कानपुर के कल्याणपुर थाना प्रभारी के सीयूजी नंबर पर रविवार दोपहर एक महिला का रोते हुए फोन आया—“जल्दी आ जाइए… रिया फांसी पर लटक गई है।” सूचना मिलते ही थाना प्रभारी संतोष कुमार सिंह ने पुलिस टीम को तुरंत मौके पर भेजा। पुलिस जब बारासिरोही स्थित घर पहुंची तो कमरा अंदर से बंद था। दरवाजा तोड़कर पुलिस अंदर घुसी और फंदे से लटकी महिला को नीचे उतारा। गंभीर हालत में उसे निजी अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने बताया कि कुछ मिनट की देरी भी जानलेवा साबित हो सकती थी।
बच्चे की मौत के बाद तनाव में रहने लगी थी रिया
परिवार के मुताबिक रिया कमल के बच्चे की करीब दो साल पहले मौत हो गई थी। इसके बाद से वह मानसिक तनाव में रहने लगी थी। पति अरविंद कमल निजी कंपनी में नौकरी करते हैं। परिवार में मां शकुंतला और बड़े भाई सुनील कमल भी रहते हैं। पड़ोसियों का कहना है कि पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। शनिवार देर रात भी दोनों के बीच कहासुनी हुई थी, जिसके बाद रिया बिना बताए घर छोड़कर चली गई थी। परिवार पूरी रात उसकी तलाश करता रहा, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका।
राहगीर के फोन से पति को किया कॉल
रविवार सुबह रिया ने एक राहगीर के मोबाइल फोन से पति अरविंद को कॉल किया। उसने बताया कि वह रास्ता भटक गई है। इसके बाद पति उसे घर वापस लेकर आया। घर लौटने के कुछ समय बाद फिर माहौल बिगड़ गया। दोपहर करीब एक बजे रिया ने खुद को कमरे में बंद कर लिया। काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर परिवार को शक हुआ। इसी दौरान जेठ सुनील कमल की नजर कमरे के अंदर गई तो वह सन्न रह गए। उन्होंने तुरंत शोर मचाया और आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए।
दरवाजा तोड़कर बचाई गई महिला की जान
सूचना मिलते समय थाना प्रभारी संतोष कुमार सिंह पनकी रोड चौकी पर वीआईपी मूवमेंट ड्यूटी में मौजूद थे। उन्होंने तत्काल पुलिस टीम को मौके पर भेजा। पुलिस ने पहुंचते ही बंद कमरे का दरवाजा तोड़ा और फंदा काटकर महिला को नीचे उतारा। हालत गंभीर होने पर उसे तुरंत निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। थाना प्रभारी ने बताया कि कॉल करने वाली महिला बेहद घबराई हुई थी और लगातार रोते हुए मदद मांग रही थी। पुलिस की तेजी से कार्रवाई होने के कारण महिला की जान बचाई जा सकी।


