किशनगंज नगर परिषद ने शहर में अपनी 396 दुकानों का मासिक किराया बढ़ाने का निर्णय लिया है। यह नई दरें 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगी। अब तक 100 वर्गमीटर तक की दुकानों के लिए 800 से 1200 रुपये मासिक किराया लिया जाता था, जिसे बढ़ाकर 1500 रुपये प्रति माह कर दिया गया है। नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी प्रवीण कुमार ने बताया कि परिषद की दुकानों का किराया कई वर्षों से अपरिवर्तित था। इस अवधि में महंगाई और प्रशासनिक खर्चों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई, जिससे आय और व्यय के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए किराया बढ़ाना आवश्यक हो गया था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नई दरें तर्कसंगत हैं और अन्य नगर निकायों की तुलना में अभी भी कम हैं। 396 दुकानों से 5.94 लाख प्रती माह होगी वसूली इस फैसले से नगर परिषद की मासिक आय में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। पुरानी दरों के अनुसार, 396 दुकानों से लगभग 3 लाख 96 हजार रुपए की मासिक आय होती थी। नई दर 1500 रुपये प्रति माह लागू होने के बाद यह आय बढ़कर लगभग 5 लाख 94 हजार रुपये प्रति माह हो जाएगी। प्रशासन ने बताया कि बढ़ी हुई आय का उपयोग नगर क्षेत्र में विकास कार्यों, सड़क निर्माण, जल निकासी, प्रकाश व्यवस्था और अन्य नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने में किया जाएगा। इस निर्णय पर दुकानदारों की मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली है। कुछ व्यापारियों ने इसे लंबे समय बाद स्वाभाविक किराया संशोधन बताया है और स्वीकार करने की बात कही है। हालांकि, कई छोटे दुकानदारों ने चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि बाजार में मंदी, बढ़ती महंगाई और व्यापारिक लागत पहले से ही दबाव बना रही है, ऐसे में 300 से 700 रुपये का अतिरिक्त मासिक बोझ उनके लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। दुकानदारों को भेजा जाएगा औपचारिक नोटिस परिषद प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी दुकानदारों को जल्द ही लिखित औपचारिक नोटिस भेजा जाएगा। इसका उद्देश्य उन्हें नई दरों की समय पर जानकारी देना और भुगतान के लिए तैयार रहने का अवसर प्रदान करना है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि निर्धारित समयसीमा में किराया जमा न करने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। यह कदम नगर परिषद की वित्तीय स्थिति मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण है, लेकिन दुकानदारों के लिए यह मासिक खर्च में आंशिक बढ़ोतरी का दौर भी लाएगा। अब सभी की नजर 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाली नई व्यवस्था पर टिकी है। किशनगंज नगर परिषद ने शहर में अपनी 396 दुकानों का मासिक किराया बढ़ाने का निर्णय लिया है। यह नई दरें 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगी। अब तक 100 वर्गमीटर तक की दुकानों के लिए 800 से 1200 रुपये मासिक किराया लिया जाता था, जिसे बढ़ाकर 1500 रुपये प्रति माह कर दिया गया है। नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी प्रवीण कुमार ने बताया कि परिषद की दुकानों का किराया कई वर्षों से अपरिवर्तित था। इस अवधि में महंगाई और प्रशासनिक खर्चों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई, जिससे आय और व्यय के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए किराया बढ़ाना आवश्यक हो गया था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नई दरें तर्कसंगत हैं और अन्य नगर निकायों की तुलना में अभी भी कम हैं। 396 दुकानों से 5.94 लाख प्रती माह होगी वसूली इस फैसले से नगर परिषद की मासिक आय में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। पुरानी दरों के अनुसार, 396 दुकानों से लगभग 3 लाख 96 हजार रुपए की मासिक आय होती थी। नई दर 1500 रुपये प्रति माह लागू होने के बाद यह आय बढ़कर लगभग 5 लाख 94 हजार रुपये प्रति माह हो जाएगी। प्रशासन ने बताया कि बढ़ी हुई आय का उपयोग नगर क्षेत्र में विकास कार्यों, सड़क निर्माण, जल निकासी, प्रकाश व्यवस्था और अन्य नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने में किया जाएगा। इस निर्णय पर दुकानदारों की मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली है। कुछ व्यापारियों ने इसे लंबे समय बाद स्वाभाविक किराया संशोधन बताया है और स्वीकार करने की बात कही है। हालांकि, कई छोटे दुकानदारों ने चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि बाजार में मंदी, बढ़ती महंगाई और व्यापारिक लागत पहले से ही दबाव बना रही है, ऐसे में 300 से 700 रुपये का अतिरिक्त मासिक बोझ उनके लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। दुकानदारों को भेजा जाएगा औपचारिक नोटिस परिषद प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी दुकानदारों को जल्द ही लिखित औपचारिक नोटिस भेजा जाएगा। इसका उद्देश्य उन्हें नई दरों की समय पर जानकारी देना और भुगतान के लिए तैयार रहने का अवसर प्रदान करना है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि निर्धारित समयसीमा में किराया जमा न करने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। यह कदम नगर परिषद की वित्तीय स्थिति मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण है, लेकिन दुकानदारों के लिए यह मासिक खर्च में आंशिक बढ़ोतरी का दौर भी लाएगा। अब सभी की नजर 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाली नई व्यवस्था पर टिकी है।


