Ken-Betwa Link Project: उमंग सिंघार के समझाने पर पन्ना में 27 दिन बाद समाप्त हुआ धरना

Ken-Betwa Link Project: उमंग सिंघार के समझाने पर पन्ना में 27 दिन बाद समाप्त हुआ धरना

मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में केन-बेतवा लिंक परियोजना के खिलाफ 27 दिन से धरने पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर ने शनिवार को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के आग्रह पर अपना आंदोलन समाप्त कर दिया। सिंघार के आग्रह पर भटनागर ने नारियल पानी पीकर धरना समाप्त किया। नेता प्रतिपक्ष ने इस दौरान परियोजना से प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने की लड़ाई में कांग्रेस की ओर से समर्थन का आश्वासन दिया।

भटनागर के नेतृत्व में परियोजना से प्रभावित आदिवासी किसानों और ग्रामीणों का मुआवजे, पुनर्वास और अन्य मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी था। प्रदर्शनकारी विस्थापन, उचित पुनर्वास, मुआवजा वितरण में कथित अनियमितताओं और वन अधिकार अधिनियम के उल्लंघन से जुड़े मुद्दे उठा रहे हैं। सिंघार ने कहा कि कांग्रेस अधिकार, न्याय, सम्मान और उचित मुआवजे की लड़ाई में प्रभावित लोगों के साथ खड़ी रहेगी।

प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपनी मांगों के संबंध में ज्ञापन सौंपा। सिंघार ने कहा, ‘‘आदिवासियों, दलितों और किसानों को अनाथ समझने वाली भाजपा सरकार को याद रखना चाहिए कि कांग्रेस अभी जीवित है। कांग्रेस प्रभावित परिवारों के अधिकारों और न्याय की लड़ाई सड़क से लेकर संसद तक लड़ेगी।

विकास के नाम पर किसी परिवार के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए।’’
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि 14 जुलाई को प्रभावित लोगों से मुलाकात के बाद उन्होंने विधानसभा में उनकी मांगें उठाई थीं। सिंघार के मुताबिक, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रभावित परिवारों का दोबारा सर्वेक्षण कराने और मुआवजे की स्थिति की जांच करने के निर्देश दिए थे लेकिन सरकार ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। उन्होंने सवाल किया, ‘‘दोबारा किए गए सर्वेक्षण की रिपोर्ट कहां है?

छूट गए परिवारों में से कितनों को मुआवजा दिया गया है और कितने परिवार अब भी भुगतान का इंतजार कर रहे हैं?’’
सिंघार ने कहा कि राज्य सरकार को केवल घोषणाएं करने के बजाय प्रभावित परिवारों की समस्याओं का समयबद्ध तरीके से समाधान करना चाहिए। उन्होंने पन्ना जिला जेल जाकर प्रदर्शनकारी दिव्या अहिरवार से भी मुलाकात की, जो पिछले 28 दिन से जेल में बंद हैं। सिंघार ने सत्याग्रहियों के खिलाफ दर्ज मामलों को फर्जी बताते हुए अहिरवार की तत्काल रिहाई की मांग की।

उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारों के लिए आवाज उठाने वालों को जेल में डाला जा रहा है, जबकि सरकार को प्रभावित आदिवासी परिवारों को न्याय दिलाने के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए। सिंघार ने कहा कि केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित आदिवासी किसानों, ग्रामीणों और विस्थापित परिवारों को न्याय, पर्याप्त मुआवजा और सम्मानजनक पुनर्वास मिलने तक कांग्रेस उनकी आवाज उठाती रहेगी।

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