अजमेर के जेएलएन अस्पताल में तीन दिन से सफाई व्यवस्था बेपटरी है। दो महीने से वेतन नहीं मिलने से नाराज 233 अस्थायी सफाई कर्मचारी हड़ताल पर हैं। इसका असर अब अस्पताल के वार्डों में दिखाई देने लगा है। कई जगहों पर गंदगी जमा होने से बदबू फैल रही है। मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शनिवार को भी कर्मचारियों ने इमरजेंसी के बाहर प्रदर्शन कर अपना विरोध जताया। कर्मचारियों का कहना है कि दीपावली का त्योहार नजदीक है, लेकिन दो महीने से वेतन नहीं मिलने के कारण घर चलाना मुश्किल हो रहा है। वहीं, सफाई व्यवस्था बिगड़ने से अस्पताल में भर्ती मरीजों की परेशानी भी बढ़ती जा रही है। दो महीने से वेतन का इंतजार, त्योहार से पहले बढ़ी परेशानी सफाई कर्मचारियों के सुपरवाइजर लखन ने बताया कि करीब 233 अस्थायी सफाई कर्मचारी पिछले दो महीने से वेतन नहीं मिलने के कारण परेशान हैं। त्योहार नजदीक होने के बावजूद कर्मचारियों को भुगतान नहीं किया गया है। ऐसे में परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने बताया कि ठेकेदार के अधीन करीब 7 सुपरवाइजर भी काम कर रहे हैं। इनका करीब 6 महीने का भुगतान बकाया है। वेतन नहीं मिलने से परेशान सभी 7 सुपरवाइजरों ने इस्तीफा दे दिया है। कर्मचारियों का कहना है कि वे लगातार ठेकेदार से संपर्क करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन ठेकेदार फोन तक नहीं उठा रहा है। वार्डों में गंदगी जमा, मरीजों के परिजनों ने वीडियो किए पोस्ट तीन दिन से सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते अस्पताल के कई वार्डों में सफाई व्यवस्था बिगड़ गई है। जगह-जगह गंदगी जमा होने से बदबू फैलने लगी है। मरीजों के साथ अस्पताल में रहने वाले उनके परिजनों को भी परेशानी हो रही है। अस्पताल की स्थिति को लेकर कई मरीजों के परिजनों ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट किए हैं। इन वीडियो के जरिए उन्होंने अस्पताल में बिगड़ती सफाई व्यवस्था की जानकारी साझा करते हुए जल्द सुधार की मांग की है। अस्पताल प्रशासन बोला- ठेकेदार के सभी बिल क्लियर, वार्ता जारी मामले में JLN अस्पताल अधीक्षक डॉ. अरविंद खरे ने कहा कि अस्पताल प्रशासन की ओर से ठेकेदार के सभी बिल क्लियर किए जा चुके हैं। प्रशासन की तरफ से कोई बिल बकाया नहीं है। हालांकि, ठेकेदार को बुलाकर बातचीत की जा रही है। जल्द ही सभी कर्मचारी काम पर लौटेंगे। उन्होंने बताया कि फिलहाल सफाई व्यवस्था संभालने के लिए अस्पताल के सभी स्थायी कर्मचारियों को अलर्ट पर रखा गया है।

