पटना में लैंडिंग से पहले इंडिगो फ्लाइट टर्बुलेंस में फंसी:राजीव प्रताप रूडी ने लखनऊ में सुरक्षित उतरा, यात्रियों से बोले-अब आप ताली बजा सकते हैं

पटना में लैंडिंग से पहले इंडिगो फ्लाइट टर्बुलेंस में फंसी:राजीव प्रताप रूडी ने लखनऊ में सुरक्षित उतरा, यात्रियों से बोले-अब आप ताली बजा सकते हैं

पटना आने वाली इंडिगो की फ्लाइट 6E6497 गुरुवार को लैंडिंग से पहले अचानक खराब मौसम और तेज टर्बुलेंस की चपेट में आ गई। लैंडिंग से ठीक पहले विमान में अचानक तेज झटके लगने लगे, जिससे यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। कई यात्री डर गए और फ्लाइट के अंदर चीख-पुकार की स्थिति बन गई। यात्रियों को ऐसा लग रहा था, जैसे कोई बड़ा हादसा हो सकता है। खास बात यह रही कि इस फ्लाइट को केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी उड़ा रहे थे। खराब मौसम और सुरक्षा कारणों को देखते हुए पायलट ने विमान को पटना में उतारने के बजाय लखनऊ डायवर्ट करने का फैसला लिया। इसके बाद फ्लाइट को सुरक्षित तरीके से लखनऊ एयरपोर्ट पर उतारा गया। विमान के सुरक्षित लैंड होते ही यात्रियों ने राहत की सांस ली। रूडी ने यात्रियों का हौसला बढ़ाया फ्लाइट में मौजूद केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी ने भी यात्रियों का हौसला बढ़ाया। लखनऊ में सुरक्षित लैंडिंग के बाद उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, ‘अब आप ताली बजा सकते हैं, क्योंकि आप सुरक्षित उतर गए हैं।’ उनकी यह बात सुनते ही फ्लाइट में मौजूद सभी यात्रियों ने तालियां बजाईं। कुछ यात्रियों ने इस पूरे घटनाक्रम को बेहद डरावना बताया। वहीं, सुरक्षित लैंडिंग के बाद लोगों ने पायलट और क्रू मेंबर्स की सराहना की। लेक्चरर और पायलट रह चुके हैं रूडी राजीव प्रताप रूडी का जन्म 30 मार्च, 1962 को पटना में हुआ था। उनके पिता विश्वनाथ सिंह और मां का नाम प्रभा सिंह है। उनका परिवार मूल रूप से सारण जिले के अमनौर का रहने वाले हैं। रूडी ने पटना के संत माइकल हाई स्कूल से शुरुआती पढ़ाई की है। इसके बाद उन्होंने चंडीगढ़ के डीएवी कॉलेज से अपनी पढ़ाई की। उन्होंने चंडीगढ़ के गवर्नमेंट कॉलेज से इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएशन किया है। रूडी ने 1985 में पंजाब यूनिवर्सिटी से कानून की डिग्री और 1987 में मगध यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स में पोस्ट ग्रेजुएशन भी किया है। यूनिवर्सिटी पॉलिटिक्स में भी रूडी सक्रिय थे। वे पंजाब यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष रह चुके हैं। हालांकि, सक्रिय राजनीति में आने से पहले वे पटना के एएन कॉलेज में लेक्चरर थे। 2015 में बेंगलुरु एयर शो में पहली बार उड़ाया फाइटर प्लेन रूडी ने फरवरी, 2015 में बेंगलुरु में हुए एयर शो में पहली बार फाइटर प्लेन उड़ाया था। उन्होंने 40 मिनट तक सुखोई विमान उड़ाया, वो को-पायलट थे। रूडी की पत्नी नीलम भी पेशे से फ्लाइट सर्विस मैनेजर थीं। हालांकि, वे अब इस पेशे में नहीं हैं। राजीव प्रताप रूडी और उनकी पत्नी नीलम अक्सर बॉलीवुड पार्टियों में नजर आते हैं। 1990 में पहली बार लड़ा चुनाव, 1996 में सांसद बने 28 साल में विधायक बने राजीव प्रताप रूडी 1990 में पहली बार सिर्फ 28 साल की उम्र में सारण जिले की तरैया सीट से जीतकर विधानसभा पहुंचे थे, तब लालू यादव यहां से सांसद थे। पहले सारण सीट छपरा लोकसभा के नाम से जानी जाती थी। 1996 में रूडी पहली बार सारण सीट से लोकसभा चुनाव लड़े और जीत भी हासिल की। तब उन्होंने जनता दल के तत्कालीन सांसद लाल बाबू राय को हराया था। लालू यादव उस समय बिहार की राजनीति के पॉवर सेंटर हुआ करते थे। 