जयपुर. शहर की सड़कों पर जेडीए के प्रयोग खत्म होने का नाम नहीं ले रहे। जगतपुरा स्थित हरे कृष्णा मार्ग के बाद अब जेडीए अपने यू-टर्न के प्रयोग को न्यू सांगानेर रोड पर लेकर पहुंच गया है। जबकि, जेडीए ने ही पिछले चार वर्ष में इस सड़क को संवारने में 62 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। ये राशि सड़क नवीनीकरण, सर्विस रोड निर्माण, बीआरटीएस कॉरिडोर हटाने सहित अन्य मदों में खर्च की गई। अब 25 करोड़ रुपए यू-टर्न पर खर्च किए जा रहे हैं।
जयपुर चौपाटी के सामने बी-टू बाईपास रोड पर यू-टर्न का काम चल रहा है और इसके नजदीक ही दूसरे यू-टर्न के लिए तैयारी शुरू हो गई है। प्रस्तावित काम की जद में ग्रीन बेल्ट और पेड़ भी आ रहे हैं।
सड़क बनेगी या फिर खोदी जाएगी?
न्यू सांगानेर रोड पर जेडीए अधिकारियों में ही समन्वय का अभाव दिखता है। जेडीए ही एक सड़क को अलग-अलग काम करवा रही है। अब सड़क सही है और ट्रैफिक आराम से चल रहा है। इस बीच यू-टर्न बनाकर एक बार फिर सरपट दौड़ते वाहनों को बाधित करने का काम किया जा रहा है।
ट्रैफिक सर्वे के बिना कैसे तय हुआ यू-टर्न
सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित यू-टर्न को लेकर जेडीए अधिकारियों के समक्ष किसी विस्तृत ट्रैफिक सर्वे के उपलब्ध होने पर सवाल उठ रहे हैं। इसके बावजूद काम को जमीन पर उतारने की तैयारी है। ऐसे में सवाल यह है कि किस ट्रैफिक आंकड़े के आधार पर यू-टर्न की जरूरत तय की गई और इसकी डिजाइन किस आधार पर बनी? हरे कृष्णा मार्ग पर भी यू-टर्न शुरू करने के बाद मौके पर सामने आई व्यावहारिक दिक्कतें सामने आईं। कंटेनर फंसे तो जेडीए ने पुलिस को पत्र लिख जवान लगाने और यू-टर्न में भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने के लिए कहा। अनुभव से सबक लेने के बजाय न्यू सांगानेर रोड पर भी नया प्रयोग शुरू किया जा रहा है।
ग्रीन बेल्ट की कीमत पर ट्रैफिक समाधान?
जयपुर चौपाटी के सामने प्रस्तावित यू-टर्न के आसपास ग्रीन बेल्ट प्रभावित होने और पेड़ रोड़ा बन रहे हैं। इनको हटाने की कार्रवाई जेडीए जल्द शुरू करेगा। महल रोड पर भी जेडीए ने कई जगह ग्रीन बेल्ट को खत्म कर सड़क बना डाली।
किस सुधार पर कितना खर्च?
| वर्ष | कार्य | राशि (करोड़ रुपए में) |
|---|---|---|
| 2022 | सड़क नवीनीकरण | 12 |
| 2024 | सर्विस रोड निर्माण | 10 |
| 2025 | बीआरटीएस कॉरिडोर हटाने का काम | 12 |
| 2026 | सड़क चौड़ाई बढ़ाने में | 13 |
| 2026 | विद्युत एवं उद्यान कार्य | 15 |
कुल खर्च: करीब 62 करोड़ रुपए।

