पटना में जदयू की ओर से पीसी की गई। जिसमें पार्टी के विधान पार्षद सह मुख्य प्रदेश प्रवक्ता नीरज कुमार, प्रदेश प्रवक्ता परिमल कुमार, डॉ. अनुप्रिया यादव और मीडिया पैनलिस्ट महेश दास ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर प्रतिक्रिया दी है। जदयू नेताओं ने बिहार की कानून व्यवस्था, पुलिस एनकाउंटर और अपराध के मुद्दे पर राजद-तेजस्वी यादव पर कई सवाल खड़े किए। जदयू नेताओं ने कहा कि 2019, 2020, 2024 और 2025 के चुनावों में जनता उन्हें नकार चुकी है। जिनका “पॉलिटिकल एनकाउंटर” जनता कर चुकी है, वही अब बिहार में पुलिस एनकाउंटर को जाति से जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। तेजस्वी यादव बिहार में जातीय तनाव पैदा करने और समाज को बांटने की राजनीति कर रहे हैं। चुनावी हार के बाद अब वे जातीय भावनाओं को भड़काकर राजनीतिक जमीन बचाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने जितने भी आपराधिक आंकड़ें दिखाए हैं, उनमें कई का रिकॉर्ड ही नहीं है।
पुलिस एनकाउंटर में अलग-अलग जातियों के अपराधी मारे गए जदयू नेताओं ने कहा कि 20 नवंबर के बाद बिहार में हुए कुल 22 पुलिस एनकाउंटर में अलग-अलग जातियों से जुड़े अपराधी मारे गए हैं। पुलिस पर गोली चलाने वाले अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की गई और कानून के तहत जवाब दिया गया। एनकाउंटर में कुंदन ठाकुर, प्रियांशु दूबे, अभिजीत कुशवाहा, 50 हजार रुपए का इनामी नक्सली दयानंद मालाकार, रामधनी यादव और सोनू यादव शामिल हैं। जदयू नेताओं ने कहा कि ये अपराधी भूमिहार, ब्राह्मण, कुशवाहा, माली और यादव समाज से संबंधित थे। अगर विभिन्न जातियों के अपराधियों पर कार्रवाई हुई है तो फिर तेजस्वी यादव केवल एक जाति विशेष को निशाना बनाए जाने का आरोप क्यों लगा रहे हैं। जदयू नेताओं ने कहा कि तेजस्वी यादव को बाकी मृत अपराधियों का भी जाति प्रमाण पत्र दिखाना चाहिए।
एनकाउंटर को जाति से जोड़ना सरासर झूठ जदयू नेताओं ने कहा कि तेजस्वी यादव का यह दावा पूरी तरह झूठ और भ्रामक है कि बिहार में किसी खास जाति को एनकाउंटर में निशाना बनाया जा रहा है। बिहार पुलिस अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करते समय किसी की जाति नहीं देखती, बल्कि अपराध और कानून के आधार पर कार्रवाई की जाती है। जदयू नेताओं ने आरोप लगाया कि राजद नेता जानबूझकर पुलिस कार्रवाई को जातीय रंग देकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।
तेजस्वी यादव के आंकड़ों पर भी उठाए सवाल जदयू नेताओं ने कहा कि तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर अपराध से जुड़े 50 मामलों का आंकड़ा पोस्ट किया है, लेकिन उनमें से 19 मामलों की कोई स्पष्ट जानकारी ही उपलब्ध नहीं है। उन्होंने दावा किया कि कई घटनाओं का थाना स्तर पर कोई रिकॉर्ड नहीं मिला और न ही घटना की तारीख और स्थान का स्पष्ट उल्लेख किया गया है।
अपराधी की कोई जाति नहीं होती नीरज कुमार ने कहा कि बिहार सरकार अपराध नियंत्रण को लेकर पूरी तरह गंभीर है और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। अपराधी की कोई जाति नहीं होती और जो लोग अपराध को जातीय नजरिए से देखने की कोशिश करेंगे, वे कानून से नहीं बच पाएंगे। बिहार में कानून का शासन स्थापित है और पुलिस अपराधियों के खिलाफ बिना भेदभाव कार्रवाई कर रही है।
गौरवशाली सामाजिक विरासत को कमजोर कर रहे तेजस्वी जदयू नेताओं ने कहा कि बिहार की राजनीति में दारोगा राय, चंद्रिका राय और रामलखन सिंह यादव जैसे नेताओं की गौरवशाली विरासत रही है। तेजस्वी यादव जातीय राजनीति के जरिए उस सामाजिक समरसता और राजनीतिक विरासत को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं। जिस सामाजिक समूह का समर्थन कभी राजद को मिला करता था, अब वही वर्ग तेजस्वी यादव से दूर होता जा रहा है। यही वजह है कि लगातार चुनावी हार के बाद वे जाति आधारित बयान देकर राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
