क्या राजस्थान में पेट्रोल-डीज़ल के स्टॉक पर मंडरा रहे संकट के बादल? सरकार का आया ये जवाब

क्या राजस्थान में पेट्रोल-डीज़ल के स्टॉक पर मंडरा रहे संकट के बादल? सरकार का आया ये जवाब

राजस्थान में आज मंगलवार 19 मई को पेट्रोल में 94 पैसे और डीज़ल में 91 पैसे की ताजा बढ़ोतरी के बाद राजधानी जयपुर में पेट्रोल ₹108.91 और डीज़ल ₹94.14 प्रति लीटर के ऊंचे स्तर पर पहुँच गया है। वहीं दूसरी तरफ लगातार बढ़ती कीमतों के बीच सोशल मीडिया और स्थानीय बाजारों में ईंधन के स्टॉक और शॉर्टेज को लेकर कई तरह की बातें सामने आने लगी थीं।
इन तमाम आशंकाओं और अफवाहों पर विराम लगाने के लिए खुद इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) के कार्यकारी निदेशक और राजस्थान के राज्य स्तरीय समन्वयक ने मोर्चा संभाला है। सरकार और तेल उद्योग ने संयुक्त रूप से प्रेस नोट जारी कर प्रदेशवासियों को पूरी तरह आश्वस्त किया है।

तेल कंपनियों का बड़ा दावा: घबराने की जरूरत नहीं

इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) के हवाले से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि आमजन को ईंधन की किल्लत को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है।

राज्य स्तरीय समन्वयक मनोज गुप्ता (कार्यकारी निदेशक एवं राज्य प्रमुख, IOCL) ने बताया, “राजस्थान में समग्र पेट्रोलियम आपूर्ति स्थिति पूर्णतः स्थिर, सामान्य और पर्याप्त है। हमारे सभी टर्मिनलों और डिपो से लेकर शहरों व गांवों के रिटेल आउटलेट्स (पेट्रोल पंपों) तक संपूर्ण ईंधन आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) सुचारू और बेहद प्रभावी रूप से संचालित हो रही है। पूरे प्रदेश में कहीं भी सप्लाई का किसी प्रकार का व्यवधान नहीं है।”

24 घंटे हो रही है मॉनिटरिंग

अधिकारियों के अनुसार, राजस्थान के सभी जिलों में ईंधन के स्टॉक की निरंतर और लाइव निगरानी की जा रही है।

तुरंत रिप्लेनिशमेंट (Replenishment): जैसे ही किसी पेट्रोल पंप या डिपो में ईंधन का स्तर कम होता है, आवश्यकतानुसार पुनःपूर्ति (Replenishment) का कार्य बिना किसी देरी के तुरंत किया जा रहा है।

लॉजिस्टिक्स और स्टॉक मूवमेंट: तेल उद्योग के सभी प्रमुख स्टेकहोल्डर्स आपस में कड़ा समन्वय (Coordination) बनाए हुए हैं, ताकि रेगिस्तानी और दूरदराज के सीमावर्ती इलाकों (जैसे जैसलमेर, बाड़मेर, श्रीगंगानगर) में भी तेल के टैंकर समय पर पहुँच सकें।

रसोई गैस (LPG) : घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता

प्रेस नोट में पेट्रोल-डीज़ल के साथ-साथ रसोई गैस (LPG सिलेंडर) की स्थिति भी साफ की गई है। मनोज गुप्ता ने बताया कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए रसोई गैस की आपूर्ति को तेल कंपनियों की ओर से विशेष प्राथमिकता दी जा रही है।

पूरे राज्यभर में एलपीजी सिलेंडरों की उपलब्धता पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। गोदामों और डिस्ट्रीब्यूटर्स के पास पर्याप्त बैकअप स्टॉक मौजूद है, इसलिए उपभोक्ताओं को किसी भी तरह की बुकिंग या डिलीवरी में देरी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

अपील : ‘पैनिक बाइंग’ से बचें प्रदेशवासी

लगातार दो बार (15 मई और आज 19 मई) दाम बढ़ने के बाद कई बार उपभोक्ताओं में यह डर बैठ जाता है कि आने वाले दिनों में कीमतें और बढ़ेंगी या स्टॉक खत्म हो जाएगा, जिसके चक्कर में लोग गाड़ियों की टंकियां फुल कराने और अनावश्यक संग्रहण (Panic Buying) में जुट जाते हैं।

इसी व्यवहार को लेकर तेल उद्योग के राज्य प्रमुख ने राजस्थान की जनता से एक विशेष अपील की है:

सामान्य खपत व्यवहार रखें: नागरिक अनावश्यक रूप से ईंधन की खरीद या घरों में इसका असुरक्षित संग्रहण न करें। अपनी सामान्य जरूरत के हिसाब से ही तेल खरीदें।

भ्रामक खबरों से दूर रहें: ईंधन की उपलब्धता के संबंध में किसी भी प्रकार की भ्रामक या वायरल खबरों पर विश्वास न करें। सही और प्रामाणिक जानकारी के लिए केवल तेल विपणन कंपनियों (OMCs) के आधिकारिक संचार माध्यमों या वेबसाइट्स को ही आधार बनाएं।

दाम बढ़े हैं, लेकिन सप्लाई पर कोई संकट नहीं

साफ है कि अंतरराष्ट्रीय और घरेलू बाजार के समीकरणों के चलते राजस्थान के उपभोक्ताओं को महंगाई का झटका तो जरूर लगा है और 4 दिन में ₹4 से ज्यादा ईंधन महंगा हुआ है, लेकिन जहां तक पेट्रोल-डीज़ल की उपलब्धता का सवाल है, वहां राजस्थान पूरी तरह से सुरक्षित है। पंपों पर तेल की कोई कमी नहीं है, इसलिए जनता को किसी भी तरह की घबराहट या अफवाह के जाल में फंसने की बिल्कुल आवश्यकता नहीं है।

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