KL Rahul बोले, 350 रन भी सुरक्षित नहीं इसलिए बीच के ओवरों में तेजी से रन बनाना जरूरी

KL Rahul बोले, 350 रन भी सुरक्षित नहीं इसलिए बीच के ओवरों में तेजी से रन बनाना जरूरी

नयी दिल्ली, पांच अक्टूबर भारतीय बल्लेबाज केएल राहुल का कहना है कि वह गेंद पुरानी पड़ जाने के बाद उसके सामने अच्छा प्रदर्शन करने के लिए अपने खेल में सुधार करने की कोशिश कर रहे हैं ताकि बीच की ओवरों में अधिक से अधिक रन बना सकें। वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे वनडे में 87 गेंदों पर 129 रन बनाने वाले राहुल ने जिओस्टार से कहा, ‘‘आखिरी 10 ओवरों में 80-90 रन बनाना आसान नहीं है। जब गेंद पुरानी और नरम हो जाती है और रिवर्स स्विंग करने लगती है और अगर लांग ऑन और डीप मिडविकेट की बाउंड्री बड़ी हो तो वहां खड़े क्षेत्ररक्षकों को देखते हुए लंबे शॉट खेलना आसान नहीं होता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे तेज गेंदबाजों का सामना करना पसंद है।मैं उनकी गति का फायदा उठा सकता हूं। मैं इसी पर काम कर रहा हूं। पुरानी गेंदों से खेलने की कोशिश कर रहा हूं और उन पर छक्के लगाने में सक्षम बनना चाहता हूं।’’
राहुल ने कहा, ‘‘मैं लगातार अपने खेल में सुधार करने की कोशिश करता हूं।मैं अपनी भूमिका समझता हूं। मैं यह जानता हूं कि नंबर पांच और नंबर छह के बल्लेबाज को लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के लिए क्या करना होता है।’’
बेंगलुरु के इस 34 वर्षीय खिलाड़ी ने कहा कि 350 का स्कोर भी अब सुरक्षित नहीं है और ऐसे में मध्य क्रम के बल्लेबाजों को पहले से कहीं अधिक तेजी से रन बनाने की जरूरत है। तीसरे वनडे में वेस्टइंडीज ने 352 रन का लक्ष्य 48.2 ओवरों में हासिल कर लिया।इससे पहले गुवाहाटी में खेले गए दूसरे वनडे में भारत ने रिकॉर्ड 406 रन का लक्ष्य केवल 43.2 ओवरों में हासिल कर लिया था। राहुल ने कहा, ‘‘अब तक हमारा लक्ष्य यह देखना रहा है कि क्या हम पहले बल्लेबाजी करते हुए 330-340 रन बना सकते हैं, लेकिन अब वनडे में 340 और 350 के स्कोर का लक्ष्य आसानी से हासिल कर लिया जाता है। ऐसे में मध्यक्रम के बल्लेबाजों की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘कोच और कप्तान ने उन खिलाड़ियों के बारे में स्पष्ट रूप से बता दिया है जिन्हें वे विश्व कप की टीम में शामिल करना चाहते हैं।वे कुछ ऐसे खिलाड़ियों को अधिक समय देना चाहते हैं जो हमें लगता है कि विश्व कप के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं। 

नयी दिल्ली, पांच अक्टूबर भारतीय बल्लेबाज केएल राहुल का कहना है कि वह गेंद पुरानी पड़ जाने के बाद उसके सामने अच्छा प्रदर्शन करने के लिए अपने खेल में सुधार करने की कोशिश कर रहे हैं ताकि बीच की ओवरों में अधिक से अधिक रन बना सकें। वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे वनडे में 87 गेंदों पर 129 रन बनाने वाले राहुल ने जिओस्टार से कहा, ‘‘आखिरी 10 ओवरों में 80-90 रन बनाना आसान नहीं है। जब गेंद पुरानी और नरम हो जाती है और रिवर्स स्विंग करने लगती है और अगर लांग ऑन और डीप मिडविकेट की बाउंड्री बड़ी हो तो वहां खड़े क्षेत्ररक्षकों को देखते हुए लंबे शॉट खेलना आसान नहीं होता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे तेज गेंदबाजों का सामना करना पसंद है।

मैं उनकी गति का फायदा उठा सकता हूं। मैं इसी पर काम कर रहा हूं। पुरानी गेंदों से खेलने की कोशिश कर रहा हूं और उन पर छक्के लगाने में सक्षम बनना चाहता हूं।’’
राहुल ने कहा, ‘‘मैं लगातार अपने खेल में सुधार करने की कोशिश करता हूं।

मैं अपनी भूमिका समझता हूं। मैं यह जानता हूं कि नंबर पांच और नंबर छह के बल्लेबाज को लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के लिए क्या करना होता है।’’
बेंगलुरु के इस 34 वर्षीय खिलाड़ी ने कहा कि 350 का स्कोर भी अब सुरक्षित नहीं है और ऐसे में मध्य क्रम के बल्लेबाजों को पहले से कहीं अधिक तेजी से रन बनाने की जरूरत है। तीसरे वनडे में वेस्टइंडीज ने 352 रन का लक्ष्य 48.2 ओवरों में हासिल कर लिया।

इससे पहले गुवाहाटी में खेले गए दूसरे वनडे में भारत ने रिकॉर्ड 406 रन का लक्ष्य केवल 43.2 ओवरों में हासिल कर लिया था। राहुल ने कहा, ‘‘अब तक हमारा लक्ष्य यह देखना रहा है कि क्या हम पहले बल्लेबाजी करते हुए 330-340 रन बना सकते हैं, लेकिन अब वनडे में 340 और 350 के स्कोर का लक्ष्य आसानी से हासिल कर लिया जाता है। ऐसे में मध्यक्रम के बल्लेबाजों की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘कोच और कप्तान ने उन खिलाड़ियों के बारे में स्पष्ट रूप से बता दिया है जिन्हें वे विश्व कप की टीम में शामिल करना चाहते हैं।

वे कुछ ऐसे खिलाड़ियों को अधिक समय देना चाहते हैं जो हमें लगता है कि विश्व कप के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

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