ट्रिपल सी के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी जदयू नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में कभी भी “क्राइम, करप्शन और कम्युनिलिज्म” यानी ट्रिपल सी से समझौता नहीं किया। यही जदयू और एनडीए सरकार की मूल नीति रही है। नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने भी सार्वजनिक रूप से इन तीनों मुद्दों पर किसी तरह का समझौता नहीं करने की बात कही है। वर्तमान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी ट्रिपल सी के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखने का संकल्प दोहराया है। पटना में जदयू की ओर से पीसी की गई। जिसमें पार्टी के विधान पार्षद सह मुख्य प्रदेश प्रवक्ता नीरज कुमार, प्रदेश प्रवक्ता परिमल कुमार, डॉ. अनुप्रिया यादव और मीडिया पैनलिस्ट महेश दास ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर प्रतिक्रिया दी है। जदयू नेताओं ने बिहार की कानून व्यवस्था, पुलिस एनकाउंटर और अपराध के मुद्दे पर राजद-तेजस्वी यादव पर कई सवाल खड़े किए। जदयू नेताओं ने कहा कि 2019, 2020, 2024 और 2025 के चुनावों में जनता उन्हें नकार चुकी है। जिनका “पॉलिटिकल एनकाउंटर” जनता कर चुकी है, वही अब बिहार में पुलिस एनकाउंटर को जाति से जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। तेजस्वी यादव बिहार में जातीय तनाव पैदा करने और समाज को बांटने की राजनीति कर रहे हैं। चुनावी हार के बाद अब वे जातीय भावनाओं को भड़काकर राजनीतिक जमीन बचाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने जितने भी आपराधिक आंकड़ें दिखाए हैं, उनमें कई का रिकॉर्ड ही नहीं है।
पुलिस एनकाउंटर में अलग-अलग जातियों के अपराधी मारे गए जदयू नेताओं ने कहा कि 20 नवंबर के बाद बिहार में हुए कुल 22 पुलिस एनकाउंटर में अलग-अलग जातियों से जुड़े अपराधी मारे गए हैं। पुलिस पर गोली चलाने वाले अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की गई और कानून के तहत जवाब दिया गया। एनकाउंटर में कुंदन ठाकुर, प्रियांशु दूबे, अभिजीत कुशवाहा, 50 हजार रुपए का इनामी नक्सली दयानंद मालाकार, रामधनी यादव और सोनू यादव शामिल हैं। जदयू नेताओं ने कहा कि ये अपराधी भूमिहार, ब्राह्मण, कुशवाहा, माली और यादव समाज से संबंधित थे। अगर विभिन्न जातियों के अपराधियों पर कार्रवाई हुई है तो फिर तेजस्वी यादव केवल एक जाति विशेष को निशाना बनाए जाने का आरोप क्यों लगा रहे हैं। जदयू नेताओं ने कहा कि तेजस्वी यादव को बाकी मृत अपराधियों का भी जाति प्रमाण पत्र दिखाना चाहिए।
एनकाउंटर को जाति से जोड़ना सरासर झूठ जदयू नेताओं ने कहा कि तेजस्वी यादव का यह दावा पूरी तरह झूठ और भ्रामक है कि बिहार में किसी खास जाति को एनकाउंटर में निशाना बनाया जा रहा है। बिहार पुलिस अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करते समय किसी की जाति नहीं देखती, बल्कि अपराध और कानून के आधार पर कार्रवाई की जाती है। जदयू नेताओं ने आरोप लगाया कि राजद नेता जानबूझकर पुलिस कार्रवाई को जातीय रंग देकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।
तेजस्वी यादव के आंकड़ों पर भी उठाए सवाल जदयू नेताओं ने कहा कि तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर अपराध से जुड़े 50 मामलों का आंकड़ा पोस्ट किया है, लेकिन उनमें से 19 मामलों की कोई स्पष्ट जानकारी ही उपलब्ध नहीं है। उन्होंने दावा किया कि कई घटनाओं का थाना स्तर पर कोई रिकॉर्ड नहीं मिला और न ही घटना की तारीख और स्थान का स्पष्ट उल्लेख किया गया है।
अपराधी की कोई जाति नहीं होती नीरज कुमार ने कहा कि बिहार सरकार अपराध नियंत्रण को लेकर पूरी तरह गंभीर है और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। अपराधी की कोई जाति नहीं होती और जो लोग अपराध को जातीय नजरिए से देखने की कोशिश करेंगे, वे कानून से नहीं बच पाएंगे। बिहार में कानून का शासन स्थापित है और पुलिस अपराधियों के खिलाफ बिना भेदभाव कार्रवाई कर रही है।
गौरवशाली सामाजिक विरासत को कमजोर कर रहे तेजस्वी जदयू नेताओं ने कहा कि बिहार की राजनीति में दारोगा राय, चंद्रिका राय और रामलखन सिंह यादव जैसे नेताओं की गौरवशाली विरासत रही है। तेजस्वी यादव जातीय राजनीति के जरिए उस सामाजिक समरसता और राजनीतिक विरासत को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं। जिस सामाजिक समूह का समर्थन कभी राजद को मिला करता था, अब वही वर्ग तेजस्वी यादव से दूर होता जा रहा है। यही वजह है कि लगातार चुनावी हार के बाद वे जाति आधारित बयान देकर राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
ट्रिपल सी के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी जदयू नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में कभी भी “क्राइम, करप्शन और कम्युनिलिज्म” यानी ट्रिपल सी से समझौता नहीं किया। यही जदयू और एनडीए सरकार की मूल नीति रही है। नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने भी सार्वजनिक रूप से इन तीनों मुद्दों पर किसी तरह का समझौता नहीं करने की बात कही है। वर्तमान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी ट्रिपल सी के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखने का संकल्प दोहराया है।


