दक्षिण कोरिया के साथ भारत ने बढ़ाया रक्षा सहयोग, साइबर सिक्योरिटी समेत कई अहम समझौतों पर लगी मुहर

दक्षिण कोरिया के साथ भारत ने बढ़ाया रक्षा सहयोग, साइबर सिक्योरिटी समेत कई अहम समझौतों पर लगी मुहर

Rajnath Singh South Korea Visit 2026: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में भारत और दक्षिण कोरिया के बीच बुधवार को कई महत्वपूर्ण समझौतों का आदान-प्रदान हुआ। इनमें डिफेंस साइबर सहयोग को बढ़ावा देने संबंधी समझौता, भारत के नेशनल डिफेंस कॉलेज और दक्षिण कोरिया की कोरिया नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी के बीच सहयोग तथा संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना अभियानों में सहयोग से जुड़े समझौते शामिल हैं।

दक्षिण कोरिया यात्रा के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वहां के रक्षा मंत्री आन ग्यू-बैक और डिफेंस एक्विजिशन प्रोग्राम एडमिनिस्ट्रेशन के मंत्री ली योंग-चेओल से महत्वपूर्ण मुलाकातें कीं। सियोल में हुई इन बैठकों में भारत और दक्षिण कोरिया के बीच रक्षा, रक्षा उद्योग, साइबर सुरक्षा, तकनीकी सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने पर व्यापक चर्चा हुई।

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि राजनाथ सिंह का यह दौरा भारत-दक्षिण कोरिया रक्षा संबंधों को नई गति देगा। साथ ही यह वार्ता हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सामरिक संतुलन, रक्षा सहयोग और तकनीकी साझेदारी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

नेशनल सेमेट्री ऑफ कोरिया में वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि

इन महत्वपूर्ण बैठकों से पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बुधवार सुबह सियोल स्थित नेशनल सेमेट्री ऑफ कोरिया पहुंचे, जहां उन्होंने देश के वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने पुष्प अर्पित कर उन सैनिकों को नमन किया, जिन्होंने अपने राष्ट्र की सेवा में सर्वोच्च बलिदान दिया। रक्षा मंत्री ने कहा कि वीर जवानों का साहस, समर्पण और देशभक्ति आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।

क्षेत्रीय शांति और रणनीतिक साझेदारी पर जोर

दक्षिण कोरियाई रक्षा मंत्री आन ग्यू-बैक के साथ वार्ता के बाद राजनाथ सिंह ने कहा कि दोनों देशों के बीच रक्षा और रणनीतिक सहयोग को और गहरा करने के लिए सकारात्मक और सार्थक चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि भारत और दक्षिण कोरिया क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और तकनीकी सहयोग के प्रति साझा प्रतिबद्धता रखते हैं। उन्होंने कहा कि भारत और दक्षिण कोरिया के बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी आने वाले समय में और अधिक मजबूत होगी तथा दोनों देश साझा हितों और क्षेत्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर मिलकर काम करते रहेंगे।

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