बिहार की राजनीति में गुरुवार को एक बार फिर पूर्व मुख्यमंत्री के भरोसेमंद चेहरों में शामिल जमा खान का दबदबा देखने को मिला। पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित भव्य समारोह में जमा खान ने पांचवीं बार मंत्री पद की शपथ ली। राज्यपाल ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। समारोह में सरकार और प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे। सुबह से आवास पर जुटने लगे समर्थक शपथ ग्रहण समारोह को लेकर सुबह से ही जमा खान के आवास पर उत्साह का माहौल रहा। समर्थकों का तांता लगा रहा और लोग उन्हें बधाई देने पहुंचते रहे। सफेद कुर्ता-पायजामा पहने और चेहरे पर अपनी चिर-परिचित मुस्कान के साथ जमा खान ने समर्थकों का अभिवादन स्वीकार किया। उनके आवास के बाहर फूल-मालाओं और नारों के बीच समर्थकों में खासा उत्साह देखा गया। समर्थकों का कहना था कि लगातार पांचवीं बार मंत्री बनना यह साबित करता है कि पार्टी नेतृत्व और मुख्यमंत्री को उन पर पूरा भरोसा है। “यह जीत मेरी नहीं, जनता के विश्वास की जीत” शपथ ग्रहण के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए जमा खान ने इसे जनता और नेतृत्व के विश्वास की जीत बताया। उन्होंने कहा, “यह जीत मेरी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है। यह बिहार की जनता और हमारे नेतृत्व के भरोसे की जीत है। पांचवीं बार इतनी बड़ी जिम्मेदारी मिलना मेरे लिए सम्मान की बात है। मैं पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ काम करूंगा।” उन्होंने आगे कहा कि उनका लक्ष्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों तक विकास की योजनाओं को पहुंचाना है। सीमावर्ती और अल्पसंख्यक क्षेत्रों में मजबूत पकड़ राजनीतिक गलियारों में जमा खान को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेहद करीबी नेताओं में गिना जाता है। खासकर सीमावर्ती इलाकों और अल्पसंख्यक समुदायों के बीच उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यही वजह है कि सरकार ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताया है। माना जा रहा है कि उनके अनुभव का लाभ सरकार को आगामी राजनीतिक और प्रशासनिक रणनीतियों में मिलेगा। समर्थकों ने बांटी मिठाइयां जमा खान के पांचवीं बार मंत्री बनने की खबर मिलते ही उनके विधानसभा क्षेत्र चैनपुर समेत कई इलाकों में समर्थकों ने जश्न मनाया। लोगों ने मिठाइयां बांटीं, आतिशबाजी की और एक-दूसरे को बधाई दी। समर्थकों का कहना था कि यह पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। कई कार्यकर्ताओं ने कहा कि जमा खान ने हमेशा आम लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता दी है और यही कारण है कि जनता के बीच उनकी लोकप्रियता लगातार बनी हुई है। विकास और समावेशी राजनीति पर रहेगा फोकस जमा खान ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि उनका फोकस विकास और समावेशी राजनीति पर रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचाना उनकी प्राथमिकता होगी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आने वाले दिनों में शिक्षा, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं को लेकर कई अहम पहल की जा सकती हैं। सरकार के लिए महत्वपूर्ण चेहरा राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मंत्रिमंडल में जमा खान की मौजूदगी सरकार के “समावेशी विकास” के एजेंडे को मजबूती देती है। उनकी प्रशासनिक पकड़ और लंबे राजनीतिक अनुभव को देखते हुए यह माना जा रहा है कि वे अपने नए कार्यकाल में सरकार के लिए अहम भूमिका निभाएंगे। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि पांचवीं बार मंत्री बनने के बाद जमा खान अपने विभाग और राजनीतिक क्षेत्र में कौन से नए बदलाव और योजनाएं लेकर आते हैं। बिहार की राजनीति में गुरुवार को एक बार फिर पूर्व मुख्यमंत्री के भरोसेमंद चेहरों में शामिल जमा खान का दबदबा देखने को मिला। पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित भव्य समारोह में जमा खान ने पांचवीं बार मंत्री पद की शपथ ली। राज्यपाल ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। समारोह में सरकार और प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे। सुबह से आवास पर जुटने लगे समर्थक शपथ ग्रहण समारोह को लेकर सुबह से ही जमा खान के आवास पर उत्साह का माहौल रहा। समर्थकों का तांता लगा रहा और लोग उन्हें बधाई देने पहुंचते रहे। सफेद कुर्ता-पायजामा पहने और चेहरे पर अपनी चिर-परिचित मुस्कान के साथ जमा खान ने समर्थकों का अभिवादन स्वीकार किया। उनके आवास के बाहर फूल-मालाओं और नारों के बीच समर्थकों में खासा उत्साह देखा गया। समर्थकों का कहना था कि लगातार पांचवीं बार मंत्री बनना यह साबित करता है कि पार्टी नेतृत्व और मुख्यमंत्री को उन पर पूरा भरोसा है। “यह जीत मेरी नहीं, जनता के विश्वास की जीत” शपथ ग्रहण के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए जमा खान ने इसे जनता और नेतृत्व के विश्वास की जीत बताया। उन्होंने कहा, “यह जीत मेरी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है। यह बिहार की जनता और हमारे नेतृत्व के भरोसे की जीत है। पांचवीं बार इतनी बड़ी जिम्मेदारी मिलना मेरे लिए सम्मान की बात है। मैं पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ काम करूंगा।” उन्होंने आगे कहा कि उनका लक्ष्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों तक विकास की योजनाओं को पहुंचाना है। सीमावर्ती और अल्पसंख्यक क्षेत्रों में मजबूत पकड़ राजनीतिक गलियारों में जमा खान को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेहद करीबी नेताओं में गिना जाता है। खासकर सीमावर्ती इलाकों और अल्पसंख्यक समुदायों के बीच उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यही वजह है कि सरकार ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताया है। माना जा रहा है कि उनके अनुभव का लाभ सरकार को आगामी राजनीतिक और प्रशासनिक रणनीतियों में मिलेगा। समर्थकों ने बांटी मिठाइयां जमा खान के पांचवीं बार मंत्री बनने की खबर मिलते ही उनके विधानसभा क्षेत्र चैनपुर समेत कई इलाकों में समर्थकों ने जश्न मनाया। लोगों ने मिठाइयां बांटीं, आतिशबाजी की और एक-दूसरे को बधाई दी। समर्थकों का कहना था कि यह पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। कई कार्यकर्ताओं ने कहा कि जमा खान ने हमेशा आम लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता दी है और यही कारण है कि जनता के बीच उनकी लोकप्रियता लगातार बनी हुई है। विकास और समावेशी राजनीति पर रहेगा फोकस जमा खान ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि उनका फोकस विकास और समावेशी राजनीति पर रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचाना उनकी प्राथमिकता होगी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आने वाले दिनों में शिक्षा, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं को लेकर कई अहम पहल की जा सकती हैं। सरकार के लिए महत्वपूर्ण चेहरा राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मंत्रिमंडल में जमा खान की मौजूदगी सरकार के “समावेशी विकास” के एजेंडे को मजबूती देती है। उनकी प्रशासनिक पकड़ और लंबे राजनीतिक अनुभव को देखते हुए यह माना जा रहा है कि वे अपने नए कार्यकाल में सरकार के लिए अहम भूमिका निभाएंगे। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि पांचवीं बार मंत्री बनने के बाद जमा खान अपने विभाग और राजनीतिक क्षेत्र में कौन से नए बदलाव और योजनाएं लेकर आते हैं।


