ईरान से जारी तनाव के बीच इजरायल ने बड़ा कूटनीतिक कदम उठाया है। इजरायल ने सोमालीलैंड में अपना पहला राजदूत नियुक्त किया है। सोमालिया के अलग हुए क्षेत्र सोमालीलैंड को आधिकारिक तौर पर मान्यता देने के कुछ महीनों बाद अब इजरायल ने यहां अपना राजदूत नियुक्त किया है। अल जजीरा की खबर के मुताबिक, इजरायल के सरकारी चैनल ने सोमालीलैंड में अपने राजदूत की नियुक्ति की जानकारी दी है।
इजरायल ने माइकल लोटेम को नियुक्त किया राजदूत
इजरायल ने माइकल लोटेम (Michael Lotem) को सोमालीलैंड का राजदूत नियुक्त किया है। माइकल लोटेम पहले केन्या में इजरायल के राजदूत के रूप में कार्य कर चुके हैं। इजरायल ने माइकल लोटेम को सोमालीलैंड में गैर-आवासीय राजदूत बनाया है। दिसंबर 2025 में इजरायल द्वारा सोमालीलैंड को आधिकारिक मान्यता देने के बाद उठाया गया यह महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पिछली साल इजरायल दुनिया का पहला देश बना था, जिसने सोमालीलैंड को स्वतंत्र राज्य के रूप में मान्यता दी थी। इजरायल के इस कदम से इस क्षेत्र के 30 वर्ष से अधिक पुराने राजनयिक अलगाव का अंत हो गया है।
अफ्रीका में सेवा दे रहे माइकल लोटेम
माइकल लोटेम (Michael Lotem) को सोमालीलैंड का राजदूत नियुक्त किया है। मौजूदा समय में लोटेम अफ्रीका के लिए इजरायल के गैर-आवासीय आर्थिक राजदूत के रूप में कार्यरत हैं। सोमालीलैंड के राष्ट्रपति अब्दिरहमान मोहम्मद अब्दुल्लाही ने मंगलवार को संसद के संयुक्त सत्र में इजरायल को विश्वसनीय भागीदार बताया। उनके इस बयान पर सांसदों ने खड़े होकर तालियां बजाईं।
इजरायल-सोमालीलैंड के बीच मजबूत हो रहे रिश्ते
सोमालीलैंड के राष्ट्रपति अब्दिरहमान मोहम्मद अब्दुल्लाही ने फरवरी में इजरायल के साथ अच्छे रिश्ते होने का संकेत दिया था। मोहम्मद अब्दुल्लाही ने कहा था कि इजरायल के साथ जल्द ही व्यापार समझौता होने की उम्मीद है। दोनों पक्षों के बीच संबंध तेजी से मजबूत हो रहे हैं। इसके पहले जनवरी में इजरायली विदेश मंत्री ने हरगेइसा का दौरा किया था। इसके बाद सोमालीलैंड ने जल मंत्रालय का प्रतिनिधिमंडल इजरायल भेजा। मार्च में सोमालीलैंड के एक मंत्री ने सुरक्षा सहयोग सहित रणनीतिक साझेदारी की बात कही थी और इजरायली सैन्य अड्डे की संभावना से भी इनकार नहीं किया।
सोमालिया ने जाहिर की नाराजगी
सोमालीलैंड में इजरायल के राजदूत की नियुक्ति पर सोमालिया ने नाराजगी जाहिर की है। इसके साथ ही इजरायल के इस कदम की निंदा की है। सोमालिया के विदेश मंत्रालय ने इसे देश की संप्रभुता और एकता का प्रत्यक्ष उल्लंघन बताया है। वहीं, सोमाली राष्ट्रपति ने इजरायल के कदम को सबसे गंभीर हमला करार दिया।
गृहयुद्ध के बाद सोमालिया से अलग हुआ था सोमालीलैंड
सोमालीलैंड ने 1991 में गृहयुद्ध के बाद सोमालिया से अलग होने की घोषणा की थी। हालांकि, सोमालिया इसे कभी स्वीकार नहीं किया। अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी ज्यादातर सोमालीलैंड को सोमालिया का हिस्सा मानता है। इजरायल की मान्यता पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद, अफ्रीकी संघ, इस्लामिक सहयोग संगठन और यूरोपीय संघ ने निंदा व्यक्त की थी। सोमालीलैंड यमन से अदन की खाड़ी के पार स्थित है, जहां ईरान समर्थित हूती विद्रोही सक्रिय हैं। हूतियों ने हाल ही में सोमालीलैंड पर मिसाइल हमले भी किए हैं। विश्लेषकों का मानना है कि यह नियुक्ति लाल सागर क्षेत्र में इजरायल की भू-राजनीतिक स्थिति को मजबूत करने का प्रयास है, हालांकि इससे क्षेत्रीय तनाव बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।


