प्रतापगढ़। जिले में डाक विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक पोस्टमैन पर लक्ष्य पूरा करने के दबाव में एक ही ग्राहक के नाम पर 20 आरडी (रिकरिंग डिपॉजिट) खाते खोलने का आरोप लगा है। मामला उजागर होने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है और उच्च अधिकारियों ने जांच के निर्देश दे दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, पीड़ित मनोज जोशी ने 25 मार्च को एक आरडी खाता खुलवाने के लिए संबंधित पोस्टमैन को दो हजार रुपए दिए थे। उनका कहना है कि उन्होंने केवल एक खाता खुलवाने के लिए दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए थे। आरोप है कि पोस्टमैन ने उसी फॉर्म का उपयोग करते हुए 26 मार्च को 100-100 रुपए की राशि के 20 अलग-अलग आरडी खाते खोल दिए। इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी तब सामने आई जब शुक्रवार को पोस्टमैन खुद 20 पासबुक लेकर मनोज जोशी के घर पहुंचा।
20 पासबुक देख ग्राहक हुआ हैरान
अचानक इतनी बड़ी संख्या में खाते देखकर पीड़ित हैरान रह गया और उसने पोस्टमैन से इस बारे में पूछताछ की। इस पर पोस्टमैन ने स्वीकार किया कि मार्च माह का लक्ष्य पूरा नहीं होने के कारण उसने ऐसा किया। उसने बताया कि विभाग की ओर से उसे 101 आरडी खाते खोलने का टारगेट दिया गया था, लेकिन 23 मार्च तक केवल 81 खाते ही खुल पाए थे। लक्ष्य पूरा करने के दबाव में उसने यह कदम उठाया।
20 खातों का संचालन करना मुश्किल
पीड़ित मनोज जोशी ने 20 खाते खोलने पर कड़ी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि एक साथ 20 खातों का संचालन करना, हर महीने जमा पर्चियां भरना और रिकॉर्ड संभालना उनके लिए संभव नहीं है। उन्होंने इस संबंध में स्थानीय पोस्ट ऑफिस पहुंचकर पोस्टमास्टर से शिकायत दर्ज कराई है और कार्रवाई की मांग की है।
विभाग ने जांच के दिए निर्देश
मामले को गंभीरता से लेते हुए डाक अधीक्षक जब्बार खां ने कहा कि घटना उनके संज्ञान में आ चुकी है। पूरे प्रकरण की जांच करवाई जा रही है और दोषी पाए जाने पर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल विभागीय जांच जारी है और पूरे मामले पर नजर रखी जा रही है।
पोस्टमैन ने स्वीकार की गलती
‘विभाग की ओर से मार्च माह में 101 आरडी खाते खोलने का लक्ष्य दिया गया था। 23 मार्च तक 81 खाते ही खुले थे और लक्ष्य पूरा करने का दबाव था। इसी कारण यह गलती हुई।’ -कैलाश मीना, पोस्टमैन
जांच के बाद होगी कार्रवाई
‘मामला संज्ञान में आया है। इसकी जांच कर उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।’ -जब्बार खां, डाक अधीक्षक


