ग्वालियर. एसीएस संजय दुबे की फटकार के बाद नगर निगम अमला एक्शन मोड में आ गया है। शनिवार को एक के बाद एक दो बैठकें मानसून से पहले शहर को जलभराव और सीवर संकट से बचाने को लेकर हुईं। शहर में चिन्हित किए गए 94 जलभराव और सीवर समस्या वाले प्वाइंट््स को लेकर बाल भवन में हुई बैठक में निगमायुक्त संघप्रिय ने अफसरों को एक्शन प्लान तैयार कर तत्काल काम शुरू करने के निर्देश दिए। इन स्थानों पर एक से पांच फीट तक पानी भरता है। वहीं महापौर डॉ. शोभा सतीश ङ्क्षसह सिकरवार ने बाल भवन में की एक अन्य बैठक में साफ शब्दों में चेतावनी दी कि बारिश के दौरान यदि किसी भी क्षेत्र में पानी भरा मिला तो संबंधित इंजीनियर सीधे जिम्मेदार माने जाएंगे। बैठक में चारों विधानसभा क्षेत्रों की अलग-अलग समीक्षा की गई। महापौर ने अधिकारियों को 15 दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि 17 मई को वे खुद नाला और सीवर सफाई कार्यों का निरीक्षण करेंगी।
ग्रामीण क्षेत्र के डेंजर जोन पर विशेष नजर
ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र की समीक्षा के दौरान विधायक साहब ङ्क्षसह गुर्जर ने हबीबपुर, जारगा अकबरपुर और शंकरपुर जैसे क्षेत्रों में हर साल होने वाले जलभराव पर ङ्क्षचता जताई। उन्होंने कहा इन क्षेत्रों में बारिश के दौरान पानी भरा मिला तो संबंधित इंजीनियर जिम्मेदारी से बच नहीं पाएंगे।
नालों की सफाई से लेकर अतिक्रमण हटाने तक मांगा पूरा रोडमैप
निगमायुक्त संघप्रिय ने बारिश से पहले शहर के सभी नालों और सीवर लाइनों की तली झाड़ सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने विधानसभा वार कार्ययोजना तैयार करने को कहा, जिसमें तय होगा कि कौन-से नाले मशीन से और कौन-से मैन्युअल तरीके से साफ किए जाएंगे। जिन नालों पर अतिक्रमण है, उनकी सूची बनाकर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए। सभी अपर आयुक्तों को क्षेत्र में लगातार भ्रमण कर सफाई कार्यों की मॉनिटरिंग करने को कहा गया है। साथ ही शहर के 94 जलभराव और सीवर उफान वाले संवेदनशील स्थानों पर विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
पकड़ी अफसरों की पोल
पूर्व विधानसभा की समीक्षा बैठक में विधायक डॉ. सतीश सिंह सिकरवार ने अधिकारियों के दावों की स‘चाई पार्षदों से फोन पर पूछी। कई पार्षदों ने कार्य नहीं होने की बात कही। विधायक ने अधिकारियों को वार्डों में नियमित भ्रमण के निर्देश दिए और वार्ड 18-19 में विशेष व्यवस्था सहित हर जोन में 10 अतिरिक्त कर्मचारी तैनात करने को कहा।
ये जलभराव के हॉटस्पॉट
डीडी नगर, आदित्यपुरम, आर्दशपुरम, बैंक कॉलोनी व दर्पण कॉलोनी,खुरैरी व गुलाबपुरी, पुरानी छावनी, ट्रांसपोर्ट नगर, गिर्राज कॉलोनी व शंकरपुर नगरी,आदित्यपुरम व जनकपुरी, हबीबपुरा व ललियापुरा कोटे की सराय व बरौआ, नरङ्क्षसह नगर, आदिवासी बस्ती, अटल नगर व आनंद नगर व तिकोनिया पार्क व अन्य हैं।
बैठक में खुली भाजपा की अंदरूनी फूट,पांच पार्षद पहुंचे
शहर के विकास और जलभराव जैसे गंभीर मुद्दों के बीच भाजपा की अंदरूनी राजनीति भी खुलकर सामने आ गई। सूत्रों के अनुसार भाजपा पार्षदों को बैठक में शामिल नहीं होने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन वार्ड 02, 12, 15, 16 और 64 के पार्षद शहरहित का हवाला देते हुए बैठक में पहुंच गए। बताया जा रहा है कि इससे पहले भी महापौर द्वारा बुलाई गई बैठक को लेकर इसी तरह का विवाद सामने आया था। उस समय कुछ पार्षद बैठक में नहीं पहुंचे थे, लेकिन बाद में अन्य पार्षदों के शामिल होने से पार्टी के भीतर नाराजगी बढ़ गई थी।


