सरकारी तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC) ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में अच्छे नतीजे पेश किए हैं। सितंबर तिमाही में कंपनी का स्टैंडअलोन शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 184.2% बढ़कर 21,630.03 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। यह बाजार के अनुमानों से करीब चार गुना ज्यादा है। कंपनी की कमाई और मुनाफे में बढ़ोतरी ने निवेशकों का ध्यान खींचा है।
IOC का रेवेन्यू 29.5% उछला
इंडियन ऑयल का सितंबर तिमाही में ऑपरेशंस से रेवेन्यू 2,62,935.58 करोड़ रुपये रहा। यह भी बाजार के अनुमान से अधिक रहा है। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 2,02,992.34 करोड़ रुपये था। इस तरह सालाना आधार पर इसमें 29.5% की बढ़ोतरी हुई। कंपनी का कुल रेवेन्यू भी सालाना आधार पर 29.9% बढ़कर 2,65,636.33 करोड़ रुपये हो गया। वहीं, प्री-टैक्स प्रॉफिट यानी टैक्स चुकाने से पहले का मुनाफा 164.4% बढ़कर 26,616.62 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। पिछले साल सितंबर तिमाही में यह 10,065.57 करोड़ रुपये था।
जून तिमाही के घाटे से मुनाफे में लौटी कंपनी
तिमाही आधार पर भी इंडियन ऑयल के नतीजों में बड़ा बदलाव देखने को मिला। जून 2026 तिमाही में कंपनी को 2,661.37 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था। सितंबर तिमाही में कंपनी ने 21,630.03 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया। हालांकि, इस दौरान कंपनी के रेवेन्यू में गिरावट आई। जून तिमाही के 2,75,971.77 करोड़ रुपये के मुकाबले सितंबर तिमाही में ऑपरेशंस से रेवन्यू 4.72% घट गया। कंपनी का कुल रेवन्यू भी पिछली तिमाही के 2,76,356.92 करोड़ रुपये से 3.88% घटकर 2,65,636.33 करोड़ रुपये रहा।
खर्च में आई कमी
खर्च में कमी का असर भी नतीजों पर दिखाई दिया। दूसरी तिमाही में इंडियन ऑयल का कुल खर्च तिमाही आधार पर 14.52% घटकर 2,39,019.71 करोड़ रुपये रह गया। जून तिमाही में यह 2,79,631.22 करोड़ रुपये था।

