Iran US War: पाकिस्तान के जरिए ईरान ने ट्रंप को भेजा शांति प्रस्ताव, साथ में रख दी ये 4 बड़ी शर्तें

Iran US War: पाकिस्तान के जरिए ईरान ने ट्रंप को भेजा शांति प्रस्ताव, साथ में रख दी ये 4 बड़ी शर्तें

Iran US War Update: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और युद्ध को खत्म करने की कोशिशों में ईरान ने बड़ा कूटनीतिक कदम उठाया है। ईरान ने रविवार 10 मई 2026 को पाकिस्तान के माध्यम से अमेरिका को अपना अंतिम जवाब भेजा था। जिसमें उसने अमेरिका के हालिया शांति प्रस्ताव पर अपनी शर्तें रखीं। ईरान ने कहा उनका प्रस्ताव राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा करता है साथ ही क्षेत्र और वैश्विक स्थिरता के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है।

ईरान का संदेश: उदार और न्यायसंगत प्रस्ताव

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सोमवार 11 मई 2026 को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “हमारे प्रस्ताव में सिर्फ ईरान के वैध अधिकार शामिल हैं। यह पूरी तरह उदार और न्यायसंगत है। हमने जो भी प्रस्ताव रखा है वह हमारे राष्ट्रीय हित में है। साथ ही क्षेत्र और विश्व की भलाई के लिए भी है।” बघाई ने अमेरिकी की मांगों को असंगत और एकतरफा बताया है।

इस्माइल बघाई ने कहा कि ईरान जिम्मेदार क्षेत्रीय शक्ति के रूप में अपनी भूमिका निभा रहा है और उसे दबाव या बल प्रयोग करने वाला नहीं माना जाना चाहिए। उनके शब्दों में, “हम दबंग नहीं हैं, हम एंटी-बुली हैं। क्या हम अमेरिका पर मार्च कर रहे हैं या क्यूबा और वेनेजुएला में बल प्रयोग कर रहे हैं?”

ईरान की चार प्रमुख मांगें

ईरान ने अपने प्रस्ताव में अमेरिका से स्पष्ट मांगें रखीं हैं जिनकी जानकरी नीचे साझा की जा रही है।

  • युद्ध समाप्ति: ईरान चाहता है कि मिडिल ईस्ट में सभी युद्ध और संघर्ष तुरंत समाप्त हों।
  • ब्लॉकेड हटाना: अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंध और बंदिशें हटाई जाएं।
  • फ्रोजन ईरानी संपत्ति की रिहाई: अमेरिकी दबाव में बैंक में फंसी ईरानी संपत्ति को मुक्त किया जाए।
  • सुरक्षित मार्ग और क्षेत्रीय सुरक्षा: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में सुरक्षित पारगमन और खाड़ी क्षेत्र एवं लेबनान में स्थिरता स्थापित की जाए।

बघाई ने कहा कि यह प्रस्ताव क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए उदार और न्यायसंगत ढांचा प्रस्तुत करता है। उन्होंने अमेरिका पर मैक्सिमम प्रेशर नीति जारी रखने का आरोप भी लगाया है।

अमेरिका की प्रतिक्रिया

ईरान के जवाब पर अमेरिकी ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे पूरी तरह अस्वीकार्य करार दिया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, “मैंने अभी ईरान के तथाकथित प्रतिनिधियों का जवाब पढ़ा है। मुझे यह बिलकुल स्वीकार्य नहीं है।”

खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा और आगे की राह

ईरान ने कहा कि क्षेत्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करना सिर्फ क्षेत्र के देशों की जिम्मेदारी है और बाहरी हस्तक्षेप केवल स्थिति को जटिल करेगा। हाल की स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अस्थिरता के लिए अमेरिकी कार्रवाइयों को जिम्मेदार ठहराया है। ईरान ने पाकिस्तान के माध्यम से कूटनीतिक जवाब भेजकर शांति वार्ता को नई दिशा देने की कोशिश की है।

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