KCR News: तेलंगाना की सियासत में कांग्रेस और भारत राष्ट्र समिति (BRS) के बीच जुबानी जंग एक बार फिर तेज हो गई है। कांग्रेस नेता इंदिरा शोभन ने BRS प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) पर निशाना साधते हुए हैदराबाद में कहा कि सरकार से सवाल पूछने से पहले उन्हें अपने पुराने वादों का हिसाब देना चाहिए। उन्होंने खास तौर पर केसीआर के उस वादे को याद दिलाया, जिसमें तेलंगाना बनने के बाद दलित व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाने की बात कही गई थी।
इंदिरा शोभन ने कहा कि केसीआर लंबे समय तक तेलंगाना के मुख्यमंत्री रहे, लेकिन उनका यह वादा पूरा नहीं हुआ। ऐसे में अब जब वह विपक्ष के नेता के तौर पर सरकार के कामकाज पर सवाल उठा रहे हैं, तो कांग्रेस भी उनसे उनके पुराने वादों का जवाब मांग रही है।
‘पहले अपने वादे का जवाब दें’
कांग्रेस नेता ने तंज कसते हुए कहा कि केसीआर ने राज्य बनने से पहले दलित मुख्यमंत्री बनाने की बात कही थी, लेकिन करीब दस साल तक सत्ता में रहने के बावजूद ऐसा नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि अगर अब विपक्ष के नेता के पद को लेकर बात हो रही है तो यह पद भी किसी दलित विधायक को दिया जाना चाहिए।
इंदिरा शोभन ने कहा कि अगर किसी दलित विधायक को विपक्ष का नेता बनाया जाता है तो वह उसके सवालों का जवाब देने के लिए तैयार रहेंगी। उनके मुताबिक, राजनीति में सवाल उठाने के साथ अपने पुराने फैसलों और वादों का जवाब देना भी जरूरी है।
सरकारी खर्च को लेकर भी निशाना
इंदिरा शोभन ने केसीआर के कार्यकाल के दौरान सरकारी पैसे के इस्तेमाल को लेकर भी आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री रहते हुए केसीआर के वेतन, सुरक्षा, गाड़ियों, कर्मचारियों और आवास से जुड़ी व्यवस्थाओं पर जनता का पैसा खर्च हुआ।
उन्होंने केसीआर के आवास और फार्महाउस के बीच आने-जाने की व्यवस्थाओं पर होने वाले खर्च का भी जिक्र किया। कांग्रेस नेता का आरोप है कि इन तमाम खर्चों का बोझ आखिरकार तेलंगाना की जनता पर पड़ा। हालांकि, ये सभी आरोप कांग्रेस नेता की ओर से लगाए गए हैं।
विधानसभा में BRS की भूमिका पर सवाल
इंदिरा शोभन ने BRS नेताओं की विधानसभा में मौजूदगी और भूमिका पर भी सवाल उठाया। उनका आरोप है कि विपक्ष ने कई अहम मुद्दों पर उतनी सक्रियता नहीं दिखाई, जितनी दिखनी चाहिए थी। उन्होंने बजट के दौरान भी BRS की भूमिका को लेकर सवाल खड़े किए।
उन्होंने यह भी दावा किया कि केसीआर खुद विधानसभा की कार्यवाही में कम नजर आए। कांग्रेस नेता ने कहा कि जनता के मुद्दों पर सरकार से सवाल पूछना विपक्ष का अधिकार है, लेकिन इसके साथ सदन में सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है।
इंदिरा शोभन ने केसीआर से अपने कार्यकाल और पुराने वादों को लेकर जनता से माफी मांगने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो आने वाले समय में तेलंगाना की जनता इसका जवाब देगी।
इस बयान के बाद साफ है कि तेलंगाना में कांग्रेस और BRS के बीच राजनीतिक लड़ाई सिर्फ मौजूदा सरकार के कामकाज तक सीमित नहीं रहने वाली। अब दोनों दल एक-दूसरे के पुराने वादों और कामकाज को लेकर भी आमने-सामने हैं।

