Italian Prime Minister Giorgia Meloni on Donald Trump: पोप लियो पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा की गई टिप्पणी की दुनिया भर में प्रतिक्रियाएं व्यक्त की जा रही हैं। अब इसको लेकर इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए डोनाल्ड ट्रंप की हालिया टिप्पणियों को ‘अस्वीकार्य’ बताया है। उन्होंने धार्मिक स्वतंत्रता और राजनीतिक हस्तक्षेप से इसकी मुक्ति की आवश्यकता पर जोर दिया।
मीडिया से बातचीत करते हुए जियोर्जिया मेलोनी ने कहा कि मैंने जो कहा है, मैं वही सोचती हूं। विशेष रूप से पोप के बारे में दिए गए बयान अस्वीकार्य थे। मैंने पोप फ्रांसिस के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त की है और करती रहूंगी। मैं इसको लेकर चुप नहीं रहूंगी। मैं आपको और बता दूं, स्पष्ट रूप से, मैं ऐसे समाज में सहज महसूस नहीं करूंगी जहां धार्मिक नेता राजनीतिक नेताओं के आदेशों का पालन करें। यही कारण है कि मैं असहमत थी और मैंने यह बात स्पष्ट कर दी।
मेलोनी की आलोचना चर्च और राज्य के बुनियादी अलगाव पर केंद्रित थी। उनका तर्क था कि राजनीतिक नेताओं को यह उम्मीद नहीं करनी चाहिए कि धार्मिक हस्तियां उनके प्रशासन के विस्तार के तौर पर काम करें। प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने जोर देकर कहा कि डोनाल्ड ट्रंप के साथ उनकी असहमति सिर्फ निजी नहीं थी, बल्कि पोप पद की गरिमा से जुड़ा एक सैद्धांतिक मामला था।
क्या है पूरा मामला?
शिकागो में जन्मे कैथोलिक चर्च के नेता पोप लियो XIV अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष के बारे में मुखर रहे हैं। उन्होंने आक्रामक सैन्य कार्रवाइयों को बढ़ावा देने वाले ‘सर्वशक्तिमान होने के भ्रम’ की निंदा की और अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ जैसे अधिकारियों की हिंसा को उचित ठहराने की आलोचना की। पोप ने इस बात पर जोर दिया कि ईश्वर किसी भी संघर्ष को आशीर्वाद नहीं देता और यीशु युद्ध को अस्वीकार करते हैं।
उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा ईरानी सभ्यता को नष्ट करने की धमकी का भी विरोध किया और इसे बिल्कुल अस्वीकार्य बताया। डो नाल्ड ट्रंप के व्यक्तिगत हमलों के बावजूद, पोप लियो निडर बने हुए हैं और नागरिकों से अपने नेताओं से शांति की मांग करने का आग्रह कर रहे हैं।
इस पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक विवादास्पद तस्वीर जारी की और पोप लियो को निशाने पर लेते हुए आलोचना की। राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिका-इजराइल के रुख और ईरान से संबंधित घटनाक्रमों सहित अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक तनावों पर उनकी कथित टिप्पणियों के लिए पोप लियो की आलोचना की। हालाकि आलोचना के बाद में डोनाल्ड ट्रंप ने विवादास्पद तस्वीर को सोशल मीडिया से हटा दिया था।


