बैकुंठपुर। नगर पालिका शिवपुर चरचा से कटगोड़ी को जोडऩे सडक़ निर्माण (Road Construction) की मांग अब जोर-शोर से उठने लगी है। व्यापारियों ने दिसंबर में प्रस्तावित निकाय चुनाव से पहले सडक़ निर्माण नहीं होने पर मतदान बहिष्कार करने बैनर लगाए हैं। व्यापारियों ने कहा है कि सडक़ की समस्या का समाधान नहीं होने पर नगरीय निकाय चुनाव का बहिष्कार करेंगे। साथ हीमांग को पूरा करने के लिए जनता सडक़ पर उतरेगी। चरचा कॉलरी के बाजार की दुकानों में लगाए गए बैनर में लिखा गया है… चरचा-कटगोड़ी सडक़ निर्माण की मांग पूरी नहीं होने की वजह से मैं नगर पालिका शिवपुर-चरचा चुनाव का बहिष्कार करता हूं। साथ ही सडक़ की स्थिति को दर्शाते हुए पहले सडक़, फिर वोट… का संदेश दिया गया है।
चरचा बचाव मंच का कहना है कि चरचा-कटगोड़ी सडक़ क्षेत्र के आवागमन, व्यापार और विकास के लिए महत्वपूर्ण है। सडक़ की समस्या का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं, बल्कि आम नागरिकों, दुकानदारों, मरीजों, विद्यार्थियों और रोजमर्रा के काम से आने-जाने वाले लोगों को भी प्रभावित करता है। दिसंबर में होने वाले निकाय चुनाव (Urban Election) से पहले सडक़ का मुद्दा चर्चा में है।
स्थानीय नागरिकों ने मांग रखी है कि सडक़ निर्माण के विषय को केवल चुनावी चर्चा या आश्वासन तक सीमित नहीं रखा जाए, बल्कि वास्तविक स्थिति स्पष्ट कर निर्माण की दिशा में ठोस पहल की जाए। निर्माण विभाग और जिम्मेदार जनप्रतिनिधि सडक़ निर्माण की स्वीकृति, बजट, कार्ययोजना, निर्माण शुरू होने की संभावित समय-सीमा के संबंध में स्पष्ट जानकारी सामने लाएं।
Koria Election boycott news: व्यापार 80 फीसदी प्रभावित
व्यापारियों का कहना है कि चरचा कॉलरी से सेवानिवृत्त होकर अन्यत्र जाने वाले कर्मियों के कारण पलायन जैसी स्थिति निर्मित होने लगी है। साथ ही नगर का कारोबार 80 फीसदी तक घट चुका है। व्यापारी अब सिर्फ 20 फीसदी व्यापार पर आश्रित हैं। एसईसीएल बैकुंठपुर एरिया में संचालित चरचा कॉलरी की देश की नामी खदानों (Coal mines) में गिनती होती है। पिछले 62 वर्षों में कोयला निकाला जा रहा है। खदान खुलने के समय चरचा कॉलरी में लगभग 3600 कर्मचारी कार्यरत थे।
लेकिन आज यह संख्या घटकर महज 1600 से कम हो गई है। चरचा कॉलरी का बाजार भी कॉलरी कर्मियों के भरोसे चलता है। लेकिन अब बाजार में कारोबार 80 फीसदी तक घट चुका है। इसे लेकर खासकर व्यापारी वर्ग चिंतित हैं। नगरपालिका शिवपुर चरचा की आबादी 25 हजार है, लेकिन कारोबार महज 20 फीसदी बचा हुआ है। कोयला खदान बंद हुई तो क्षेत्र से पलायन होगा। ऐसी स्थिति से बचने के लिए बड़े कदम उठाना जरूरी है। पंचवटी विश्रामगृह से कटगोड़ी तक संपर्क मार्ग (थीन जुन मार्ग) का शीघ्र निर्माण होना चाहिए, जो करीब 3 दशक से लंबित है।

