Iran on Strait of Hormuz: होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने अपना रुख स्पष्ट किया है। संयुक्त राष्ट्र (UN) में ईरान के मिशन ने कहा है कि इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर सुरक्षा सुनिश्चित करना उसका कानूनी और संप्रभु अधिकार है। ईरान ने साथ ही यह भी कहा कि क्षेत्र में मौजूदा तनाव के लिए अमेरिका की नीतियां जिम्मेदार हैं।
ईरान का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान नेतृत्व से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रहा है और उसने होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने को लेकर अमेरिका से संपर्क किया है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और ईरान ने इसे सीधे तौर पर स्वीकार नहीं किया है।
UNCLOS पर ईरान का रुख
ईरान ने अपने बयान में कहा कि वह 1982 की संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून संधि (UNCLOS) का पक्षकार नहीं है। ऐसे में वह इस संधि के प्रावधानों से बाध्य नहीं है। ईरान के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य का बड़ा हिस्सा उसकी जलसीमा के भीतर आता है, जिससे उसे वहां सुरक्षा से जुड़े कदम उठाने का अधिकार मिलता है।
अमेरिका पर लगाए आरोप
ईरान ने कहा कि फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री परिवहन में किसी भी तरह की बाधा या उसके परिणामों के लिए अमेरिका जिम्मेदार होगा। तेहरान का आरोप है कि अमेरिका की कार्रवाइयां अंतरराष्ट्रीय नौवहन को प्रभावित कर रही हैं और क्षेत्रीय अस्थिरता को बढ़ा रही हैं।
शांति के लिए शर्त
ईरान ने यह भी कहा कि क्षेत्र में स्थायी शांति और स्थिरता तभी संभव है जब उसके खिलाफ आक्रामक गतिविधियों को रोका जाए। इसके साथ ही, ईरान ने अपने संप्रभु अधिकारों और हितों के सम्मान की विश्वसनीय गारंटी की भी मांग की है।
तेल आपूर्ति में इसकी भूमिका
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम तेल परिवहन मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी तरह का तनाव अंतरराष्ट्रीय बाजार और ऊर्जा आपूर्ति पर असर डाल सकता है।
कुल मिलाकर, अमेरिका और ईरान के बीच जारी बयानबाजी के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य एक बार फिर वैश्विक ध्यान का केंद्र बना हुआ है। आने वाले समय में कूटनीतिक प्रयासों और दोनों देशों के रुख पर इस स्थिति की दिशा निर्भर करेगी।


