे) ‘ऑन स्क्रीन मार्किंग’ (ओएसएम) प्रणाली में हुई गड़बड़ी के कारण सही परीक्षकों को नहीं भेजे गए, जिस वजह से उत्तर पुस्तिकाएं जांची ही नहीं गईं। परीक्षा में तीसरा स्थान हासिल करने वाले श्याम कृष्ण नामक अभ्यर्थी की शिकायत के बाद पुनर्मूल्यांकन किया गया, जिसके बाद वह पहले स्थान पर आ गया।
अधिकारियों ने बताया कि अरुण जे प्रदीप, जिसने शुरुआत में पहली रैंक हासिल की थी, पुनर्मूल्यांकन के बाद पांचवें स्थान पर आ गया। उन्होंने बताया कि अपराध शाखा ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए गड़बड़ी के संदेह के चलते तीन अन्य केपीएससी भर्ती परीक्षाओं को भी इसमें शामिल कर लिया है। अधिकारियों के अनुसार, अपराध शाखा ने पहले केपीएससी सदस्यों से पूछताछ करनी चाही थी, लेकिन उन्होंने आयोग के एक वैधानिक निकाय होने का हवाला देते हुए पेश होने से इनकार कर दिया।
इस बीच, केपीएससी ने परीक्षा विभाग के प्रभारी अतिरिक्त सचिव आर हरि को सोमवार को निलंबित कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि आयोग ने सेवानिवृत्त उप-सचिव पी सतीश को मिलने वाले सभी सेवानिवृत्ति लाभ भी रोकने का फैसला किया है। उन्होंने बताया कि हरि और सतीश ने राज्य योजना बोर्ड के पद के लिए हुई भर्ती परीक्षा की निगरानी की थी, जिसमें गंभीर अनियमितताएं पाई गईं।
अधिकारियों के मुताबिक, केपीएससी परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामले में अपराध शाखा ने हरि और सतीश को भी आरोपी बनाया है। केरलम के पूर्व राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने पद छोड़ने से कुछ समय पहले राष्ट्रपति को पत्र लिखकर भर्ती निकाय में कथित अनियमितताओं के चलते केपीएससी अध्यक्ष बैजू को हटाने की सिफारिश की थी।