1998 में हुए चुनाव में रूडी को आरजेडी के हीरालाल राय से हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, 1999 में एक बार फिर रूडी चुनाव जीतकर लोकसभा पहुंचे और अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में मंत्री बनाए गए। पटना आने वाली इंडिगो की फ्लाइट 6E6497 गुरुवार को लैंडिंग से पहले अचानक खराब मौसम और तेज टर्बुलेंस की चपेट में आ गई। लैंडिंग से ठीक पहले विमान में अचानक तेज झटके लगने लगे, जिससे यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। कई यात्री डर गए और फ्लाइट के अंदर चीख-पुकार की स्थिति बन गई। यात्रियों को ऐसा लग रहा था, जैसे कोई बड़ा हादसा हो सकता है। खास बात यह रही कि इस फ्लाइट को केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी उड़ा रहे थे। खराब मौसम और सुरक्षा कारणों को देखते हुए पायलट ने विमान को पटना में उतारने के बजाय लखनऊ डायवर्ट करने का फैसला लिया। इसके बाद फ्लाइट को सुरक्षित तरीके से लखनऊ एयरपोर्ट पर उतारा गया। विमान के सुरक्षित लैंड होते ही यात्रियों ने राहत की सांस ली। रूडी ने यात्रियों का हौसला बढ़ाया फ्लाइट में मौजूद केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी ने भी यात्रियों का हौसला बढ़ाया। लखनऊ में सुरक्षित लैंडिंग के बाद उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, ‘अब आप ताली बजा सकते हैं, क्योंकि आप सुरक्षित उतर गए हैं।’ उनकी यह बात सुनते ही फ्लाइट में मौजूद सभी यात्रियों ने तालियां बजाईं। कुछ यात्रियों ने इस पूरे घटनाक्रम को बेहद डरावना बताया। वहीं, सुरक्षित लैंडिंग के बाद लोगों ने पायलट और क्रू मेंबर्स की सराहना की। लेक्चरर और पायलट रह चुके हैं रूडी राजीव प्रताप रूडी का जन्म 30 मार्च, 1962 को पटना में हुआ था। उनके पिता विश्वनाथ सिंह और मां का नाम प्रभा सिंह है। उनका परिवार मूल रूप से सारण जिले के अमनौर का रहने वाले हैं। रूडी ने पटना के संत माइकल हाई स्कूल से शुरुआती पढ़ाई की है। इसके बाद उन्होंने चंडीगढ़ के डीएवी कॉलेज से अपनी पढ़ाई की। उन्होंने चंडीगढ़ के गवर्नमेंट कॉलेज से इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएशन किया है। रूडी ने 1985 में पंजाब यूनिवर्सिटी से कानून की डिग्री और 1987 में मगध यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स में पोस्ट ग्रेजुएशन भी किया है। यूनिवर्सिटी पॉलिटिक्स में भी रूडी सक्रिय थे। वे पंजाब यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष रह चुके हैं। हालांकि, सक्रिय राजनीति में आने से पहले वे पटना के एएन कॉलेज में लेक्चरर थे। 2015 में बेंगलुरु एयर शो में पहली बार उड़ाया फाइटर प्लेन रूडी ने फरवरी, 2015 में बेंगलुरु में हुए एयर शो में पहली बार फाइटर प्लेन उड़ाया था। उन्होंने 40 मिनट तक सुखोई विमान उड़ाया, वो को-पायलट थे। रूडी की पत्नी नीलम भी पेशे से फ्लाइट सर्विस मैनेजर थीं। हालांकि, वे अब इस पेशे में नहीं हैं। राजीव प्रताप रूडी और उनकी पत्नी नीलम अक्सर बॉलीवुड पार्टियों में नजर आते हैं। 1990 में पहली बार लड़ा चुनाव, 1996 में सांसद बने 28 साल में विधायक बने राजीव प्रताप रूडी 1990 में पहली बार सिर्फ 28 साल की उम्र में सारण जिले की तरैया सीट से जीतकर विधानसभा पहुंचे थे, तब लालू यादव यहां से सांसद थे। पहले सारण सीट छपरा लोकसभा के नाम से जानी जाती थी। 1996 में रूडी पहली बार सारण सीट से लोकसभा चुनाव लड़े और जीत भी हासिल की। तब उन्होंने जनता दल के तत्कालीन सांसद लाल बाबू राय को हराया था। लालू यादव उस समय बिहार की राजनीति के पॉवर सेंटर हुआ करते थे। 1998 में हुए चुनाव में रूडी को आरजेडी के हीरालाल राय से हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, 1999 में एक बार फिर रूडी चुनाव जीतकर लोकसभा पहुंचे और अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में मंत्री बनाए गए।  

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